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भाव स्पष्ट कीजिए - हिति चित्त की द्वै थूँनी गिराँनी, मोह बलिंडा तूटा। - Hindi Course - A

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प्रश्न

भाव स्पष्ट कीजिए -

हिति चित्त की द्वै थूँनी गिराँनी, मोह बलिंडा तूटा।

एका वाक्यात उत्तर

उत्तर

ज्ञान की आँधी ने स्वार्थ तथा मोह दोनों स्तम्भों को गिरा कर समाप्त कर दिया तथा मोह रुपी छत को उड़ाकर चित्त को निर्मल कर दिया।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 9 A)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 9: साखियाँ एवं सबद - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ ९३]

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एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
पाठ 9 साखियाँ एवं सबद
प्रश्न अभ्यास | Q 13.1 | पृष्ठ ९३

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