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Solutions for Chapter 7: कणों के निकाय तथा घूर्णी गति
Below listed, you can find solutions for Chapter 7 of CBSE NCERT for Physics [Hindi] Class 11.
NCERT solutions for Physics [Hindi] Class 11 7 कणों के निकाय तथा घूर्णी गति अभ्यास [Pages 182 - 186]
एकसमान द्रव्यमान घनत्व के निम्नलिखित पिण्डों में प्रत्येक के द्रव्यमान केंद्र की अवस्थिति लिखिए:
- गोला
- सिलिंडर
- छल्ला तथा
- घन।
क्या किसी पिण्ड का द्रव्यमान केंद्र आवश्यक रूप से उस पिण्ड के भीतर स्थित होता है?
HCl अणु में दो परमाणुओं के नाभिकों के बीच पृथकन लगभग 1.27 A (1Å = 10-10 m) है। इस अणु के द्रव्यमान केंद्र की लगभग अवस्थिति ज्ञात कीजिए। यह ज्ञात है कि क्लोरीन का परमाणु हाइड्रोजन के परमाणु की तुलना में 35.5 गुना भारी होता है तथा किसी परमाणु का समस्त द्रव्यमान उसके नाभिक पर केंद्रित होता है।
कोई बच्चा किसी चिकने क्षैतिज फर्श पर एकसमान चाल ν से गतिमान किसी लंबी ट्रॉली के एक सिरे पर बैठा है। यदि बच्चा खड़ा होकर ट्रॉली पर किसी भी प्रकार से दौड़ने लगता है, तब निकाय (ट्रॉली + बच्चा) के द्रव्यमान केंद्र की चाल क्या है?
दर्शाइए कि a एवं b के बीच बने त्रिभुज का क्षेत्रफल a × b के परिमाण का आधा है।
दर्शाइए कि a. (b × c) का परिमाण तीन सदिशों a, b तथा c से बने समांतर षट्फलक के आयतन के बराबर है।
एक कण, जिसके स्थिति सदिश r के x, y, z अक्षों के अनुदिश अवयव क्रमशः x, y, z हैं और रेखीय संवेग सदिश P के अवयव px, py, pz हैं, के कोणीय संवेग l के अक्षों के अनुदिश अवयव ज्ञात कीजिए। दर्शाइए कि यदि कण केवल x - y तल में ही गतिमान हो तो। कोणीय संवेग का केवल z – अवयव ही होता है।
दो कण जिनमें से प्रत्येक का द्रव्यमान m एवं चाल ν है, d दूरी पर समान्तर रेखाओं के अनुदिश, विपरीत दिशाओं में चल रहे हैं। दर्शाइए कि इस द्विकण निकाय का सदिश कोणीय संवेग समान रहता है, चाहे हम जिस बिन्दु के परितः कोणीय संवेग लें।
W भार की एक असंमांग छड़ को, उपेक्षणीय भार वाली दो डोरियों से चित्र में दर्शाए अनुसार लटका कर विरामावस्था में रखा गया है। डोरियों द्वारा ऊध्र्वाधर से बने कोण क्रमशः 36.9° एवं 53.1° हैं। छड़ 2 m लम्बाई की है। छड़ के बाएँ सिरे से इसके गुरुत्व केन्द्र की दूरी d ज्ञात कीजिए।
एक कार का भार 1800 kg है। इसकी अगली और पिछली धुरियों के बीच की दूरी 1.8 m है। इसका गुरुत्व केन्द्र, अगली धुरी से 1.05 m पीछे है। समतल धरती द्वारा इसके प्रत्येक अगले और पिछले पहियों पर लगने वाले बल की गणना कीजिए।
किसी गोले का, इसके किसी व्यास के परितः जड़त्व - आघूर्ण 2MR2/5 है, जहाँ M गोले का द्रव्यमान एवं R इसकी त्रिज्या है। गोले पर खींची गई स्पर्श रेखा के परितः इसका जड़त्व - आघूर्ण ज्ञात कीजिए।
M द्रव्यमान एवं R त्रिज्या वाली किसी डिस्क का इसके किसी व्यास के परित; जड़त्व-आघूर्ण MR2 /4 है। डिस्क के लम्बवत् इसकी कोर से गुजरने वाली अक्ष के परितः इस चकती का जड़त्व-आघूर्ण ज्ञात कीजिए।
समान द्रव्यमान और त्रिज्या के एक खोखले बेलन और एक ठोस गोले पर समान परिमाण के बल-आघूर्ण लगाए गए हैं। बेलन अपनी सामान्य सममित अक्ष के परितः घूम सकता है और गोला अपने केन्द्र से गुजरने वाली किसी अक्ष के परितः। एक दिए गए समय के बाद दोनों में कौन अधिक कोणीय चाल प्राप्त कर लेगा?
