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बेन्जोईक अम्ल का आयनन स्थिरांक 6.46 × 10-5 तथा सिल्वर बेन्जोएट का Ksp 2.5 × 10-13 है। 3.19 pH वाले बफर विलयन में सिल्वर बेन्जोएट जल की तुलना में कितना गुना विलेय होगा? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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Question

बेन्जोईक अम्ल का आयनन स्थिरांक 6.46 × 10-5 तथा सिल्वर बेन्जोएट का Ksp 2.5 × 10-13 है। 3.19 pH वाले बफर विलयन में सिल्वर बेन्जोएट जल की तुलना में कितना गुना विलेय होगा?

Numerical

Solution

\[\ce{\underset{s}{C6H5COOAg} <=> \underset{s}{C6H5COO-} + \underset{s}{Ag+}}\]

H2O में विलेयता s = `sqrt("K"_"sp") = sqrt(2.5 xx 10^-13)`

= 5.0 × 10-17 mol L-1

pH = 3.19 वाले बफर विलयन में विलेयता

- log [H+] = 3.19

[H+] = antilog (- 3.19) = 6.45 × 10-4 mol L-1 

बफर विलयन में उपस्थिति H+ आयन C6H5COO- आयनों से संयोग करके C6H5COOH बनाते हैं लेकिन विलयन में [H+] स्थिर रहती है क्योंकि विलयन बफर विलयन है।

\[\ce{C6H5COOH <=> C6H5COO- + H+}\]

`therefore "K"_"a" = (["C"_6"H"_5"COO"^-]["H"^+])/(["C"_6"H"_5"COOH"])`

या `(["C"_6"H"_5"COOH"])/(["C"_6"H"_5"COO"^-]) = [["H"^+]]/"K"_"a" = (6.45 xx 10^-4)/(6.46 xx 10^-5)` = 10

माना सिल्वर बेन्जोएट की विलयन में विलेयता s' है।

s' = [Ag+] = [C6H5COO-] + [C6H5COOH]

= [C6H5COO-] + 10 × [C6H5COO-]

= 11[C6H5COO-]

∴ [C6H5COO-] = `"s'"/11`

∴ Ksp = [C6H5COO-][Ag+]

या `2.5 xx 10^-13 = "s'"/11 xx "s'"`

या s'2 = 2.5 × 10-13 × 11

या s' = `sqrt(2.5 xx 10^-13 xx 11) = 1.66 xx 10^-6` mol L-1

∴ `"s'"/"s" = (1.66 xx 10^-6)/(5.0 xx 10^-7)` = 3.32

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अल्पविलेय लवणों की विलेयता साम्यावस्था
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Chapter 7: साम्यावस्था - अभ्यास [Page 234]

APPEARS IN

NCERT Chemistry - Part 1 and 2 [Hindi] Class 11
Chapter 7 साम्यावस्था
अभ्यास | Q 7.70 | Page 234

RELATED QUESTIONS

473 K पर फॉस्फोरस पेंटाक्लोराइड PCl5 के विघटन के लिए Kc का मान 8.3 × 10-3 है। यदि विघटन इस प्रकार दर्शाया जाए, तो
\[\ce{PCl5(g) ⇌ PCl3(g) + Cl2(g)}\]; ∆rH = 124.0 kJ mol-1

यदि

  1. और अधिक PCl5 मिलाया जाए,
  2. दाब बढ़ाया जाए तथा
  3. ताप बढ़ाया जाए, तो Kc पर क्या प्रभाव होगा?

0.005 M कोडीन (C18H21NO3) विलयन की pH 9.95 है। इसका आयनन स्थिरांक ज्ञात कीजिए।


क्लोरोऐसीटिक अम्ल का आयनन स्थिरांक 1.35 × 10-3 है। 0.1 M अम्ल तथा इसके 0.1 M सोडियम लवण की pH ज्ञात कीजिए।


निम्नलिखित मिश्रण की pH परिकलित कीजिए-

0.1 M H2SO4 का 10 mL + 0.1 M KOH का 10 mL


सिल्वर क्रोमेट, बेरियम क्रोमेट, फेरिक हाइड्रॉक्साइड, लेड क्लोराइड तथा मर्क्युरस आयोडाइड विलयन के 298 K पर निम्नलिखित दिए गए विलेयता गुणनफल स्थिरांक की सहायता से विलेयता ज्ञात कीजिए तथा प्रत्येक आयन की मोलरता भी ज्ञात कीजिए।


Ag2CrO4 तथा AgBr का विलेयता गुणनफल स्थिरांक क्रमशः 1.1 × 10-12 तथा 5.0 × 10-13 हैं। उनके संतृप्त विलयन की मोलरता का अनुपात ज्ञात कीजिए।


फैरस सल्फेट तथा सोडियम सल्फाइड के सममोलर विलयनों की अधिकतम सांद्रता बताइए जब उनके समान आयतन मिलाने पर आयरन सल्फाइड अवक्षेपित न हो।
(आयरन सल्फाइड के लिए Ksp = 6.3 × 10-18)।


1 ग्राम कैल्सियम सल्फेट को घोलने के लिए कम से कम कितने आयतन जल की आवश्यकता होगी? (कैल्सियम सल्फेट के लिए Ksp = 9.1 × 10-6)


0.1 M HCI में हाइड्रोजन सल्फाइड से संतृप्त विलयन की सांद्रता 1.0 × 10-19 M है। यदि इस विलयन का 10 mL निम्नलिखित 0.04 M विलयन के 5 mL में डाला जाए तो किन विलयनों से अवक्षेप प्राप्त होगा? FeSO4, MnCl2, ZnCl2 एवं CdCl2


473 K पर फॉस्फोरस पेंटाक्लोराइड PCl5 के विघटन के लिए Kc का मान 8.3 × 10-3 है। यदि विघटन इस प्रकार दर्शाया जाए, तो
\[\ce{PCl5(g) ⇌ PCl3(g) + Cl2(g)}\]; ∆rH = 124.0 kJ mol-1

प्रतीप अभिक्रिया के लिए समान ताप पर Kc का मान क्या होगा?


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