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Chapters
2: परमाणु की संरचना
3: तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता
4: रासायनिक आबंधन तथा आण्विक संरचना
5: द्रव्य की अवस्थाएँ
6: ऊष्मागतिकी
▶ 7: साम्यावस्था
8: अपचयोपचय अभिक्रियाएँ
9: हाइड्रोजन
10: s-ब्लॉक तत्त्व
11: p-ब्लॉक तत्त्व
12: कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें
13: हाइड्रोकार्बन
14: पर्यावरणीय रसायन
![NCERT solutions for Chemistry - Part 1 and 2 [Hindi] Class 11 chapter 7 - साम्यावस्था NCERT solutions for Chemistry - Part 1 and 2 [Hindi] Class 11 chapter 7 - साम्यावस्था - Shaalaa.com](/images/chemistry-part-1-and-2-hindi-class-11_6:134c1ea964064b77973b84538c3adc59.jpg)
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Solutions for Chapter 7: साम्यावस्था
Below listed, you can find solutions for Chapter 7 of CBSE NCERT for Chemistry - Part 1 and 2 [Hindi] Class 11.
NCERT solutions for Chemistry - Part 1 and 2 [Hindi] Class 11 7 साम्यावस्था अभ्यास [Pages 228 - 234]
एक द्रव को सीलबंद पात्र में निश्चित ताप पर इसके वाष्प के साथ साम्य में रखा जाता है। पात्र का आयतन अचानक बढ़ा दिया जाता है।
वाष्प-दाब परिवर्तन का प्रारंभिक परिणाम क्या होगा?
एक द्रव को सीलबंद पात्र में निश्चित ताप पर इसके वाष्प के साथ साम्य में रखा जाता है। पात्र का आयतन अचानक बढ़ा दिया जाता है।
प्रारंभ में वाष्पन एवं संघनन की दर कैसे बदलती है?
एक द्रव को सीलबंद पात्र में निश्चित ताप पर इसके वाष्प के साथ साम्य में रखा जाता है। पात्र का आयतन अचानक बढ़ा दिया जाता है।
क्या होगा, जबकि साम्य पुनः अंतिम रूप से स्थापित हो जाएगा, तब अंतिम वाष्प दाब क्या होगा?
निम्न साम्य के लिए Kc क्या होगा, यदि साम्य पर प्रत्येक पदार्थ की सांद्रताएँ हैं-
[SO2] = 0.60 M, [O2] = 0.82 M, एवं [SO3] = 1.90 M
\[\ce{2SO2(g) + O2(g) <=> 2SO3(g)}\]
एक निश्चित ताप एवं कुल दाब 105 Pa पर आयोडीन वाष्प में आयतनानुसार 40% आयोडीन परमाणु होते हैं।
\[\ce{I2(g) ⇌ 2I(g)}\]
साम्य के लिए Kp की गणना कीजिए।
निम्नलिखित अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक Kc का व्यंजक लिखिए-
\[\ce{2NOCl(g) ⇌ 2NO(g) + Cl2(g)}\]
निम्नलिखित अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक Kc का व्यंजक लिखिए-
\[\ce{2Cu(NO3)2(s) ⇌ 2CuO(s) + 4NO2(g) + O2(g)}\]
निम्नलिखित अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक Kc का व्यंजक लिखिए-
\[\ce{CH3COOC2H5(aq) + H2O(l) ⇌ CH3COOH(aq) + C2H5OH(aq)}\]
निम्नलिखित अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक Kc का व्यंजक लिखिए-
\[\ce{Fe^{3+} (aq) + 3OH– (aq) ⇌ Fe(OH)3 (s)}\]
निम्नलिखित अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक Kc का व्यंजक लिखिए-
\[\ce{I2(s) + 5F2 ⇌ 2IF5}\]
Kp के मान से निम्नलिखित में से साम्य के लिए Kc का मान ज्ञात कीजिए-
\[\ce{2NOCI(g) ⇌ 2NO(g) + Cl2(g); {K_p} = 1.8 × 10^{-2}}\] at 500 K
Kp के मान से निम्नलिखित में से साम्य के लिए Kc का मान ज्ञात कीजिए-
\[\ce{CaCO3(s) ⇌ CaO(s) + CO2(g); {K_p} = 167}\] at 1073 K
साम्य \[\ce{NO(g) +O3(g) ⇌NO2(g) +O2(g)}\] के लिए 1000 K पर Kc = 6.3 × 1014 है। साम्य में अग्र एवं प्रतीप दोनों अभिक्रियाएँ प्राथमिक रूप से द्विअणुक हैं। प्रतीप अभिक्रिया के लिए Kc क्या है?
