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प्रश्न
कहानी (जहाँ चाह, वहाँ राह) के शीर्षक की सार्थकता बताओ।
लघु उत्तर
उत्तर
इस कहानी में बताया गया है कि जब किसी मनुष्य के मन में कुछ पाने की चाहत होती है, तो उसके प्रयास से राह अपने-आप बन जाती है। ठीक इसी प्रकार येसंबा गाँव के बच्चों ने बरसात में नाले के भर जाने से होने वाली समस्या का हल निकालने के लिए एक पुल बनाने की ठानी और उनके इस साहस भरे कार्य में गाँव के सभी लोगों ने उनकी सहायता की। सबकी मेहनत से गाँव में पुल बन गया और वहाँ के सभी लोगों की कठिनाई हमेशा के लिए दूर हो गई। अत: इससे स्पष्ट होता है कि इस कहानी का शीर्षक 'जहाँ चाह, वहाँ राह' पूर्णतया सार्थक है।
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गद्य (7th Standard)
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?