मराठी

NaOH का 10 mL विलयन, HCl के 8 mL विलयन से पूर्णतः उदासीन हो जाता है। यदि हम NaOH के उसी विलयन का 20 mL लें तो इसे उदासीन करने के लिए HCl के उसी विलयन की कितनी मात्रा की आवश्यकता होगी? - Science (विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

NaOH का 10 mL विलयन, HCl के 8 mL विलयन से पूर्णतः उदासीन हो जाता है। यदि हम NaOH के उसी विलयन का 20 mL लें तो इसे उदासीन करने के लिए HCl के उसी विलयन की कितनी मात्रा की आवश्यकता होगी?

पर्याय

  • 4 mL

  • 8 mL

  • 12 mL

  • 16 mL

MCQ

उत्तर

16 mL

स्पष्टीकरण:

चूँकि 10 मिलीलीटर NaOH को 8 मिलीलीटर HCl की आवश्यकता होती है, इसलिए 20 मिलीलीटर NaOH को 8 × 2 = 16 मिलीलीटर HCl की आवश्यकता होगी।

shaalaa.com
अम्ल एवं क्षारक के रासायनिक गुणधर्म समझना
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2: अम्ल, क्षारक एवं लवण - अभ्यास [पृष्ठ ३८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Science [Hindi] Class 10
पाठ 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण
अभ्यास | Q 3. | पृष्ठ ३८

संबंधित प्रश्‍न

कोई धातु यौगिक ‘A’ तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है तो बुदबुदाहट उत्पन्न होती है। इससे उत्पन्न गैस जलती मोमबत्ती को बुझा देती है। यदि उत्पन्न यौगिकों में एक से कैल्सियम क्लोराइड हैं, तो इस अभिक्रिया के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।


अम्ल को तनुकृत करते समय यह क्यों अनुशंसित करते हैं कि अम्ल को जल में मिलाना चाहिए,न कि जल को अम्ल में?


एक जलीय विलयन लाल लिटमस को नीला कर देता है। निम्नलिखित में से किसके विलयन को आधिक्य में मिलाने पर यह परिवर्तन व्युत्क्रमित हो जाता है?


बेकिंग पाउडर का एक अवयव सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट है। इसका अन्य अवयव है ______ 


विद्युत्-अपघट्य के विद्युत चालकता के प्रदर्शन के प्रयास के लिए निम्नलिखित उपकरण लगाया गया।

निम्नलिखित में से कौन-सा (कौन-से) कथन सत्य है (हैं)?

  1. बल्ब नहीं चमकेगा क्योंकि विद्युत अपघट्य अम्ल नहीं है।
  2. बल्ब चमकेगा क्योंकि NaOH एक प्रबल क्षार है तथा चालन के लिए आयन उपलब्ध कराएगा।
  3. बल्ब नहीं चमकेगा क्योंकि परिपथ अपूर्ण है।
  4. बल्ब नहीं चमकेगा क्योंकि यह विद्युत-अपघट्य के विलयन के प्रकार पर निर्भर करता है।

गोल्ड को घोलने के लिए निम्नलिखित में से किसका उपयोग किया जाता है?


कॉलम (A) में दिए गए रासायनिक पदार्थों का सुमेलन कॉलम (B) में दिए गए उनके अनुप्रयोगों से कीजिए।

कॉलम (A)  कॉलम (B)
ब्लीचिंग पाउडर काँच का विरचन
बेकिंग सोडा H2 तथा Cl2 का उत्पादन 
धावन सोडा विरंजन
सोडियम क्लोराइड प्रति-अम्ल

सुमेलन का सही सेट है -


समान सांद्रता वाले हाइड्रोक्लोरिक अम्ल तथा सोडियम हाइड्रोक्साइड विलयनों के समान आयतनों की मिश्रित किया गया तथा परिणामी विलयन की pH को एक pH पेपर द्वारा जाँचा गया। कौन-सा रंग प्राप्त होगा?


सोडियम हाइड्रोक्साइड के निर्माण के लिए प्रयुक्त औद्योगिक प्रक्रमों में से एक में गैस X एक सह-उत्पाद के रूप में बनती है। गैस X चूने के पानी से अभिक्रिया यौगिक Y देती है जो की रासायनिक उद्योगों में विरंजक कारक के रूप में प्रयुक्त होता है। संबंधित अभिक्रिया एवं रासायनिक समीकरण देते हुए X तथा Y को पहचानिए।


एक धातु कार्बोनेट X, एक अम्ल से अभिक्रिया कर एक गैस देता है जो एक विलयन Y से गुजारने पर पुनः धातु कार्बोनेट देती है। वहीं दूसरी और एक गैस G जो की ब्राइन के विदयुत अपघटन पर ऐनोड पर प्राप्त होती है। शुष्क Y में से प्रवाहित करने पर एक यौगिक Z देती है जिसका उपयोग पेयजल को रोगाणुनाशी करने के लिए होता है। X, Y, G तथा Z को पहचानिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×