साम्य स्थिरांक का व्यंजक लिखते समय समझाइए कि शुद्ध द्रवों एवं ठोसों को उपेक्षित क्यों किया जा सकता है?
N2 एवं O2 के मध्य निम्नलिखित अभिक्रिया होती है-
\[\ce{2N2(g) +O2(g) ⇌ 2N2O(g)}\]
यदि एक 10 L के पात्र में 0.482 मोल N2 एवं 0.933 मोल O2 रखें जाएँ तथा एक ताप, जिस पर N2O बनने दिया जाए तो साम्य मिश्रण का संघटन ज्ञात कीजिए Kc = 2.0 × 10-37।
निम्नलिखित अभिक्रिया के अनुसार नाइट्रिक ऑक्साइड Br2 से अभिक्रिया कर नाइट्रोसिल ब्रोमाइड बनाती है-
\[\ce{2NO(g) + Br2(g) ⇌ 2NOBr(g)}\]
जब स्थिर ताप पर एक बंद पात्र में 0.087 मोल NO एवं 0.0437 मोल Br2 मिश्रित किए जाते हैं, तब 0.0518 मोल NOBr प्राप्त होती है। NO एवं Br2 की साम्य मात्रा ज्ञात कीजिए।
साम्य \[\ce{2SO2(g) +O2(g) ⇌ 2SO3(g)}\] के लिए 450 K पर Kp = 2.0 × 1010 bar है। इस ताप पर Kc का मान ज्ञात कीजिए।
HI(g) का एक नमूना 0.2 atm दाब पर एक फ्लास्क में रखा जाता है। साम्य पर HI(g) का आंशिक दाब 0.04 atm है। यहाँ दिए गए साम्य के लिए Kp का मान क्या होगा?
\[\ce{2HI(g) ⇌ H2(g) +I2(g)}\]
500 K ताप पर एक 20 L पात्र में N2 के 1.57 मोल, H2 के 1.92 मोल एवं NH3 के 8.13 मोल का मिश्रण लिया जाता है। अभिक्रिया \[\ce{N2(g) +3H2(g) ⇌ 2NH3(g)}\] के लिए Kc का मान 1.7 × 102 है। क्या अभिक्रिया-मिश्रण साम्य में है? यदि नहीं, तो नेट अभिक्रिया की दिशा क्या होगी?
एक गैस अभिक्रिया के लिए `"K"_"c" = (["NH"_3]^4["O"_2]^5)/(["NO"]^4["H"_2"O"]^6)` है, तो इस व्यंजक के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
H2O का एक मोल एवं CO का एक मोल 725 K ताप पर 10 L के पात्र में लिए जाते हैं। साम्य पर 40% जल (भारात्मक) CO के साथ निम्नलिखित समीकरण के अनुसार अभिक्रिया करता है-
\[\ce{H2O(g) + CO(g) ⇌ H2(g) + CO2(g)}\]
अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक की गणना कीजिए।
700 K ताप पर अभिक्रिया \[\ce{H2(g) +I2(g) ⇌ 2HI(g)}\] के लिए साम्य स्थिरांक 54.8 है। यदि हमने शुरू में HI(g) लिया हो, 700 K ताप साम्य स्थापित हो, तथा साम्य पर 0.5 mol L-1 HI(g) उपस्थित हो, तो साम्य पर H2(g) एवं I2(g) की सांद्रताएँ क्या होंगी?
