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कहानी (जहाँ चाह, वहाँ राह) के शीर्षक की सार्थकता बताओ। - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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प्रश्न

कहानी (जहाँ चाह, वहाँ राह) के शीर्षक की सार्थकता बताओ।

लघु उत्तरीय

उत्तर

इस कहानी में बताया गया है कि जब किसी मनुष्य के मन में कुछ पाने की चाहत होती है, तो उसके प्रयास से राह अपने-आप बन जाती है। ठीक इसी प्रकार येसंबा गाँव के बच्चों ने बरसात में नाले के भर जाने से होने वाली समस्या का हल निकालने के लिए एक पुल बनाने की ठानी और उनके इस साहस भरे कार्य में गाँव के सभी लोगों ने उनकी सहायता की। सबकी मेहनत से गाँव में पुल बन गया और वहाँ के सभी लोगों की कठिनाई हमेशा के लिए दूर हो गई। अत: इससे स्पष्ट होता है कि इस कहानी का शीर्षक 'जहाँ चाह, वहाँ राह' पूर्णतया सार्थक है।

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गद्य (7th Standard)
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अध्याय 1.07: जहॉं चाह, वहाँ राह - अध्याय [पृष्ठ २१]

APPEARS IN

बालभारती Hindi - Sulabhbharati 7 Standard Maharashtra State Board
अध्याय 1.07 जहॉं चाह, वहाँ राह
अध्याय | Q (२) | पृष्ठ २१
बालभारती Integrated 7 Standard Part 2 [Marathi Medium] Maharashtra State Board
अध्याय 3.2 जहाँ चाह, वहाँ राह
अंतःपाठ प्रश्न | Q १४. २. | पृष्ठ ५६
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