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प्रश्न
एक सोडियम परमाणु का आमाप लगभग 2.5 Å मानते हुए उसके माध्य द्रव्यमान घनत्व का अनुमान लगाइए। (सोडियम के परमाण्वीय द्रव्यमान तथा आवोगाद्रो संख्या के ज्ञात मान का प्रयोग कीजिए)। इस घनत्व की क्रिस्टलीय प्रावस्था में सोडियम के घनत्व 970 kg m-3 के साथ तुलना कीजिए। क्या इन दोनों घनत्वों के परिमाण की कोटि समान है? यदि हाँ, तो क्यों?
उत्तर
सोडियम परमाणु का आमाप (त्रिज्या) = 2.5 Å = 2.5 × 10-10 m
सोडियम का ग्राम परमाणु भार = 23 g = 23 × 10-3 kg
एक ग्राम परमाणु में परमाणुओं की संख्या 6.023 × 1023 होती है।
∴ सोडियम के एक परमाणु का द्रव्यमान = `(23 xx 10^-3 "kg")/(6.023 xx 10^23)`
= 3.82 × 10-26 kg
एक परमाणु का आयतन = `4/3pi"r"^3`
= `4/3 xx 3.14 xx (2.5 xx 10^-10 "m"^3`)`
= `65.42 xx 10^-30 "m"^3`
सोडियम परमाणु का द्रव्यमान घनत्व = `"एक परमाणु का द्रव्यमान"/"एक परमाणु का आयतन"`
= `(3.82 xx 10^-26 "kg")/(65.42 xx 10^-30 "m"^3)`
= 0.584 × 103 kg/m3
= 584 kg/m3
क्रिस्टलीय अवस्था में सोडियम का घनत्व = 970 kg/m3
= 9.7 × 102 kg/m3
स्पष्ट है कि परमाणु का द्रव्यमान घनत्व तथा ठोस प्रावस्था में सोडियम का घनत्व दोनों 103 की कोटि के हैं। इसका अर्थ यह है कि ठोस प्रावस्था में परमाणुओं के बीच खाली स्थान नगण्य होता है, अर्थात् ठोस प्रावस्था में परमाणु दृढ़तापूर्वक संकुलित होते हैं।
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