ICI, जिसकी सांद्रता प्रारंभ में 0.78 M है, को यदि साम्य पर आने दिया जाए, तो प्रत्येक की साम्य पर सांद्रताएँ क्या होंगी?
\[\ce{2ICI(g) ⇌ I2(g) + Cl2(g)}\]; Kc = 0.14
नीचे दर्शाए गए साम्य में 899 K पर Kp का मान 0.04 atm है। C2H6 की साम्य पर सांद्रता क्या होगी यदि 4.0 atm दाब पर C2H6 को एक फ्लास्क में रखा गया है एवं साम्यावस्था पर आने दिया जाता है?
\[\ce{C2H6(g) ⇌ C2H4(g) + H2(g)}\]
एथेनॉल एवं ऐसीटिक अम्ल की अभिक्रिया से एथिल ऐसीटेट बनाया जाता है एवं साम्य को इस प्रकार दर्शाया जा सकता है-
\[\ce{CH3COOH (l) + C2H5OH(l) ⇌ CH3COOC2H5(l) + H2O (l)}\]
इस अभिक्रिया के लिए सांद्रता अनुपात (अभिक्रिया-भागफल) Qc लिखिए (टिप्पणी : यहाँ पर जल आधिक्य में नहीं है एवं विलायक भी नहीं है)
एथेनॉल एवं ऐसीटिक अम्ल की अभिक्रिया से एथिल ऐसीटेट बनाया जाता है एवं साम्य को इस प्रकार दर्शाया जा सकता है-
\[\ce{CH3COOH (l) + C2H5OH(l) ⇌ CH3COOC2H5(l) + H2O (l)}\]
यदि 293 K पर 1.00 मोल ऐसीटिक अम्ल एवं 0.18 मोल एथेनॉल प्रारंभ में लिए जाएँ तो अंतिम साम्य मिश्रण में 0.171 मोल एथिल ऐसीटेट है। साम्य स्थिरांक की गणना कीजिए।
एथेनॉल एवं ऐसीटिक अम्ल की अभिक्रिया से एथिल ऐसीटेट बनाया जाता है एवं साम्य को इस प्रकार दर्शाया जा सकता है-
\[\ce{CH3COOH (l) + C2H5OH(l) ⇌ CH3COOC2H5(l) + H2O (l)}\]
0.5 मोल एथेनॉल एवं 1.0 मोल ऐसीटिक अम्ल से प्रारंभ करते हुए 293 K ताप पर कुछ समय पश्चात् एथिल ऐसीटेट के 0.214 मोल पाए गए तो क्या साम्य स्थापित हो गया?
437 K ताप पर निर्वात मैं PCI5 का एक नमूना एक फ्लास्क में लिया गया। साम्य स्थापित होने पर PCl5 की सांद्रता 0.5 × 10-1 mol L-1 पाई गई, यदि Kc का मान 8.3 × 10-3 है, तो साम्य पर PCl3 एवं Cl2 की सांद्रताएँ क्या होंगी?
\[\ce{PCl5(g) ⇌ PCl3(g) + Cl2(g)}\]
लोह अयस्क से स्टील बनाते समय जो अभिक्रिया होती है, वह आयरन (II) ऑक्साइड का कार्बन मोनोक्साइड के द्वारा अपचयन है एवं इससे धात्विक लोह एवं CO2 मिलते हैं।
\[\ce{FeO(s) + CO(g) ⇌ Fe(s) + CO2(g)}\]; Kp = 0.265 atm at 1050 K
1050 K पर CO एवं CO2 के साम्य पर आंशिक दाब क्या होंगे, यदि उनके प्रारंभिक आंशिक दाब हैं-
PCO = 1.4 atm एवं `"P"_("CO"_2)` = 0.80 atm
अभिक्रिया \[\ce{N2(g) + 3H2(g) ⇌ 2NH3(g)}\] के लिए (500 K पर) साम्य स्थिरांक Kc = 0.061 है। एक विशेष समय पर मिश्रण का संघटन इस प्रकार है- 3.0 mol L-1 N2, 2.0 mol L-1 H2 एवं 0.5 mol L-1 NH3 क्या अभिक्रिया साम्य में है? यदि नहीं, तो साम्य स्थापित करने के लिए अभिक्रिया किस दिशा में अग्रसरित होगी?
ब्रोमीन मोनोक्लोराइड BrCI विघटित होकर ब्रोमीन एवं क्लोरीन देता है तथा साम्य स्थापित होता है-
\[\ce{2BrCI(g) ⇌ Be2(g) + Cl2(g)}\]
इसके लिए 500 K पर Kc = 32 है। यदि प्रारंभ में BrCI की सांद्रता 3.3 × 10-3 mol L-1 हो, तो साम्य पर मिश्रण में इसकी सांद्रता क्या होगी?