20 kg द्रव्यमान का कोई ठोस सिलिंडर अपने अक्ष के परितः 100 rad s-1 की कोणीय चाल से घूर्णन कर रहा है। सिलिंडर की त्रिज्या 0.25 m है। सिलिंडर के घूर्णन से संबद्ध गतिज ऊर्जा क्या है? सिलिंडर का अपने अक्ष के परितः कोणीय संवेग का परिमाण क्या है?
- कोई बच्चा किसी घूर्णिका (घूर्णीमंच) पर अपनी दोनों भुजाओं को बाहर की ओर फैलाकर खड़ा है। घूर्णिका को 40 rev/min की कोणीय चाल से घूर्णन कराया जाता है। यदि बच्चा अपने हाथों को वापस सिकोड़ कर अपना जड़त्व-आघूर्ण अपने आरंभिक जड़त्व-आघूर्ण 2/5 गुना कर लेता है, तो इस स्थिति में उसकी कोणीय चाल क्या होगी? यह मानिए कि घूर्णिका की घूर्णन गति घर्षणरहित है।
- यह दर्शाइए कि बच्चे की घूर्णन की नयी गतिज ऊर्जा उसकी आरम्भिक घूर्णन की गतिज ऊर्जा से अधिक है। आप गतिज ऊर्जा में हुई इस वृद्धि की व्याख्या किस प्रकार करेंगे?
3 kg द्रव्यमान तथा 40 cm त्रिज्या के किसी खोखले सिलिंडर पर कोई नगण्य द्रव्यमान की रस्सी लपेटी गई है। यदि रस्सी को 30 N बल से खींचा जाए तो सिलिंडर का कोणीय त्वरण क्या होगा। रस्सी का रैखिक त्वरण क्या है? यह मानिए कि इस प्रकरण में कोई फिसलन नहीं है।
किसी घूर्णक (रोटर) की 200 rad s-1 की एकसमान कोणीय चाल बनाए रखने के लिए एक इंजन द्वारा 180 N m का बल-आघूर्ण प्रेषित करना आवश्यक होता है। इंजन के लिए आवश्यक शक्ति ज्ञात कीजिए। (नोट : घर्षण की अनुपस्थिति में एकसमान कोणीय वेग होने में यह समाविष्ट है कि बल-आघूर्ण शून्य है। व्यवहार में लगाए गए बल-आघूर्ण की। आवश्यकता घर्षणी बल-आघूर्ण को निरस्त करने के लिए होती है।) यह मानिए कि इंजन की दक्षता 100% है।
R त्रिज्या वाली समांग डिस्क से R/2 त्रिज्या का एक वृत्ताकार भाग काट कर निकाल दिया गया है। इस प्रकार बने वृत्ताकार सुराख का केन्द्र मूल डिस्क के केन्द्र से R/2 दूरी पर है। अवशिष्ट डिस्क के गुरुत्व केन्द्र की स्थिति ज्ञात कीजिए।
एक मीटर छड़ के केन्द्र के नीचे क्षुर-धार रखने पर वह इस पर संतुलित हो जाती है जब दो सिक्के, जिनमें प्रत्येक का द्रव्यमान 5 g है, 12.0 cm के चिह्न पर एक के ऊपर एक रखे जाते हैं तो छड़ 45.0 cm चिह्न पर संतुलित हो जाती है। मीटर छड़ का द्रव्यमान क्या है?
एक ठोस गोला, भिन्न नति के दो आनत तलों पर एक ही ऊँचाई से लुढ़कने दिया जाता है।
- क्या वह दोनों बार समान चाल से तली में पहुँचेगा?
