मराठी

भाव स्पष्ट कीजिए−पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुवा, पंडित भया न कोइ। - Hindi Course - B

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

भाव स्पष्ट कीजिए
पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुवापंडित भया न कोइ।

टीपा लिहा

उत्तर

कवि के अनुसार बड़े ग्रंथशास्त्र पढ़ने भर से कोई ज्ञानी नहीं होता। अर्थात ईश्वर की प्राप्ति नहीं कर पाता। प्रेम से इश्वर का स्मरण करने से ही उसे प्राप्त किया जा सकता है। प्रेम में बहुत शक्ति होती है।

shaalaa.com
साखी
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1.1: साखी - प्रश्न-अभ्यास (ख) [पृष्ठ ६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Sparsh Part 2 Class 10
पाठ 1.1 साखी
प्रश्न-अभ्यास (ख) | Q 4 | पृष्ठ ६

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
मीठी वाणी बोलने से औरों को सुख और अपने तन को शीतलता कैसे प्राप्त होती है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
ईश्वर कण-कण में व्याप्त हैपर हम उसे क्यों नहीं देख पाते?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
संसार में सुखी व्यक्ति कौन है और दुखी कौनयहाँ 'सोनाऔर 'जागनाकिसके प्रतीक हैंइसका प्रयोग यहाँ क्यों किया गया हैस्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
अपने स्वभाव को निर्मल रखने के लिए कबीर ने क्या उपाय सुझाया है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
'ऐकै अषिर पीव कापढ़ै सु पंडित होईइस पंक्ति द्वारा कवि क्या कहना चाहता है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
कबीर की उद्धृत साखियों की भाषा की विशेषता स्पष्ट कीजिए।


भाव स्पष्ट कीजिए
बिरह भुवंगम तन बसै, मंत्र न लागै कोइ।


भाव स्पष्ट कीजिए
कस्तूरी कुंडलि बसै, मृग ढूँढै बन माँहि।


पाठ में आए निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रुप उदाहरण के अनुसार लिखिए।
उदाहरण − जिवै - जीना
औरन, माँहि, देख्या, भुवंगम, नेड़ा, आँगणि, साबण, मुवा, पीव, जालौं, तास।


ऐसी बाँणी बोलिये’ के माध्यम से कबीर कैसी वाणी बोलने की सीख दे रहे हैं और क्यों?


‘ऐसैं घटि घटि राँम है’ के माध्यम से कबीर ने मनुष्य को किस सत्यता से परिचित किया है?


सब अँधियारा मिटि गया’ यहाँ किस अँधियारे की ओर संकेत किया गया है? यह अँधियारा कैसे दूर हुआ?


राम वियोगी की दशा कैसी हो जाती है? स्पष्ट कीजिए।


निंदक के बारे में कबीर की राय समाज से पूरी तरह भिन्न थी। स्पष्ट कीजिए।


कबीर और मीरा की भक्ति की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:

कबीर ने निंदक को पास रखने की सलाह क्यों दी है? क्या यह सलाह आपको उचित प्रतीत होती है? कारण सहित स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सर्वाधिक उचित उत्तर वाले विकल्‍प चुनकर लिखिए:

सुखिया सब संसार है, खायै अरू सोवै।
दुखिया दास कबीर है, जागै अरू रोवै।।
बिरह भुवंगम तन बसै, मंत्र न लागै कोइ।
राम बियोगी ना जिवै, जिवै तो बोरा होइ।।
  1. कबीरदास जी क्यों दुःखी हैं?
    (a) ईश्वर से बिछुड़ने के कारण।
    (b) ईश्वर को प्राप्त न कर सकने के कारण।
    (c) विषय-वासनाओं में लिप्त मनुष्यों को देखकर।
    (d) ईश्वर भजन में लिप्त मनुष्यों को देखकर।
  2. 'सोना' और 'जागना' क्रमशः किसके प्रतीकार्थ हैं?
    (a) निद्रा और अनिद्रा के
    (b) अंधकार और प्रकाश के
    (c) अज्ञान और ज्ञान के
    (d) दुःख और सुख के 
  3. किस व्यक्ति पर 'मंत्र' का कोई प्रभाव नहीं दिखाई देता?
    (a) जिसका मन सांसारिक विषय-वासनाओं में लिप्त हो।
    (b) जिसका मन अहंकार की भावना से भरा हो।
    (c) जिसके मन में विरह रूपी सर्प ने घर बसा लिया हो।
    (d) जिसके मन में मिलन रूपी सर्प ने घर बसा लिया हो।
  4. कबीरदास जी के अनुसार 'बौरा' कौन है?
    (a) जिसे प्रभु का साक्षात्कार हो गया है।
    (b) जो प्रभु से विलग रहना चाहता है।
    (c) जो प्रभु की दिन-रात सेवा कर रहा है।
    (d) जो प्रभु के वियोग में जीवन व्यतीत कर रहा है।
  5. 'मंत्र न लगना' का अर्थ हैः
    (a) पीड़ित व्यक्ति का स्वस्थ न होना
    (b) विष का प्रभाव कम न होना
    (c) मंत्र सिद्ध न होना
    (d) कोई उपाय काम न आना

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×