1127 K एवं 1 atm दाब पर CO तथा CO2 के गैसीय मिश्रण में साम्यावस्था पर ठोस कार्बन में 90.55% (भारात्मक) CO है।
\[\ce{C(s) + CO2(g) ⇌ 2CO(g)}\]
उपर्युक्त ताप पर अभिक्रिया के लिए Kc के मान की गणना कीजिए।
298 K पर NO एवं O2 से NO2 बनती है-
\[\ce{NO(g) + \frac{1}{2} O2(g) ⇌ NO2(g)}\]
अभिक्रिया के लिए (क) ∆G⊖ एवं (ख) साम्य स्थिरांक की गणना कीजिए-
∆fG⊖ (NO2) = 52.0 kJ/mol
∆fG⊖ (NO) = 87.0 kJ/mol
∆fG⊖ (O2) = 0 kJ/mol
निम्नलिखित में से साम्य में जब आयतन बढ़ाकर दाब कम किया जाता है, तब बतलाइए कि अभिक्रिया के उत्पाद के मोलों की संख्या बढ़ती है या घटती है या समान रहती है?
\[\ce{PCl5(g) ⇌ PCl3(g) + Cl2(g)}\]
निम्नलिखित में से साम्य में जब आयतन बढ़ाकर दाब कम किया जाता है, तब बतलाइए कि अभिक्रिया के उत्पाद के मोलों की संख्या बढ़ती है या घटती है या समान रहती है?
\[\ce{CaO(s) + CO2(g) ⇌ CaCO3(s)}\]
निम्नलिखित में से साम्य में जब आयतन बढ़ाकर दाब कम किया जाता है, तब बतलाइए कि अभिक्रिया के उत्पाद के मोलों की संख्या बढ़ती है या घटती है या समान रहती है?
\[\ce{3Fe(s) + 4H2O(g) ⇌ Fe3O4(s) + 4H2(g)}\]
निम्नलिखित में से दाब बढ़ाने पर कौन-कौन सी अभिक्रियाएँ प्रभावित होंगी? यह भी बताएँ कि दाब परिवर्तन करने पर अभिक्रिया अग्र या प्रतीप दिशा में गतिमान होगी?
- \[\ce{COCl2(g) ⇌ CO(g) + Cl2(g)}\]
- \[\ce{CH4(g) + 2S2(g) ⇌ CS2(g) + 2H2S(g)}\]
- \[\ce{CO2(g) + C(s) ⇌ 2CO(g)}\]
- \[\ce{2H2(g) + CO(g) ⇌ CH3OH(g)}\]
- \[\ce{CaCO3(s) ⇌ CaO(s) + CO2(g)}\]
- \[\ce{4NH3(g) + 5O2(g) ⇌ 4NO(g) + 6H2O(g)}\]
निम्नलिखित अभिक्रिया के लिए 1024 K पर साम्य स्थिरांक 1.6 x 105 है।
\[\ce{H2(g) + Br2(g) ⇌ 2HBr(g)}\]
यदि HBr के 10.0 bar सीलयुक्त पात्र में डाले जाएँ तो सभी गैसों के 1024 K पर साम्य दाब ज्ञात कीजिए।
निम्नलिखित ऊष्माशोषी अभिक्रिया के अनुसार ऑक्सीकरण द्वारा डाइहाइड्रोजन गैस प्राकृतिक गैस से प्राप्त की जाती है-
\[\ce{CH4(g) + H2O(g) ⇌ CO(g) + 3H2(g)}\]
उपर्युक्त अभिक्रिया के लिए Kp का व्यंजक लिखिए।
निम्नलिखित ऊष्माशोषी अभिक्रिया के अनुसार ऑक्सीकरण द्वारा डाइहाइड्रोजन गैस प्राकृतिक गैस से प्राप्त की जाती है-
\[\ce{CH4(g) + H2O(g) ⇌ CO(g) + 3H2(g)}\]
Kp एवं अभिक्रिया मिश्रण का साम्य पर संघटन किस प्रकार प्रभावित होगा, यदि?
