Advertisements
Advertisements
प्रश्न
तालिकां पूरयत ।
सामासिकपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
चिन्ताकुल: | ______ | तृतीयातत्पुरुषः। |
उत्तर
सामासिकपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
चिन्ताकुल: | चिन्तया आकुल : | तृतीयातत्पुरुषः। |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
समस्तपदम् | विग्र: | नाम |
सप्तर्षिः | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
समस्तपदम् | विग्र: | नाम |
गृहोद्याने | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
समस्तपदम् | विग्र: | नाम |
पत्रपुष्पे | ______ | _____ |
समस्तपदम् | विग्र: | नाम |
सुखदुःखे | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
परोषम् उपकार: | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां समासं कृत्वा समासनाम लिखत-
विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
धर्मः च अर्थः च | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
कामः च मोक्षः च | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां समासं कृत्वा समासनाम लिखत-
विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
पञ्चानां वाटानां समाहारः | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां समासं कृत्वा समासनाम लिखत-
विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
मातुः गृहे | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां समासं कृत्वा समासनाम लिखत-
विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
न इष्टम् | ______ | ______ |
प्रदत्तपदानां समासं कृत्वा समासनाम लिखत-
विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
त्रयाणाम् भुवानाम् समाहारः | ______ | ______ |
समस्तपदं विग्रह वा लिखत-
क्रमः | समस्तपदम् | विग्रहः |
1. | _________ | महान् वृक्षः |
2. | पुरुषव्याघ्रः | _________ |
3. | _________ | महत् कम्पनम् |
4. | महाविनाशः | _________ |
5. | _________ | रक्तम् उत्पलम् |
6. | पीतपुष्पाणि | _________ |
7. | _________ | घन इव श्यामः |
8. | महोत्सवः | _________ |
9. | _________ | विशालः पर्वतः |
10. | महागौरी | _________ |
अधोलिखिततालिकायां समस्तपदेभ्यः विग्रह विग्रहेभ्यः च समस्तपदानि लिख्यन्ताम्-
क्रमः | समस्तपदम् | विग्रहः |
1. | अग्निसोमो | ___________ |
2. | पाणिपादम् | ___________ |
3. | ___________ | साता च रामः च |
4. | इन्द्रः च वरुणः च | ___________ |
5. | ___________ | रमा च शारदा च |
6. | ___________ | धर्मः च अर्थः च कामः च मोक्षः च |
7. | लतापुष्पम् | ___________ |
8. | ___________ | मूषकः च मार्जारः च |
9. | अहोरात्रम् | ___________ |
10. | ___________ | सुखं च दुःखम् च |
समस्तपदम | विग्रहः | समासनाम |
हस्तस्थम् | हस्ते तिष्ठति इति | ______ |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत ।
समस्तपदम | विग्रहः | समासनाम |
अनावश्यकम | ______ | नञ्-तत्पुरुषः |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत ।
समस्तपदम | विग्रहः | समासनाम |
______ | विविधानि बीजानि | कर्मधारयः |
समाससविग्रहमणां समासनामाभिः सह मेलनं करुत
समासविग्रहः | समासनाम | ||
(1) | विविधानि बीजानि | (अ) | नञ्-तत्पुरुषः। |
(2) | दिने दिने | (आ) | बहुब्रीहिः। |
(3) | लगुडं हस्ते यस्य सः | (इ) | कर्मधारयः। |
(4) | न इच्छा | (ई) | इतरेतर द्वन्द्व :। |
(5) | चिन्ताया मग्ना | (उ) | अव्ययीभाव:। |
(6) | कवयः च पण्डिताः च | (ऊ) | सप्तमी-तत्परुषः। |
समासविग्रहं कुरुत
सस्यपूर्णम् - ______
समासविग्रहं कुरुत
अश्मखण्डः - ______
समासविग्रहं कुरुत
मृगशृगालौ - ______
समासविग्रहं कुरुत
हस्तपादम् - ______
तालिकां पूरयत ।
सामासिकपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
प्रजाहितदक्ष | प्रजाहिते दक्षः | ______ |
तालिकां पूरयत
सामासिकपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
______ | चोरलुण्ठकेभ्यः भयम् | पञ्चमी तत्पुरुषः । |
तालिकां पूरयत
सामासिकपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
विद्याविहीनः | ______ | सप्तमी- तत्पुरुषः । |
तालिकां पूरयत
सामासिकपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
______ | पूजायै इदम्। | ______ |
तालिकां पूरयत
सामासिकपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
मदान्धः | मदेन अन्धः | ______ |
समासविग्रहवाक्यानां समासनामभिः मेलनं कुरुत ।
विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
चिन्तया आकुलः | पञ्चमी -तत्पुरुषः |
प्रजाहिते दक्षः | द्वितीया ततयरुषः |
चोरलुण्ठकेभ्यः भयम् | सप्तमी -तत्पुरुषः |
विदेशं गमनम् | तृतीया-तत्मुरुष |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
मातृसेवा | मातुः सेवा। | ______ |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
समस्तपदम् | विग्रह: | समासनाम |
मृगशृगालौ | ______ | इतरेतरद्वन्द्वः |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
समस्तपदम् | विग्रह: | समासनाम |
सकोपम् | कोपेन सह | _____ |
समासविग्रहाणां समासनामभिः सह मेलनं कुरुत।
समासविग्रहः | समासनाम |
किञ्चित् जानाति इति। | षष्ठी - तत्पुरुषः। |
जलस्य व्यवस्थापनम्। | कर्मधारयः। |
लगुडः हस्ते यस्य सः। | उपपद - तत्पुरुषः। |
कवयः च पण्डिताः च। | अव्ययीभावः। |
अहनि अहनि। | बहव्रीहिः। |
मानवता एव धर्मः। | इतरेतर-द्वन्द्वः। |
अधोलिखितवाक्यम् रेखाङ्कितपद समासं विग्रहं वा प्रदत्तविकल्पेभ्य: चित्वा लिखत।
किं वनराजपदाय सुपात्रं चीयते?
अधोलिखितवाक्यम् रेखाङ्कितपद समासं विग्रहं वा प्रदत्तविकल्पेभ्य: चित्वा लिखत।
सव्यवधानं न चारित्रलोपाय।
समासविग्रहं कुरुत।
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
व्याघ्रभल्लूकौ | ______ | इतरेतर द्वन्द्व:। |