Advertisements
Advertisements
Question
0.01 M कार्बनिक अम्ल [HA] के विलयन की pH, 4.15 है। इसके ऋणायन की सांद्रता, अम्ल का आयनन स्थिरांक तथा pKa, मान परिकलित कीजिए।
Solution
\[\ce{HA <=> H+ + A-}\]
pH = - log [H+]
या 4.15 = - log [H+]
या [H+] = antilog (- 4.15) = 7.08 × 10-5 M
[A-] = [H+] = 7.08 × 10-5 M
`"K"_"a" = (["H"^+]["A"^-])/(["HA"])`
`= (7.08 xx 10^-5 xx 7.08 xx 10^-5)/0.01 = 5.01 xx 10^-7`
`therefore "pK"_"a" = - log "K"_"a" = - log (5.01 xx 10^-7) = 6.3002`
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
हाबर विधि में प्रयुक्त हाइड्रोजन को प्राकृतिक गैस से प्राप्त मेथेन को उच्च ताप की भाप से क्रिया कर बनाया जाता है। दो पदों वाली अभिक्रिया में प्रथम पद में CO एवं H2 बनती हैं। दूसरे पद में प्रथम पद में बनने वाली CO और अधिक भाप से अभिक्रिया करती है।
\[\ce{CO(g) + H2O(g) ⇌ CO2(g) + H2(g)}\]
यदि 400°C पर अभिक्रिया पात्र में co एवं भाप का सममोलर मिश्रण इस प्रकार लिया जाए कि pCO = PH2O = 4.0 bar, H2 का साम्यावस्था पर आंशिक दाब क्या होगा? 400°C पर Kp = 10.1
सिरके के एक नमूने की pH, 3.76 है, इसमें हाइड्रोजन आयन की सांद्रता ज्ञात कीजिए।
HF, HCOOH तथा HCN का 298 K पर आयनन स्थिरांक क्रमशः 6.8 × 10-4, 1.8 × 10-4 तथा 4.8 × 10-9 है। इनके संगत संयुग्मी क्षारकों के आयनन स्थिरांक ज्ञात कीजिए।
निम्नलिखित लवणों के जलीय विलयनों के उदासीन, अम्लीय तथा क्षारीय होने की प्रागुक्ति कीजिए-
NaCI, KBr, NaCN, NH4NO3, NaNO2 तथा KF