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भव्य पुरुष ने कहा - 'जहाँ अंधकार है वहीं प्रकाश है।' इसका क्या तात्पर्य है? - Hindi (Elective)

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प्रश्न

भव्य पुरुष ने कहा - 'जहाँ अंधकार है वहीं प्रकाश है।' इसका क्या तात्पर्य है?

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

इस पंक्ति का अभिप्राय है कि अंधकार और प्रकाश एक सिक्के के दो पहलू हैं। अंधकार के अस्तित्व को समाप्त करने के लिए प्रकाश का होना आवश्यक है। अंतः जहाँ अंधकार रहेगा, वहाँ प्रकाश भी विद्यमान होगा। जहाँ प्रकाश होगा, वहाँ अंधकार भी होगा। प्रकाश का महत्व भी तभी हैं, जब अंधकार है। भव्य पुरुष उस अंधकार की बात कर रहा है, जो मनुष्य के मन के भीतर विद्यमान है। इससे मनुष्य सोचने-समझने की शक्ति खो देता है। यह अंधकार दुख तथा निराशा से उपजता है। इसे ज्ञान रूपी प्रकाश से दूर किया जा सकता है।

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टॉर्च बेचनेवाले
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पाठ 1.3: टार्च बेचनेवाले - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ४१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Antar Class 11
पाठ 1.3 टार्च बेचनेवाले
प्रश्न-अभ्यास | Q 4. | पृष्ठ ४१

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