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प्रश्न
एक विद्युत टैक्नीशियन को 1 kV विभवान्तर के परिपथ में 2 μF संधारित्र की आवश्यकता है। 1 μF के संधारित्र उसे प्रचुर संख्या में उपलब्ध हैं जो 400 V से अधिक का विभवान्तर वहन नहीं कर सकते। कोई सम्भव विन्यास सुझाइए जिसमें न्यूनतम संधारित्रों की आवश्यकता हो।
उत्तर
माना हम प्रत्येक पंक्ति में n संधारित्र जोड़ते हैं तथा ऐसी m पंक्तियों को समान्तर क्रम में जोड़ते हैं।
श्रेणीक्रम में, 1 kV = 1000 V को विभवान्तर n संधारित्रों में बराबर बँट जाएगा।
प्रत्येक संधारित्र पर विभवान्तर = `1000/"n"`
`because 1000/"n" < 400 => 1000/400 < "n"`
⇒ 2.5 < n
∵ n न्यूनतम पूर्णांक है; अतः n = 3
प्रत्येक पंक्ति की धारिता = `1/"n" mu "F"` होगी।
समान्तर क्रम में जुड़ी ऐसी m पंक्तियों की धारिता
`1/"n" + 1/"n" + 1/"n" + ..... + "m"` पद = 2 μF
`=> "m"/"n" mu "F" = 2 mu "F"`
⇒ m = 2n = 2 × 3 = 6
हमें 3-3 संधारित्रों को श्रेणीक्रम में जोड़कर इस प्रकार की 6 पंक्तियाँ बनानी होंगी। अब इन 6 पंक्तियों को समान्तर क्रम में जोड़ना होगा।
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