Advertisements
Advertisements
प्रश्न
‘उसके पैर गाँव की ओर बढ़ ही नहीं रहे थे। इसी पगडंडी से बड़ी बहुरिया अपने मैके लौटा आवेगी गाँव छोड़कर चली जावेगी। फिर कभी नहीं आवेगी।’
लेखक संवदिया और बड़ी बहुरिया के माध्यम से समाज के एक बड़े वर्ग का वर्णन करत प्रतीत हो रहे हैं। इसे स्पष्ट करते हुए वर्तमान परिप्रेक्ष्य के साथ संबंध स्थापित कीजिए।
उत्तर
- बड़ी बहुरिया ने अभी तक अपने दुखों के बारे में किसी को नहीं बताया था लेकिन वह अपने मायके तक अपनी स्थिति के बारे में हरगोबिन को बताती है तो बड़ी बहुरिया के कष्टों से हरगोबिन अत्यंत दुखी हो जाता है।
- हरगोबिन यह सोचता है कि हमारे गांव की लक्ष्मी जैसी बहुरिया के गाँव छोड़कर जाएगी तो गाँव की क्या इज्जत रह जाएगी यह बात सोचकर व्याकुल हो रहा था।
- संवदिया और बड़ी बहुरिया के माध्यम से समाज के बड़े वर्ग के साथ संबंध, वर्तमान में बुजुर्गों और असह्य लोगों के प्रति कर्तवत्यबोध का अभाव, संवदिया जैसी संवेदना आवश्यक होनी चाहिए।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
संवदिया कि क्या विशेषताएँ हैं और गाँववालों के मन में संवदिया की क्या अवधारणा हैं?
बड़ी हवेली से बुलावा आने पर हरगोबिन के मन में किस प्रकार की आशंका हुई?
बड़ी बहुरिया अपने मायके संदेश क्यों भेजना चाहती थी?
संवाद कहते वक्त बड़ी बहुरिया की आँखें क्यों छलछला आईं?
हरगोबिन बड़ी हवेली में पहुँचकर अतीत की किन स्मृतियों में खो जाता है?
बड़ी बहुरिया का संवाद हरगोबिन क्यों नहीं सुना सका?
'संवदिया डटकर खाता है और अफर कर सोता है' से क्या आशय है?
जलालगढ़ पहुँचने के बाद बड़ी बहुरिया के सामने हरगोबिन ने क्या संकल्प लिया?
इन शब्दों का अर्थ समझिए-
काबुली-कायदा
इन शब्दों का अर्थ समझिए-
रोम-रोम कलपने लगा
इन शब्दों का अर्थ समझिए-
अगहनी धान
पाठ से प्रश्नवाचक वाक्यों को छाँटिए और संदर्भ के साथ उन पर टिप्पणी लिखिए।
इन पंक्ति की व्याख्या कीजिए -
बड़ी हवेली अब नाममात्र की ही बड़ी हवेली है।
इन पंक्तियों की व्याख्या कीजिए-
हरगोबिन ने देखी अपनी आँखों से द्रौपदी की चीरहरण लीला।
इन पंक्तियों की व्याख्या कीजिए-
बथुआ साग खाकर कब तक जीऊँ?
इन पंक्तियों की व्याख्या कीजिए-
किस मुँह से वह ऐसा संवाद सुनाएगा।
डिजिटल इंडिया के दौर में संवदिया की किया कोई भूमिका हो सकती है?
'बड़ी बहुरिया का संवाद हरगोबिन सुना सकने में असमर्थ था' कथन के माध्यम से हरगोबिन की तत्कालीन स्थिति की विवेचना कीजिए।