मराठी

'व्यंग्य विधा में भाषा सबसे धारदार है।' परसाई जी की इस रचना को आधार बनाकर इस कथन के पक्ष में अपने विचार प्रकट कीजिए। - Hindi (Elective)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

'व्यंग्य विधा में भाषा सबसे धारदार है।' परसाई जी की इस रचना को आधार बनाकर इस कथन के पक्ष में अपने विचार प्रकट कीजिए।

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

यह बिलकुल सत्य है कि व्यंग्य विधा में भाषा सबसे धारदार है। परसाई जी की 'टार्च बेचनेवाले' ऐसी ही एक रचना है। इसमें परसाई जी ने एक साधारण कहानी में दो स्थितियों में व्यंग्य का समावेश किया है। इसे पढ़कर पाठक हैरान और प्रसन्न हो जाता है। आज के समय में धर्म के नाम पर लोगों को ठगने का व्यापार हो रहा है। यह व्यापार बहुत फल-फूल भी रहा है। ऐसे में एक लेखक का कर्तव्य बनता है कि वह लोगों में इस विषय पर जागरूकता फैलाए। जागरूकता ऐसी होनी चाहिए जिसमें सच्चाई भी शामिल हो और लोगों की भावनाएँ आहत भी न हो । परसाई जी इस विधा के महारथी हैं। उन्हें एक ही बात को दो अलग-अलग लोगों के माध्यम से भाषा में ऐसा बोला है कि भाव बदलता नहीं है। बस स्थिति बदलती है। वह ऐसा धारदार हथियार बन जाता है कि लोग हैरान रह जाते हैं।

shaalaa.com
टॉर्च बेचनेवाले
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1.3: टार्च बेचनेवाले - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ४१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Antar Class 11
पाठ 1.3 टार्च बेचनेवाले
प्रश्न-अभ्यास | Q 7. | पृष्ठ ४१

संबंधित प्रश्‍न

लेखक ने टार्च बेचनेवाली कंपनी का नाम 'सूरज छाप' ही क्यों रखा?


पाँच साल बाद दोनों दोस्तों की मुलाकात किन परिस्थितियों में और कहाँ होती है?


पहला दोस्त मंच पर किस रूप में था और वह किस अँधेरे को दूर करने के लिए टार्च बेच रहा था?


भव्य पुरुष ने कहा - 'जहाँ अंधकार है वहीं प्रकाश है।' इसका क्या तात्पर्य है?


भीतर के अँधेरे की टार्च बेचने और 'सूरज छाप' टार्च बेचने के धंधे में क्या फ़र्क है? पाठ के आधार पर बताइए।


'सवाल के पाँव ज़मीन में गहरे गड़े हैं। यह उखड़ेगा नहीं।' इस कथन में मनुष्य की किस प्रवृत्ति की ओर संकेत है और क्यों?


आशय स्पष्ट कीजिए -

क्या पैसा कमाने के लिए मनुष्य कुछ भी कर सकता है?


आशय स्पष्ट कीजिए -

प्रकाश बाहर नहीं है, उसे अंतर में खोजो। अंतर में बुझी उस ज्योति को जगाओ।


आशय स्पष्ट कीजिए -

धंधा वही करूँगा, यानी टार्च बेचूँगा। बस कंपनी बदल रहा हूँ।


लेखक ने ‘सूरज छाप’ टॉर्च को नदी में क्यों फेंक दिया? क्या आप भी वही करते? 


टॉर्च बेचने वाले किस प्रकार की स्किल प्रयोग करते हैं? इसका 'स्किल इंडिया’ प्रोग्राम से कोई संबंध है?


'पैसा कमाने की लिप्सा ने आध्यामत्मिकता को भी एक व्यापार बना दिया है।' इस विषय पर कक्षा में परिचर्चा कीजिए।


समाज में फैले अंधविश्वासों का उल्लेख करते हुए एक लेख लिखिए।


एन.सी.ई.आर.टी. द्वारा हरिशंकर परसाई पर बनाई गई फ़िल्म देखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×