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प्रश्न
पृथ्वी के पृष्ठ पर पहुँचने वाला सूर्यप्रकाश का ऊर्जा-अभिवाह (फ्लक्स) 1.388 x 103 W/m2 है। लगभग कितने फ़ोटॉन प्रति वर्ग मीटर प्रति सेकण्ड पृथ्वी पर आपतित होते हैं? यह मान लें कीकि सूर्य-प्रकाश में फ़ोटॉन का औसत तरंगदैर्घ्य 550 nm है।
उत्तर
प्रत्येक फ़ोटॉन की ऊर्जा, E = `"hc"/lambda`
यहाँ λ = 500 nm = 500 × 10-9 m
`therefore "E" = (6.63 xx 10^-34 xx 3 xx 10^8)/(550 xx 10^-9) = 3.62 xx 10^-19` J
पृथ्वी के पृष्ठ पर प्रति सेकण्ड प्रति वर्ग मीटर आपती फ़ोटॉनों की संख्या
`= "प्रति वर्ग मीटर प्रति सेकण्ड आपतित कुल ऊर्जा"/"एक फ़ोटॉन की ऊर्जा"`
`= (1.388 xx 10^3)/(3.62 xx 10^-19)`
= 3.8 × 1021
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एक 100 w सोडियम बल्ब (लैम्प) सभी दिशाओं में एकसमान ऊर्जा विकिरित करता है। लैम्प को एक ऐसे बड़े गोले के केन्द्र पर रखा गया है जो इस पर आपतित सोडियम के सम्पूर्ण प्रकाश को अवशोषित करता है। सोडियम प्रकाश का तरंगदैर्घ्य 589 nm है।
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λ1 = 3650 Å,
λ2 = 4047 Å,
λ3 = 4358 Å,
λ4 = 5461 Å,
λ5 = 6907 Å
निरोधी वोल्टताएँ, क्रमशः निम्न मापी गईं हैं
V01 = 1.28 v,
V02 = 0.95 v,
V03 = 0.74V,
V04 = 0.16 V,
V05 = 0V
(a) प्लैंक स्थिरांक h का मान ज्ञात कीजिए।
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Na: 2.75 ev; K: 2.30 ev; Mo:417ev; Ni : 5.15 ev इनमें धातुओं में से कौन प्रकाश सेल से 1m दूर रखे गए He-cd लेसर से उत्पन्न 3300 Å तरंगदैर्घ्य के विकिरण के लिए प्रकाश-विद्युत उत्सर्जन नहीं देगा? लेसर को सेल के निकट 50 cm दूरी पर रखने पर क्या होगा?