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इस प्रेक्षण की अनुकूलता को कैसे समझाएँगे? यद्यपि क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट तथा अम्लीय पोटैशियम परमैंगनेट दोनों ही ऑक्सीकारक हैं। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

इस प्रेक्षण की अनुकूलता को कैसे समझाएँगे?

यद्यपि क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट तथा अम्लीय पोटैशियम परमैंगनेट दोनों ही ऑक्सीकारक हैं। फिर भी टॉलूईन से बेंजोइक अम्ल बनाने के लिए हम एल्कोहॉलक पोटैशियम परमैंगनेट का प्रयोग ऑक्सीकारक के रूप में क्यों करते हैं? इस अभिक्रिया के लिए संतुलित अपचयोपचय समीकरण दीजिए।

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

यदि टॉलूईन का ऑक्सीकरण क्षारीय अथवा अम्लीय KMnO4 द्वारा किया जाये तो ऑक्सीकरण को नियंत्रित करना कठिन होगा। इसमें मुख्य उत्पाद बेंजोइक ऐसिड (benzoic acid) के साथ-साथ सह अभिक्रियाओं (side reactions) द्वारा दूसरे उत्पाद भी प्राप्त होंगे। इसलिए टॉलूईन के ऑक्सीकरण के लिये क्षारीय अथवा अम्लीय KMnO4 के स्थान पर ऐल्कोहॉलिक KMnO4 को वरीयता दी जाती है। अपचयोपचय (redox reaction) अभिक्रिया नीचे दी गई है–

\[\ce{\underset{\text{Toluene}}{C6H5CH3} + 2K\overset{+7}{Mn}O4 -> 2KOH + 2\overset{+4}{Mn}O2 + \underset{\text{Benzoic acid}}{C6H5COOH}}\]

`["Average O.S. of C" = -8/7]["Average O.S. of C" = -2/7]`

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अपचयोपचय अभिक्रियाएँ
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पाठ 8: अपचयोपचय अभिक्रियाएँ - अभ्यास [पृष्ठ २७८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Chemistry - Part 1 and 2 [Hindi] Class 11
पाठ 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ
अभ्यास | Q 8.12 (क) | पृष्ठ २७८

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\[\ce{O3(g) + H2O2(l) -> H2O(l) + 2O2(g)}\]

बताइए कि इसे निम्नलिखित ढंग से लिखना ज्यादा उचित क्यों है?

\[\ce{O3(g) + H2O2(l) -> H2O(l) + O2(g) + O2(g)}\]

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\[\ce{2AgBr(s) + C6H6O2(aq) -> 2Ag(s) + 2HBr(aq) + C6H4O2(aq)}\]


निम्नलिखित अभिक्रियाओं में-

(क) \[\ce{H3PO2(aq) + 4AgNO3(aq) + 2H2O(l) -> H3PO4(aq) + 4Ag(s) +4HNO3(aq) }\]

(ख) \[\ce{H3PO2(aq) + 2CuSO4(aq) + 2H2O(l) -> H3PO4(aq) + 2Cu(s) + 2H2SO4(aq)}\]

(ग) \[\ce{C6H5CHO(l) + 2[Ag(NH3)2)]^+ (aq) + 3OH^-(aq) -> C6H5COO^-(aq) + 2Ag(s) + 4NH3(aq) + 2H2O(l)}\]

(घ) \[\ce{C6H5CHO(l) + 2Cu^2+(aq) + 5OH^-(aq)}\] कोई परिवर्तन नहीं।

इन अभिक्रियाओं से Ag+ तथा Cu2+ के व्यवहार के विषय में निष्कर्ष निकालिए।


आयन-इलेक्ट्रॉन विधि द्वारा निम्नलिखित रेडॉक्स अभिक्रियाओं को संतुलित कीजिए-

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आयन-इलेक्ट्रॉन विधि द्वारा निम्नलिखित रेडॉक्स अभिक्रिया को संतुलित कीजिए-

\[\ce{MnO^-_4(aq)  +SO2(g) -> Mn^2+(aq) + HSO^-_4(aq)}\] (अम्लीय माध्यम)


आयन-इलेक्ट्रॉन विधि द्वारा निम्नलिखित रेडॉक्स अभिक्रिया को संतुलित कीजिए-

\[\ce{H2O2(aq) + Fe^2+(aq) -> Fe^{3+}(aq) + H2O(l)}\] (अम्लीय माध्यम)


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