- क्या उसको एक तल पर लुढ़कने में दूसरे से अधिक समय लगेगा?
- यदि हाँ, तो किस पर और क्यों?
2 m त्रिज्या के एक वलय (छल्ले) का भार 100 kg है। यह एक क्षैतिज फर्श पर इस प्रकार लोटनिक गति करता है कि इसके द्रव्यमान केन्द्र की चाल 20 cm/s हो। इसको रोकने के लिए कितना कार्य करना होगा ?
ऑक्सीजन अणु का द्रव्यमान 5.30 × 10-26 kg है तथा इसके केन्द्र से होकर गुजरने वाली और इसके दोनों परमाणुओं को मिलाने वाली रेखा के लम्बवत् अक्ष के परितः जड़त्व-आघूर्ण 1.94 × 10-46 kg-m2 है। मान लीजिए कि गैस के ऐसे अणु की औसत चाल 500 m/s है और इसके घूर्णन की गतिज ऊर्जा, स्थानान्तरण की गतिज ऊर्जा की दो-तिहाई है। अणु का औसत कोणीय वेग ज्ञात कीजिए।
एक बेलन 30° कोण बनाते आनत तल पर लुढ़कता हुआ ऊपर चढ़ता है। आनत तल की तली में बेलन के द्रव्यमान केन्द्र की चाल 5 m/s है।
- आनत तल पर बेलन कितना ऊपर जाएगा?
- वापस तली तक लौट आने में इसे कितना समय लगेगा?
जैसा चित्र में दिखाया गया है, एक खड़ी होने वाली सीढी के दो पक्षों BA और CA की लम्बाई 1.6m है और इनको A पर कब्जा लगाकर जोड़ा गया है। इन्हें ठीक बीच में 0.5m लम्बी रस्सी DE द्वारा बाँधा गया है। सीढ़ी BA के अनुदिश B से 1.2 m की दूरी पर स्थित बिन्दु F से 40 kg का एक भार लटकाया गया है। यह मानते हुए कि फर्श घर्षणरहित है और सीढी का भार उपेक्षणीय है, रस्सी में तनाव और सीदी पर फर्श द्वारा लगाया गया बल ज्ञात कीजिए।(g =9.8 m/s2 लीजिए)
[संकेत : सीढ़ी के दोनों ओर के संतुलन पर अलग-अलग विचार कीजिए]
कोई व्यक्ति एक घूमते हुए प्लेटफॉर्म पर खड़ा है। उसने अपनी दोनों बाहें फैला रखी हैं और उनमें से प्रत्येक में 5 kg भार पकड़ रखा है। प्लेटफॉर्म की कोणीय चाल 30 rev/min है। फिर वह व्यक्ति बाहों को अपने शरीर के पास ले आता है जिससे घूर्णन अक्ष से प्रत्येक भार की दूरी 90 cm से बदलकर 20 cm हो जाती है। प्लेटफॉर्म सहित व्यक्ति के जड़त्व आघूर्ण का मान 7.6 kg-m2 ले सकते हैं।
(a) उसका नया कोणीय वेग क्या है? (घर्षण की उपेक्षा कीजिए)
(b) क्या इस प्रक्रिया में गतिज ऊर्जा संरक्षित होती है? यदि नहीं, तो इसमें परिवर्तन का स्रोत क्या है?
10 g द्रव्यमान और 500 m/s चाल वाली बन्दूक की गोली एक दरवाजे के ठीक केन्द्र में टकराकर उसमें अंतः स्थापित हो जाती है। दरवाजा 1.0m चौड़ा है और इसका द्रव्यमान 12 kg है। इसके एक सिरे पर कब्जे लगे हैं और यह इनसे गुजरती एक ऊर्ध्वाधर अक्ष के परितः लगभग बिना घर्षण के घूम सकता है; गोली के दरवाजे में अन्तःस्थापना के ठीक बाद इसका कोणीय वेग ज्ञात कीजिए।
[संकेत : एक सिरे से गुजरती ऊध्र्वाधर अक्ष के परितः दरवाजे का जड़त्व-आघूर्ण ML2/3 है]
दो चक्रिकाएँ जिनके अपने-अपने अक्षों (चक्रिका के अभिलंबवत् तथा चक्रिका के केंद्र से गुजरने वाले) के परितः जड़त्व-आघूर्ण I1 तथा I2 हैं और जो ω1 तथा ω2 कोणीय चालों से घूर्णन कर रही हैं, को उनके घूर्णन अक्ष संपाती करके आमने-सामने लाया जाता है।
- इस दो चक्रिका निकाय की कोणीय चाल क्या है?
