Advertisements
Advertisements
प्रश्न
धातु-तालिकां पूरयत
लकारा : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
लृट् | गमिष्यसि | ______ | ______ | मध्यमः |
उत्तर
लकारा : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
लृट् | गमिष्यसि | गमिष्यथ: | गमिष्यथ | मध्यमः |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
सङ्ख्याः अक्षरैः/अङ्कंः लिखत ।
षट्सप्ततिः - ______
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् विरुद्धार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
सुकृतम् - ______
योग्यं पर्यायं चिनुत ।
उद्याने ______ वृक्षाः सन्ति।
सुचननुसारं कृतीः कुरुत ।
पृथुवैन्यस्य निःस्पृहतां ज्ञात्वा स्तुतिगायकाः प्रसन्नाः अभवन् । (पूर्वकालवाचक -त्वान्त- अव्ययं निष्कासयत ।)
मेलनं कुरुत ।
विशेषणम् | कृशाः | उर्वरा | आनन्दिताः | दुःशासकः | प्रजाहितदक्षः |
विशेष्यम् | पृथुः | वेनः | प्रजाः | भूमिः | प्रजाजनाः |
सन्धिविग्रह कुरुत।
उदर एव ।
प्रश्रनिमांण करुत ।
प्रदोषकाले मृगमन्विष्यन् काकः कत्र उपस्थितः ।
सन्धिविग्रहं कुरुत ।
बकास्तत्र
समासविग्रहं कुरुत-
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
चिन्ताकुल : | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
विविधबीजानि | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
शुकसारिका: | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
क्रियासिद्धिः | ______ | _____ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
सुदासः सुगतचरणाभ्यां कमलं समर्पितवान् । (वाच्यपरिवर्तनं कुरुत ।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत ।
वयं महाभागस्य नामधेयं जानीमः । (वाच्यपरिवर्तनं कुरुत ।)
नामतालिकां पूरयत ।
ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
ग्राव्णे | ______ | ______ | चतुर्थी |
क्रियापदतालिकां पूरयत
ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
______ | ______ | अभाषध्वम् | मध्यमः | लङ् |
समासविग्रहं कुरुत ।
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
बालसूर्यबिम्बम् | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
नीरजम् | ______ | ______ |
तालिकां पूरयत
धातवः | अर्थ : | लकार : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
दा (३ उ.) | यच्छति | लट् लोट् |
______ | ददाते ददते |
दत्तम् दत्त |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
अहं बालैः सह पत्रक्रीडायां मनः आसम् ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
पत्रक्रीडायां मनः आसम् अहम् । (बहुवचने लिखत।)
नाम-तालिकापूर्ति कुरुत
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
______ | गृध्रौ | ______ | द्वितीया |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
सीता वनस्पतिगतं गृधं ददर्श (लङ्-लकारे परिवर्तयत ।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत
आचार्यः स्तोत्रं रचितवान् ।
वयं कार्यरता: स्याम ।
(लोट् लकारे परिवर्तयत ।)
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
पन्नगभूषण: | ______ | ______ |
सर्वनामतालिकां पूरयत ।
एव् | द्विव | बव | विभक्तिः |
एतेन | ______ | ______ | तृतीया |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
सहते | ______ | ______ | प्रथमः | लद् |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
______ | ______ | गमिष्यामः | उतमः | लट् |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत । -
षट्त्रिंशत् - ______
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
सप्तनवतिः - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
४८ - ______
लकारं लिखत ।
वयं वृत्त्यर्थं कार्यरताः स्याम ।
समानार्थकशब्दान् लिखत।
गृहम् - ______।
मञ्जूषातः क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथवकुरुत।
क्रियापदम् | धातुसाधित -विशेषणम् |
______ | ______ |
(मञ्जूषा - अकथयत्, मुक्तः, जानाति, भेतव्यम्, वहतु)
समासविग्रहं कुरुत।
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
अल्पधी: | ______ | ______ |
सङ्ख्या अक्षरै: लिखत।
१८
मञ्जूषात: नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
नाम | सर्वनाम |
______ | ______ |
(मञ्जूषा - अरण्ये, वयम्, नदी, ता:, रथै:)
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
मृगः = ______।