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‘उसके पैर गाँव की ओर बढ़ ही नहीं रहे थे। इसी पगडंडी से बड़ी बहुरिया अपने मैके लौटा आवेगी गाँव छोड़कर चली जावेगी। फिर कभी नहीं आवेगी।’ - Hindi (Elective)

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Question

‘उसके पैर गाँव की ओर बढ़ ही नहीं रहे थे। इसी पगडंडी से बड़ी बहुरिया अपने मैके लौटा आवेगी गाँव छोड़कर चली जावेगी। फिर कभी नहीं आवेगी।’

लेखक संवदिया और बड़ी बहुरिया के माध्यम से समाज के एक बड़े वर्ग का वर्णन करत प्रतीत हो रहे हैं। इसे स्पष्ट करते हुए वर्तमान परिप्रेक्ष्य के साथ संबंध स्थापित कीजिए।

Short Note

Solution

  1. बड़ी बहुरिया ने अभी तक अपने दुखों के बारे में किसी को नहीं बताया था लेकिन वह अपने मायके तक अपनी स्थिति के बारे में हरगोबिन को बताती है तो बड़ी बहुरिया के कष्टों से हरगोबिन अत्यंत दुखी हो जाता है।
  2. हरगोबिन यह सोचता है कि हमारे गांव की लक्ष्मी जैसी बहुरिया के गाँव छोड़कर जाएगी तो गाँव की क्या इज्जत रह जाएगी यह बात सोचकर व्याकुल हो रहा था।
  3. संवदिया और बड़ी बहुरिया के माध्यम से समाज के बड़े वर्ग के साथ संबंध, वर्तमान में बुजुर्गों और असह्य लोगों के प्रति कर्तवत्यबोध का अभाव, संवदिया जैसी संवेदना आवश्यक होनी चाहिए।
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संवदिया
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2022-2023 (March) Sample

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