Advertisements
Advertisements
प्रश्न
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
१०० - ______
उत्तर
१०० - शतम्
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत।
उपकारकम् × ______
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत ।
अहं वाणिज्यशाखायाः स्नातकः।
(वाक्य बहुवचने परिवर्तयत ।)
मञ्जृषातः क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
क्रियापदम् | धातुसाधित -विशेषणम् |
______ | ______ |
(मञ्जृषा- खादन्ति, पूजितः, मतुक्तः, लभते, भेतव्यम्)
सुचननुसारं कृतीः कुरुत।
त्वं प्रयत्नेन कृषिकार्यं करोषि। ("त्वं" स्थाने "भवान्" योजयत।)
सन्धिविग्रह कुरुत।
पशुवज्जीवन्ति
उत्तरपदं लिखत ।
जम्बृकोऽयम् = जम्बूकः + ______
उत्तरपदं लिखत।
मृगेणोक्तम् = मृगेण + ______ |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
सारथिरपि ।
समासविग्रहं कुरुत।
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
जलव्यवस्थापनम् | ______ | ______ |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
सुगत एवाधिकतम मूल्यं मह्यं दद्यात् ।
सूचनानुसार कृती: कुरुत ।
अहं विस्तरेण पठितुम् इच्छामि । (वाक्यं लङ्लकारे परिवर्तयत ।)
नामतालिकां पूरयत
ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
______ | त्वचोः | ______ | षष्ठी |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
राजसद्म | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
उद्यानपालः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
शिशिर ऋतुः | ______ | ______ |
तालिकां पूरयत
धातवः | अर्थ : | लकार : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
ब्रू (२ उ.) | वदति | लङ् | ______ | अब्रूताम् | अब्रुवन् |
धातु-तालिकां पूरयत
लकारा : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
लड् | ______ | ______ | अभवत् | प्रथमः |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
रावणः खड्गमुद्धृत्य पक्षौ अच्छिनत् ।
(पूर्वकालवाचकम् अव्ययं निष्कासयत ।)
समासविग्रहं कुरुत -
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
मातृसेवा | ______ | ______ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
अम्भोदा: वसुधाम् आर्द्रयन्ति । (कर्तृपदम् एकवचने परिवर्तयत ।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
______ नमः । (‘वैद्यराज’ शब्दस्य योग्यं रूपं लिखत)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
सः महोदयम् उपगम्य वदति।
(पूर्वकालवाचकं ल्यबन्त अव्ययं निष्कास्य वाक्यं लिखत।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
लिख् (२ प. प.) | लिखितः | ______ | लेखितव्यः | ______ |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
पा-पिब् (१ प.प.) | ______ | ______ | पेयः | पिबन् |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
यमराजसहोदरः | ______ | ______ |
सर्वनामतालिकां पूरयत ।
एव् | द्विव | बव | विभक्तिः |
______ | ______ | काभ्यः | चतुर्थीं |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
______ | यच्छतः | ______ | परथमः | लट् |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
सहते | ______ | ______ | प्रथमः | लद् |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
अकुरुथाः | अकुर्वाथाम् | ______ | मध्यमः | लङ् |
धातुसाधित -विशेषण- तालिकां पूरयत।
धातुः | क्त | क्तवन् | कृत्या | शत्/शानच् |
लम् (१ आ.प.) | ______ | लब्धवान् | लभनीयः | ______ |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत । -
षट्त्रिंशत् - ______
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
त्रयसिशत् - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत ।
१६ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
३८ - ______
लकारं लिखत ।
काकः उपादिशत् ।- ______
लकारं लिखत ।
मित्र छिन्धि मम बन्धनम् ।- ______
मञ्जूषातः क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथवकुरुत।
क्रियापदम् | धातुसाधित -विशेषणम् |
______ | ______ |
(मञ्जूषा - अकथयत्, मुक्तः, जानाति, भेतव्यम्, वहतु)