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प्रश्न
ΔLMN की रचना इस प्रकार करें कि `angle`M = 60°, `angle`N = 80° तथा LM + MN + NL = 11 सेमी।
उत्तर
कच्ची आकृति:
स्पष्टीकरण:
इस आकृति में रेख MN पर बिंदु A तथा B इस प्रकार लीजिए कि AM = LM, NB = LN
∴ AB = AM + MN + NB = LM + MN + LN = 11 सेमी
अब ΔAML में AM = ML
∴ `angle`LAM = `angle`ALM तथा `angle`LAM + `angle`ALM = बहिष्कोण LMN = 60°. . . . (दूरस्थ अंतःकोण प्रमेय से)
`angle`LAM = `angle`ALM = 30° इसी प्रकार `angle`NBL = `angle`NLB = 40°
अब हम ΔALB की रचना कर सकते हैं।
क्योंकि इस त्रिभुज के दो कोण तथा उसमे समाविष्ट भुजा AB ज्ञात है।
∴ ML = MA
∴ बिंदु M के रेख LA के लंबसमद्विभाजक पर स्थित है तथा NL = NB
∴ बिंदु N रेख LB को लंबसमद्विभाजक पर स्थित है रेख LA तथा रेख LB के लंबसमद्विभाजक खींचें।
दोनो समद्विभाजक में रेख AB को जिन बिंदुओं पर प्रतिच्छेदित करती है वहाँ क्रमशः बिंदु M तथा बिंदु N प्राप्त होते हैं।
रचना के सोपान:
- 11 सेमी लंबाई वाला रेखाखंड AB खींचिए।
- बिंदु A से 30° माप का कोण बनाने वाली किरण खींचिए।
- बिंदु B से 40° माप का कोण बनाने वाली किरण खींचिए।
- दोनों किरणों के प्रतिच्छेदन बिंदु को L नाम दीजिए।
- रेख LA तथा रेख LB के लंबसमद्विभाजक खींचिए। वे रेखा AB को जिन बिंदुओं पर प्रतिच्छेदित करते हैं उन्हें क्रमशः M और N नाम दीजिए।
- रेख LM और रेख LN खींचिए।
Δ LMN यह अभीष्ट त्रिभुज है।