Advertisements
Advertisements
प्रश्न
सन्धिविग्रहं कुरुत।
ततस्सा ।
उत्तर
ततस्सा – ततः + अस्य।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
सुचननुसारं कृतीः कुरुत।
त्वं प्रयत्नेन कृषिकार्यं करोषि। ("त्वं" स्थाने "भवान्" योजयत।)
सुचननुसारं कृतीः कुरुत ।
भूमातुः उपदेशं मनसि निधाय पृथुवैन्यः कृषिकार्यम् अकरोत् । (भूमातुः स्थाने 'भूमि' शब्दस्य योग्यं रूपं लिखत ।)
प्रश्रनिमांण करुत ।
प्रदोषकाले मृगमन्विष्यन् काकः कत्र उपस्थितः ।
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
क्रियासिद्धिः | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
सकोपम् | ______ | _____ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
अहं विपुलं धनं प्राप्नुयाम् । (लकारं लिखत ।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत ।
वयं तु केवलं तस्य महाभागस्य नामधेयं जानीमः ।
(वाक्यम् एकवचने परिवर्तयत ।)
क्रियापदतालिकां पूरयत
ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
मुज्चानि | ______ | ______ | उत्तमः | लोट् |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
सविनयम् | ______ | ______ |
नाम-तालिकापूर्ति कुरुत
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
______ | ______ | धन्विभ्यः | पञ्चमी |
धातु-तालिकां पूरयत
लकारा : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
लृट् | गमिष्यसि | ______ | ______ | मध्यमः |
धातु-तालिकां पूरयत
लकारा : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
लृट् | ______ | पश्यावः | ______ | उत्तमः |
सर्वनाम तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
______ | ______ | ताः | प्रथमा |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
सीता वनस्पतिगतं गृधं ददर्श (लङ्-लकारे परिवर्तयत ।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
जटायुः रावणस्य गात्रे व्रणान् चकार (लङ्-लकारे परिवर्तयत ।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत
माता आर्याम्बा पुत्रस्य विवाहविषये सदैव चिन्तयति स्म।
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
गृध्रराज : | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
चिन्तामग्ना | ______ | ______ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
यो जानाति स पण्डितः । (बहुवचने परिवर्तयत।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
प्रसादेन संस्कृतस्य अध्ययनं शालायां कृतम् ।
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
यमराजसहोदरः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
महाकाव्यम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
सर्वधर्माः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
सावधानमनः | ______ | ______ |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
______ | लिखेतम् | ______ | मध्यमः | विधिलिङ् |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
______ | ______ | पूजयाम | प्रथमः | लङ् |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
______ | ______ | गमिष्यामः | उतमः | लट् |
धातुसाधित -विशेषण- तालिकां पूरयत।
धातुः | क्त | क्तवन् | कृत्या | शत्/शानच् |
लम् (१ आ.प.) | ______ | लब्धवान् | लभनीयः | ______ |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
पञ्चदश - ______
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
चतुरशीतिः - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत
७८ - ______
समासविग्रहं कुरुत ।
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
व्याघ्रभल्लूको | ______ | ______ |
मञ्जूषातः क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथवकुरुत।
क्रियापदम् | धातुसाधित -विशेषणम् |
______ | ______ |
(मञ्जूषा - अकथयत्, मुक्तः, जानाति, भेतव्यम्, वहतु)
सङ्ख्या अक्षरै: लिखत।
१८
मञ्जूषात: नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
नाम | सर्वनाम |
______ | ______ |
(मञ्जूषा - अरण्ये, वयम्, नदी, ता:, रथै:)
मञ्जूषात: क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
क्रियापदम् | धातुसाधित विशेषणम् |
______ | ______ |
(मञ्जूषा - आनयति, हत:, अगच्छत्, कर्तव्यम्, भवेत्)
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
मृगः = ______।