- दाब बढ़ा दिया जाए।
- ताप बढ़ा दिया जाए।
- उत्प्रेरक प्रयुक्त किया जाए।
साम्य \[\ce{2H2(g) + CO(g) ⇌ CH3OH(g)}\] पर प्रभाव बताइए।
H2 मिलाने पर
साम्य \[\ce{2H2(g) + CO(g) ⇌ CH3OH(g)}\] पर प्रभाव बताइए।
CH3OH मिलाने पर
साम्य \[\ce{2H2(g) + CO(g) ⇌ CH3OH(g)}\] पर प्रभाव बताइए।
CO हटाने पर
साम्य \[\ce{2H2(g) + CO(g) ⇌ CH3OH(g)}\] पर प्रभाव बताइए।
CH3OH हटाने पर
473 K पर फॉस्फोरस पेंटाक्लोराइड PCl5 के विघटन के लिए Kc का मान 8.3 × 10-3 है। यदि विघटन इस प्रकार दर्शाया जाए, तो
\[\ce{PCl5(g) ⇌ PCl3(g) + Cl2(g)}\]; ∆rH⊖ = 124.0 kJ mol-1
अभिक्रिया के लिए Kc का व्यंजक लिखिए।
473 K पर फॉस्फोरस पेंटाक्लोराइड PCl5 के विघटन के लिए Kc का मान 8.3 × 10-3 है। यदि विघटन इस प्रकार दर्शाया जाए, तो
\[\ce{PCl5(g) ⇌ PCl3(g) + Cl2(g)}\]; ∆rH⊖ = 124.0 kJ mol-1
प्रतीप अभिक्रिया के लिए समान ताप पर Kc का मान क्या होगा?
473 K पर फॉस्फोरस पेंटाक्लोराइड PCl5 के विघटन के लिए Kc का मान 8.3 × 10-3 है। यदि विघटन इस प्रकार दर्शाया जाए, तो
\[\ce{PCl5(g) ⇌ PCl3(g) + Cl2(g)}\]; ∆rH⊖ = 124.0 kJ mol-1
यदि
- और अधिक PCl5 मिलाया जाए,
- दाब बढ़ाया जाए तथा
- ताप बढ़ाया जाए, तो Kc पर क्या प्रभाव होगा?
हाबर विधि में प्रयुक्त हाइड्रोजन को प्राकृतिक गैस से प्राप्त मेथेन को उच्च ताप की भाप से क्रिया कर बनाया जाता है। दो पदों वाली अभिक्रिया में प्रथम पद में CO एवं H2 बनती हैं। दूसरे पद में प्रथम पद में बनने वाली CO और अधिक भाप से अभिक्रिया करती है।
\[\ce{CO(g) + H2O(g) ⇌ CO2(g) + H2(g)}\]
यदि 400°C पर अभिक्रिया पात्र में co एवं भाप का सममोलर मिश्रण इस प्रकार लिया जाए कि pCO = PH2O = 4.0 bar, H2 का साम्यावस्था पर आंशिक दाब क्या होगा? 400°C पर Kp = 10.1
बताइए कि निम्नलिखित में से किस अभिक्रिया में अभिकारकों एवं उत्पादों की सांद्रता सुप्रेक्ष्य होगी-
(क) \[\ce{Cl2(g) ⇌ 2Cl(g) K_c = 5 × 10^{-39}}\]
(ख) \[\ce{Cl2(g) + 2NO(g) ⇌ 2NOCl(g) K_c = 3.7 × 10^8}\]
(ग) \[\ce{Cl2(g) + 2NO2(g) ⇌ 2NO2Cl(g) K_c = 1.8}\]
25°C पर अभिक्रिया \[\ce{3O2(g) ⇌ 2O3 (g)}\] के लिए Kc का मान 2.0 x 10-50 है। यदि वायु में 25°C ताप पर O2 की साम्यावस्था सांद्रता 1.6 x 10-2 है, तो O3 की सांद्रता क्या होगी?
\[\ce{CO(g) +3H2(g)⇌CH4(g) + H2O(g)}\] अभिक्रिया एक लीटर फ्लास्क में 1300 K पर साम्यावस्था में है। इसमें CO के 0.3 मोल, H2 के 0.01 मोल, H2O के 0.02 मोल एवं CH4 की अज्ञात मात्रा है। दिए गए ताप पर अभिक्रिया के लिए Kc का मान 3.90 है। मिश्रण में CH4 की मात्रा ज्ञात कीजिए।
संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म का क्या अर्थ है? निम्नलिखित स्पीशीज़ के लिए संयुग्मी अम्ल/क्षार बताइए-
HNO2, CN–, HClO4, F–, OH–, \[\ce{CO^{2-}_3}\] एवं S2-
निम्नलिखित में से कौन-से लूइस अम्ल है?
