मराठी

पचे हुए भोजन को अवशोषित करने के लिए क्षुद्रांत्रा को कैसे अभिकल्पित किया गया है? - Science (विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

पचे हुए भोजन को अवशोषित करने के लिए क्षुद्रांत्रा को कैसे अभिकल्पित किया गया है?

टीपा लिहा

उत्तर

छोटी आंत में विली कहे जाने वाले लाखों छोटी उंगली जैसी उभार होते हैं। ये विली खाने के अधिक कुशल अवशोषण के लिए सतह क्षेत्र को बढ़ाते हैं। इन विलियों के भीतर कई रक्त वाहिकाएं होती हैं जो पचे हुए खाने को अवशोषित करती हैं और इसे रक्तप्रवाह में ले जाती हैं। रक्तप्रवाह से, अवशोषित खाना हर एक कोशिका तक पहुँचाया जाता है।

shaalaa.com
पोषण
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 6: जैव प्रक्रम - प्रश्न 2 [पृष्ठ १११]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Science [Hindi] Class 10
पाठ 6 जैव प्रक्रम
प्रश्न 2 | Q 5. | पृष्ठ १११

संबंधित प्रश्‍न

जीवों के निम्नलिखित वर्गों में से किस वर्ग के जीव खाद्य पदार्थों को शरीर के बाहर ही पचाकर उसका अवशोषण कर लेते हैं?


मानव के आहार नाल के विभिन्न भागों का सही क्रम कौन-सा है?


यदि लार में लार-ऐमाइलेज की कमी हो, तब मुख-गुहा में कौन-सी घटना प्रभावित होगी?


आमाशय का अस्तर निम्नलिखित में से एक की उपस्थिति के कारण सुरक्षित बना रहता है। सही उत्तर चुनिए।


आहार-नाल के किस भाग में भोजन अंतिम रूप में पचता है?


अग्न्याशय रस का कार्य निम्नलिखित में से कौन-सा है?


चूने के पानी से भरी परखनली में जब मुँह द्वारा फूँका जाता है तब चूने का पानी किसकी मौजूदगी के कारण दूधिया हो जाता है?


ऑक्सीजन की कमी से क्रिकेट के खिलाड़ियों की पेशियों में प्रायः खिंचाव उत्पन्न होने लगता हैऐसा इस कारण होता है -


माँसाहारियों की अपेक्षा शाकाहारियों की छोटी आँत लंबी क्यों होती है?


जीवधारियों में विखंडन के तीन पथों की व्याख्या कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×