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ऑक्सीजन अणु का द्रव्यमान 5.30 × 10-26 kg है तथा इसके केन्द्र से होकर गुजरने वाली और इसके दोनों परमाणुओं को मिलाने वाली रेखा के लम्बवत् अक्ष के परितः जड़त्व-आघूर्ण 1.94 × 10-46 kg-m2 है। - Physics (भौतिक विज्ञान)

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प्रश्न

ऑक्सीजन अणु का द्रव्यमान 5.30 × 10-26 kg है तथा इसके केन्द्र से होकर गुजरने वाली और इसके दोनों परमाणुओं को मिलाने वाली रेखा के लम्बवत् अक्ष के परितः जड़त्व-आघूर्ण 1.94 × 10-46 kg-m2 है। मान लीजिए कि गैस के ऐसे अणु की औसत चाल 500 m/s है और इसके घूर्णन की गतिज ऊर्जा, स्थानान्तरण की गतिज ऊर्जा की दो-तिहाई है। अणु का औसत कोणीय वेग ज्ञात कीजिए।

संख्यात्मक

उत्तर

ऑक्सीजन अणु का द्रव्यमान M = 5.30 × 10-26 kg
इसका जड़त्व आघूर्ण  = 1.94 × 10-46 kg-m2
अणु की औसत चाल ν = 500 m/s

यहाँ घूर्णन गतिज ऊर्जा = `2/3` स्थानान्तरण गतिज ऊर्जा

`1/2 "I""ω"^2 = 2/3 (1/2 "Mν"^2)`  अथवा `1/2 "Iω"^2 = 1/2 "Mν"^2`

∴ ω = `sqrt((2/3)("Mν")^2/1) = [sqrt(2/3("M"/1))] × "ν"`

अतः ज्ञात राशियों के मान रखने पर,

कोणीय वेग, ω = `sqrt(((2 xx 5.30 xx 10^-26)/(3 xx 1.94 xx 10^-46))) xx 500   "m"//"s"`

= 6.75 × 1012 rad/s

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जड़त्व आघूर्ण
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पाठ 7: कणों के निकाय तथा घूर्णी गति - अभ्यास [पृष्ठ १८३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Physics [Hindi] Class 11
पाठ 7 कणों के निकाय तथा घूर्णी गति
अभ्यास | Q 7.20 | पृष्ठ १८३

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[संकेत : एक सिरे से गुजरती ऊध्र्वाधर अक्ष के परितः दरवाजे का जड़त्व-आघूर्ण ML2/3 है]


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  1. इस दो चक्रिका निकाय की कोणीय चाल क्या है?
  2. यह दर्शाइए कि इस संयोजित निकाय की गतिज ऊर्जा दोनों चक्रिकाओं की आरंभिक गतिज ऊर्जाओं के योग से कम है। ऊर्जा में हुई इस हानि की आप कैसे व्याख्या करेंगे? ω1 ≠ ω2 लीजिए।

समांतर अक्षों के प्रमेय की उपपत्ति करें। [संकेत : यदि द्रव्यमान केन्द्र को मूलबिन्दु ले लिया जाए ∑mi r= 0]


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