H2O, BF3, H+ एवं \[\ce{NH^+_4}\]
निम्नलिखित ब्रन्स्टेद अम्लों के लिए संयुग्मी क्षारकों के सूत्र लिखिए-
HF, H2SO4 एवं \[\ce{HCO^-_3}\]
ब्रन्स्टेद क्षारकों \[\ce{NH^-_2}\], NH3 तथा HCOO– के संयुग्मी अम्ल लिखिए।
स्पीशीज़ H2O, \[\ce{HCO^-_3}\], \[\ce{HSO^-_4}\] तथा NH3 ब्रन्स्टेद अम्ल तथा क्षारक-दोनों की भाँति व्यवहार करते हैं। प्रत्येक के संयुग्मी अम्ल तथा क्षारक बताइए।
निम्नलिखित स्पीशीज को लूइस अम्ल तथा क्षारक में वर्गीकृत कीजिए तथा बताइए कि ये किस प्रकार लूइस अम्ल-क्षारक के समान कार्य करते हैं -
OH–
निम्नलिखित स्पीशीज को लूइस अम्ल तथा क्षारक में वर्गीकृत कीजिए तथा बताइए कि ये किस प्रकार लूइस अम्ल-क्षारक के समान कार्य करते हैं-
F–
निम्नलिखित स्पीशीज को लूइस अम्ल तथा क्षारक में वर्गीकृत कीजिए तथा बताइए कि ये किस प्रकार लूइस अम्ल-क्षारक के समान कार्य करते हैं-
H+
निम्नलिखित स्पीशीज को लूइस अम्ल तथा क्षारक में वर्गीकृत कीजिए तथा बताइए कि ये किस प्रकार लूइस अम्ल-क्षारक के समान कार्य करते हैं -
BCl3
एक मृदु पेय के नमूने में हाइड्रोजन आयन की सांद्रता 3.8 × 10-3 M है। उसकी pH परिकलित कीजिए।
सिरके के एक नमूने की pH, 3.76 है, इसमें हाइड्रोजन आयन की सांद्रता ज्ञात कीजिए।
HF, HCOOH तथा HCN का 298 K पर आयनन स्थिरांक क्रमशः 6.8 × 10-4, 1.8 × 10-4 तथा 4.8 × 10-9 है। इनके संगत संयुग्मी क्षारकों के आयनन स्थिरांक ज्ञात कीजिए।
फीनॉल का आयनन स्थिरांक 1.0 × 10-10 है। 0.05 M फीनॉल के विलयन में फीनॉलेट आयन की सांद्रता तथा 0.01 M सोडियम फीनेट विलयन में उसके आयनन की मात्रा ज्ञात कीजिए।
H2S का प्रथम आयनन स्थिरांक 9.1 × 10-8 है। इसके 0.1 M विलयन में HS– आयनों की सांद्रता की गणना कीजिए तथा बताइए कि यदि इसमें 0.1 M HCl भी उपस्थित हो, तो सांद्रता किस प्रकार प्रभावित होगी? यदि H2S का द्वितीय वियोजन स्थिरांक 1.2 × 10-13 हो, तो सल्फाइड S2- आयनों की दोनों स्थितियों में सांद्रता की गणना कीजिए।
एसिटिक अम्ल का आयनन स्थिरांक 1.74 × 10-5 है। इसके 0.05 M विलयन में वियोजन की मात्रा, ऐसीटेट आयन सांद्रता तथा pH का परिकलन कीजिए।
0.01 M कार्बनिक अम्ल [HA] के विलयन की pH, 4.15 है। इसके ऋणायन की सांद्रता, अम्ल का आयनन स्थिरांक तथा pKa, मान परिकलित कीजिए।
पूर्ण वियोजन मानते हुए निम्नलिखित विलयन के pH ज्ञात कीजिए-
0.003 M HCI
पूर्ण वियोजन मानते हुए निम्नलिखित विलयन के pH ज्ञात कीजिए-
0.005 M NaOH
पूर्ण वियोजन मानते हुए निम्नलिखित विलयन के pH ज्ञात कीजिए-
0.002 M HBr
पूर्ण वियोजन मानते हुए निम्नलिखित विलयन के pH ज्ञात कीजिए-