- यह दर्शाइए कि इस संयोजित निकाय की गतिज ऊर्जा दोनों चक्रिकाओं की आरंभिक गतिज ऊर्जाओं के योग से कम है। ऊर्जा में हुई इस हानि की आप कैसे व्याख्या करेंगे? ω1 ≠ ω2 लीजिए।
लम्बवत् अक्षों के प्रमेय की उपपत्ति करें। [संकेत:(x, y) तल के लम्बवत् मूल बिन्दु से गुजरती अक्ष से किसी बिन्दु x – y की दूरी का वर्ग (x2 + y2) है।
समांतर अक्षों के प्रमेय की उपपत्ति करें। [संकेत : यदि द्रव्यमान केन्द्र को मूलबिन्दु ले लिया जाए ∑mi ri = 0]
सूत्र `"ν"^2 = (2 "gh")/((1 + "k"^2//"R"^2))` को गतिकीय दृष्टि (अर्थात् बलों तथा बल-आघूर्णों विचार) से व्युत्पन्न कीजिए। जहाँ ν लोटनिक गति करते पिंड (वलय, डिस्क, बेलन या गोला) का आनत तल की तली में वेग है। आनत तल पर h वह ऊँचाई है जहाँ से पिण्ड गति प्रारंभ करता है। K सममित अक्ष के परितः पिंड की घूर्णन त्रिज्या है और R पिंड की त्रिज्या है।
अपने अक्ष पर ω0 कोणीय चाल से घूर्णन करने वाली किसी चक्रिका को धीरे से (स्थानान्तरीय धक्का दिए बिना) किसी पूर्णतः घर्षणरहित मेज पर रखा जाता है। चक्रिका की त्रिज्या R , है। चित्र में दर्शाई चक्रिका के बिंदुओं A, B तथा C पर रैखिक वेग क्या हैं? क्या यह चक्रिका चित्र में दर्शाई दिशा में लोटनिक गति करेगी?
स्पष्ट कीजिए कि चित्र में अंकित दिशा में चक्रिका की लोटनिक गति के लिए घर्षण होना आवश्यक क्यों है?
- B पर घर्षण बल की दिशा तथा परिशुद्ध लुढ़कन आरंभ होने से पूर्व घर्षणी बल-आघूर्ण की दिशा क्या है?
- परिशुद्ध लोटनिक गति आरंभ होने के पश्चात् घर्षण बल क्या है?
10 cm त्रिज्या की कोई ठोस चक्रिका तथा इतनी ही त्रिज्या का कोई छल्ला किसी क्षतिज मेज पर एक ही क्षण 10 π rad s-1 की कोणीय चाल से रखे जाते हैं। इनमें से कौन पहले लोटनिक गति आरंभ कर देगा। गतिज घर्षण गुणांक µk =0.2।
10 kg द्रव्यमान तथा 15 cm त्रिज्या का कोई सिलिंडर किसी 30° झुकाव के समतल पर परिशुद्धतः लोटनिक गति कर रहा है। स्थैतिक घर्षण गुणांक µs = 0.25 है।
- सिलिंडर पर कितना घर्षण बल कार्यरत है?
- लोटन की अवधि में घर्षण के विरुद्ध कितना कार्य किया जाता है?
- यदि समतल के झुकाव θ में वृद्धि कर दी जाए तो के किस मान पर सिलिंडर परिशुद्धतः लोटनिक गति करने की बजाय फिसलना आरंभ कर देगा?
नीचे दिए गए प्रकथन को ध्यानपूर्वक पढिए तथा कारण सहित उत्तर दीजिए कि सत्य है या असत्य?
