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प्रश्न
एक ठोस गोला, भिन्न नति के दो आनत तलों पर एक ही ऊँचाई से लुढ़कने दिया जाता है।
- क्या वह दोनों बार समान चाल से तली में पहुँचेगा?
- क्या उसको एक तल पर लुढ़कने में दूसरे से अधिक समय लगेगा?
- यदि हाँ, तो किस पर और क्यों?
उत्तर
- θ झुकाव कोण तथा h ऊँचाई के आनत तल पर लुढ़कने वाले सममित पिण्ड का पृथ्वी तल पर पहुँचने पर वेग ν हो तो –
`"ν"^2 = (2 "gh")/(1 + ("K"^2/"R"^2))`
जहाँ R = वस्तु की त्रिज्या तथा K = घूर्णन त्रिज्या
परन्तु गोले के लिए, `"MK"^2 = 2/5 "MR"^2 ⇒ "K"^2/"R"^2 = 2/5`
अतः `"ν"^2 = (2 "gh")/(1 + (2/5))` या
`"ν"^2 = 10/7 "gh"`
यहाँ पर स्पष्ट है कि गोले को तली पर पहुँचने का वेग आनत तल के झुकाव कोण 8 पर निर्भर नहीं करता, अतः गोला दोनों आनत तलों की तली पर समान चाल से पहुँचेगा। - यदि आनत तल की लम्बाई s हो तथा गोले द्वारा तली तक पहुँचने में लिया गया समय t हो तो –
`"s" = 1/2 "αt"^2 => "t" = sqrt((2"s")/"α")`
गोले का त्वरण, α = `("g" "sin" θ)/(1 + "K"^2/"R"^2) = ("g" "sin" θ)/(1 + 2/5) = 5/7 "g" "sin" θ`
परन्तु चित्र से, `"s" = "h"/("sin" θ)` ∴ समय, `"t" = sqrt((2 xx "h" // "sin" θ)/((5 "g" "sin" θ)//7))`
अथवा `"t" =[sqrt((14"h")/(5"g"))] xx 1/("sin" θ) => "t" ∝ 1/("sin" θ)`
चूँकि लिया गया समय आनत तल के झुकाव कोण पर निर्भर करता है, अतः दोनों तलों पर लुढ़कने का समय भिन्न-भिन्न होगा। - चूंकि t α 1/sin θ तथा 8 का मान बढ़ने से sin θ का मान बढ़ता है।
अतः θ के कम मान के लिए sin θ का मान कम होने के कारण t का मान अधिक होगा अर्थात् कम ढाल वाले तल पर लुढ़कने में लिया गया समय अधिक होगा।
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सूत्र `"ν"^2 = (2 "gh")/((1 + "k"^2//"R"^2))` को गतिकीय दृष्टि (अर्थात् बलों तथा बल-आघूर्णों विचार) से व्युत्पन्न कीजिए। जहाँ ν लोटनिक गति करते पिंड (वलय, डिस्क, बेलन या गोला) का आनत तल की तली में वेग है। आनत तल पर h वह ऊँचाई है जहाँ से पिण्ड गति प्रारंभ करता है। K सममित अक्ष के परितः पिंड की घूर्णन त्रिज्या है और R पिंड की त्रिज्या है।
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नीचे दिए गए प्रकथन को ध्यानपूर्वक पढिए तथा कारण सहित उत्तर दीजिए कि सत्य है या असत्य?
लोटनिक गति करते समय घर्षण बल उसी दिशा में कार्यरत होता है जिस दिशा में पिण्ड का द्रव्यमान केंद्र गति करता है।
नीचे दिए गए प्रकथन को ध्यानपूर्वक पढिए तथा कारण सहित उत्तर दीजिए कि सत्य है या असत्य?
लोटनिक गति करते समय संपर्क बिंदु की तात्क्षणिक चाल शून्य होती है।
नीचे दिए गए प्रकथन को ध्यानपूर्वक पढिए तथा कारण सहित उत्तर दीजिए कि सत्य है या असत्य?
परिशुद्ध लोटनिक गति के लिए घर्षण के विरुद्ध किया गया कार्य शून्य होता है।
नीचे दिए गए प्रकथन को ध्यानपूर्वक पढिए तथा कारण सहित उत्तर दीजिए कि सत्य है या असत्य?
किसी पूर्णतः घर्षणरहित आनत समतल पर नीचे की ओर गति करते पहिये की गति फिसलन गति (लोटनिक गति नहीं) होगी।