0.002 M KOH
निम्नलिखित विलयन के pH ज्ञात कीजिए-
2 ग्राम TIOH को जल में घोलकर 2 लीटर विलयन बनाया जाए।
निम्नलिखित विलयन के pH ज्ञात कीजिए-
0.3 ग्राम Ca(OH)2 को ज़ल में घोलकर 500 mL विलयन बनाया जाए।
निम्नलिखित विलयन के pH ज्ञात कीजिए-
0.3 ग्राम NaOH को जल में घोलकर 200 mL विलयन बनाया जाए।
निम्नलिखित विलयन के pH ज्ञात कीजिए-
13.6 M HCI के 1 mL को जल से तनुकरण करके कुल आयतन 1 लीटर किया जाए।
ब्रोमोएसीटिक अम्ल की आयनन की मात्रा 0.132 है। 0.1 M अम्ल की pH तथा pKa का मान ज्ञात कीजिए।
0.005 M कोडीन (C18H21NO3) विलयन की pH 9.95 है। इसका आयनन स्थिरांक ज्ञात कीजिए।
0.001 M ऐनिलीन विलयन का pH क्या है? ऐनिलीन का आयनन स्थिरांक 4.27 × 10-10 है। इसके संयुग्मी अम्ल का आयनन स्थिरांक ज्ञात कीजिए।
यदि 0.05 M ऐसीटिक अम्ल के pKa का मान 4.74 है, तो आयनन की मात्रा ज्ञात कीजिए। यदि इसे
(अ) 0.01 M
(ब) 0.1 M HCI विलयन में डाला जाए, तो वियोजन की मात्रा किस प्रकार प्रभावित होती है?
डाइमेथिल ऐमीन का आयनन स्थिरांक 5.4 × 10-4 है। इसके 0.02 M विलयन की आयनन की मात्रा की गणना कीजिए। यदि यह विलयन NaOH प्रति 0.1 M हो तो डाइमेथिल ऐमीन का प्रतिशत आयनन क्या होगा?
निम्नलिखित जैविक द्रव, जिनमें pH दी गई है, की हाइड्रोजन आयन सांद्रता परिकलित कीजिए-
मानव पेशीय द्रव, 6.83
निम्नलिखित जैविक द्रव, जिनमें pH दी गई है, की हाइड्रोजन आयन सान्द्रता परिकलित कीजिए-
मानव उदर द्रव, 1.2
निम्नलिखित जैविक द्रव, जिनमें pH दी गई है, की हाइड्रोजन आयन सांद्रता परिकलित कीजिए-
मानव रुधिर, 7.38
निम्नलिखित जैविक द्रव, जिनमें pH दी गई है, की हाइड्रोजन आयन सांद्रता परिकलित कीजिए-
मानव लार, 6.4
दूध, कॉफी, टमाटर रस, नींबू रस तथा अंडे की सफेदी के pH का मान क्रमशः 6.8, 5.0, 4.2, 2.2 तथा 7.8 हैं। प्रत्येक के संगत H+ आयन की सांद्रता ज्ञात कीजिए।
298 K पर 0.561 g, KOH जल में घोलने पर प्राप्त 200 mL विलयन की है pH, पोटैशियम, हाइड्रोजन तथा हाइड्रॉक्सिल आयनों की सांद्रताएँ ज्ञात कीजिए।
298 K पर Sr(OH)2 विलयन की विलेयता 19.23 g/L है। स्ट्रांशियम तथा हाइड्रॉक्सिल आयन की सांद्रता तथा विलयन की pH ज्ञात कीजिए।
प्रोपेनोइक अम्ल का आयन स्थिरांक 1.32 x 10-5 है। 0.05 M अम्ल विलयन के आयनन की मात्रा तथा pH ज्ञात कीजिए। यदि विलयन में 0.01 M HCI मिलाया जाए तो उसके आयनन की मात्रा ज्ञात कीजिए।
यदि साइनिक अम्ल (HCNO) के 0.1 M विलयन की pH, 2.34 हो, तो अम्ल के आयनन स्थिरांक तथा आयनन की मात्रा ज्ञात कीजिए।
