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प्रश्न
मञ्जूषातः विलोमपदानि चित्वा लिखत–
अपहाय - ______
पर्याय
अधुना
मित्रतायाः
लघुचेतसाम्
गृहीत्वा
दुःखिनः
दानवाः
उत्तर
अपहाय - गृहीत्वा
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लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
बन्धु: |
______ |
______ |
______ |
पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
घृणाया: |
______ |
______ |
______ |
पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
कुटुम्बकम् |
______ |
______ |
______ |
पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
रक्षायाम् |
______ |
______ |
______ |
पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
ज्ञानविज्ञानयोः | ______ | ______ | ______ |
कोष्ठकात् समुचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत-
______ उभयत: पुत्रौ स्त:।