लोटनिक गति करते समय घर्षण बल उसी दिशा में कार्यरत होता है जिस दिशा में पिण्ड का द्रव्यमान केंद्र गति करता है।
सत्य
असत्य
नीचे दिए गए प्रकथन को ध्यानपूर्वक पढिए तथा कारण सहित उत्तर दीजिए कि सत्य है या असत्य?
लोटनिक गति करते समय संपर्क बिंदु की तात्क्षणिक चाल शून्य होती है।
सत्य
असत्य
नीचे दिए गए प्रकथन को ध्यानपूर्वक पढिए तथा कारण सहित उत्तर दीजिए कि सत्य है या असत्य?
लोटनिक गति करते समय संपर्क बिंदु का तात्क्षणिक त्वरण शून्य होता है।
सत्य
असत्य
नीचे दिए गए प्रकथन को ध्यानपूर्वक पढिए तथा कारण सहित उत्तर दीजिए कि सत्य है या असत्य?
परिशुद्ध लोटनिक गति के लिए घर्षण के विरुद्ध किया गया कार्य शून्य होता है।
सत्य
असत्य
नीचे दिए गए प्रकथन को ध्यानपूर्वक पढिए तथा कारण सहित उत्तर दीजिए कि सत्य है या असत्य?
किसी पूर्णतः घर्षणरहित आनत समतल पर नीचे की ओर गति करते पहिये की गति फिसलन गति (लोटनिक गति नहीं) होगी।
सत्य
असत्य
कणों के किसी निकाय की गति को इसके द्रव्यमान केन्द्र की गति और द्रव्यमान केन्द्र के परितः गति में अलग-अलग करके विचार करना। दर्शाइए कि –
- `"p" = "p"_"i"^"'" + "m"_"i""V"` जहाँ है `"p"_"i"` (mi द्रव्यमान वाले) i-वे कण का संवेग है और `"p"_"i"^"'" = "m"_"i""v"_"i"^"'"`। ध्यान दें कि `"v"_"i"^"'"` द्रव्यमान केन्द्र के सापेक्ष i – वे कण का वेग है। द्रव्यमान केन्द्र की परिभाषा का उपयोग करके यह भी सिद्ध कीजिए कि `∑"p"_"t"^"'" = "O"`
- `"K" = "K"^"'" + 1//2 "MV"^2` K कणों के निकाय की कुल गतिज ऊर्जा, K’ = निकाय की कुल गतिज ऊर्जा जबकि कणों की गतिज ऊर्जा द्रव्यमान केन्द्र के सापेक्ष ली जाए। MV2/2 सम्पूर्ण निकाय के (अर्थात् निकाय के द्रव्यमान केन्द्र के) स्थानान्तरण की गतिज ऊर्जा है।
- `"L" = "L"^"'" + "R" xx "MV"`
जहाँ `"L"^"'" = ∑"r"_"i"^"'" = "r"_"i" - "R"` : शेष सभी चिह्न अध्याय में प्रयुक्त विभिन्न राशियों के मानक चिह्न हैं। ध्यान दें कि `"L"^"'"` द्रव्यमान केन्द्र के परितः निकाय का कोणीय संवेग एवं MR × V इसके द्रव्यमान केन्द्र का कोणीय संवेग है। - `"dL"^"'"/"dt" = ∑"r"_"i"^"'" xx "dp"^"'"/"dt"`
यह भी दर्शाइए की `"dL"^"'"/"dt" = τ_"ext"^"'"`
(जहाँ `τ_"ext"^"'"`द्रव्यमान केन्द्र के परितः निकाय पर लगने वाले सभी बाह्य बल आघूर्ण हैं।)
[संकेत – दव्यमान केन्द की परिभाषा एवं न्यूटन के गति के तृतीय नियम का उपयोग कीजिए। यह मान लीजिए कि किन्ही दो कणों के बीच के आन्तरिक बल उनको मिलाने वाली रेखा के अनुदिश कार्य करते हैं।]
Solutions for 7: कणों के निकाय तथा घूर्णी गति
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NCERT solutions for Physics [Hindi] Class 11 chapter 7 - कणों के निकाय तथा घूर्णी गति
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