यदि नाइट्रस अम्ल का आयनन स्थिरांक 4.5 × 10-4 है, तो 0.04 M सोडियम नाइट्राइट विलयन की pH तथा जलयोजन की मात्रा ज्ञात कीजिए।
यदि पिरीडिनीयम हाइड्रोजन क्लोराइड के 0.02 M विलयन का pH 3.44 है तो पिरीडीन का आयनन स्थिरांक ज्ञात कीजिए।
निम्नलिखित लवणों के जलीय विलयनों के उदासीन, अम्लीय तथा क्षारीय होने की प्रागुक्ति कीजिए-
NaCI, KBr, NaCN, NH4NO3, NaNO2 तथा KF
क्लोरोऐसीटिक अम्ल का आयनन स्थिरांक 1.35 × 10-3 है। 0.1 M अम्ल तथा इसके 0.1 M सोडियम लवण की pH ज्ञात कीजिए।
310 K पर जल का आयनिक गुणनफल 2.7 × 10-14 है। इसी तापक्रम पर उदासीन जल की pH ज्ञात कीजिए।
निम्नलिखित मिश्रण की pH परिकलित कीजिए-
0.2 M Ca(OH)2 का 10 mL + 0.1 M HCI का 25 mL
निम्नलिखित मिश्रण की pH परिकलित कीजिए-
0.01 M H2SO4 का 10 mL + 0.01 M Ca(OH)2 का 10 mL
निम्नलिखित मिश्रण की pH परिकलित कीजिए-
0.1 M H2SO4 का 10 mL + 0.1 M KOH का 10 mL
सिल्वर क्रोमेट, बेरियम क्रोमेट, फेरिक हाइड्रॉक्साइड, लेड क्लोराइड तथा मर्क्युरस आयोडाइड विलयन के 298 K पर निम्नलिखित दिए गए विलेयता गुणनफल स्थिरांक की सहायता से विलेयता ज्ञात कीजिए तथा प्रत्येक आयन की मोलरता भी ज्ञात कीजिए।
Ag2CrO4 तथा AgBr का विलेयता गुणनफल स्थिरांक क्रमशः 1.1 × 10-12 तथा 5.0 × 10-13 हैं। उनके संतृप्त विलयन की मोलरता का अनुपात ज्ञात कीजिए।
यदि 0.002 M सांद्रतावाले सोडियम आयोडेट तथा क्यूप्रिक क्लोरेट विलयन के समान आयतन को मिलाया जाए तो क्या कॉपर आयोडेट का अवक्षेपण होगा? (कॉपर आयोडेट के लिए Ksp = 7.4 × 10-8)
बेन्जोईक अम्ल का आयनन स्थिरांक 6.46 × 10-5 तथा सिल्वर बेन्जोएट का Ksp 2.5 × 10-13 है। 3.19 pH वाले बफर विलयन में सिल्वर बेन्जोएट जल की तुलना में कितना गुना विलेय होगा?
फैरस सल्फेट तथा सोडियम सल्फाइड के सममोलर विलयनों की अधिकतम सांद्रता बताइए जब उनके समान आयतन मिलाने पर आयरन सल्फाइड अवक्षेपित न हो।
(आयरन सल्फाइड के लिए Ksp = 6.3 × 10-18)।
1 ग्राम कैल्सियम सल्फेट को घोलने के लिए कम से कम कितने आयतन जल की आवश्यकता होगी? (कैल्सियम सल्फेट के लिए Ksp = 9.1 × 10-6)
0.1 M HCI में हाइड्रोजन सल्फाइड से संतृप्त विलयन की सांद्रता 1.0 × 10-19 M है। यदि इस विलयन का 10 mL निम्नलिखित 0.04 M विलयन के 5 mL में डाला जाए तो किन विलयनों से अवक्षेप प्राप्त होगा? FeSO4, MnCl2, ZnCl2 एवं CdCl2
Solutions for 7: साम्यावस्था
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NCERT solutions for Chemistry - Part 1 and 2 [Hindi] Class 11 chapter 7 - साम्यावस्था
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