English

25°C पर अभिक्रिया 3OX2(g)↽−−⇀2OX3(g) के लिए Kc का मान 2.0 x 10-50 है। यदि वायु में 25°C ताप पर O2 की साम्यावस्था सांद्रता 1.6 x 10-2 है, तो O3 की सांद्रता क्या होगी? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

25°C पर अभिक्रिया \[\ce{3O2(g) ⇌ 2O3 (g)}\] के लिए Kc का मान 2.0 x 10-50 है। यदि वायु में 25°C ताप पर O2 की साम्यावस्था सांद्रता 1.6 x 10-2 है, तो O3 की सांद्रता क्या होगी?

Numerical

Solution

`"K"_"c" = ["O"_3]^2/["O"_2]^3`

`therefore 2.0 xx 10^-50 = ["O"_3]^2/(1.6 xx 10^-2)^3`

या `["O"_3]^2 = (2.0 xx 10^-50)(1.6 xx 10^-2)^3 = 8.192 xx 10^-56`

या [O3] = 2.86 × 10-28 M

shaalaa.com
साम्य को प्रभावित करने वाले कारक
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 7: साम्यावस्था - अभ्यास [Page 232]

APPEARS IN

NCERT Chemistry - Part 1 and 2 [Hindi] Class 11
Chapter 7 साम्यावस्था
अभ्यास | Q 7.33 | Page 232

RELATED QUESTIONS

437 K ताप पर निर्वात मैं PCI5 का एक नमूना एक फ्लास्क में लिया गया। साम्य स्थापित होने पर PCl5 की सांद्रता 0.5 × 10-1 mol L-1 पाई गई, यदि Kc का मान 8.3 × 10-3 है, तो साम्य पर PCl3 एवं Cl2 की सांद्रताएँ क्या होंगी?

\[\ce{PCl5(g) ⇌ PCl3(g) + Cl2(g)}\]


अभिक्रिया \[\ce{N2(g) + 3H2(g) ⇌ 2NH3(g)}\] के लिए (500 K पर) साम्य स्थिरांक Kc = 0.061 है। एक विशेष समय पर मिश्रण का संघटन इस प्रकार है- 3.0 mol L-1 N2, 2.0 mol L-1 H2 एवं 0.5 mol L-1 NH3 क्या अभिक्रिया साम्य में है? यदि नहीं, तो साम्य स्थापित करने के लिए अभिक्रिया किस दिशा में अग्रसरित होगी?


निम्नलिखित में से साम्य में जब आयतन बढ़ाकर दाब कम किया जाता है, तब बतलाइए कि अभिक्रिया के उत्पाद के मोलों की संख्या बढ़ती है या घटती है या समान रहती है?

\[\ce{3Fe(s) + 4H2O(g) ⇌ Fe3O4(s) + 4H2(g)}\]


निम्नलिखित में से दाब बढ़ाने पर कौन-कौन सी अभिक्रियाएँ प्रभावित होंगी? यह भी बताएँ कि दाब परिवर्तन करने पर अभिक्रिया अग्र या प्रतीप दिशा में गतिमान होगी?

  1. \[\ce{COCl2(g) ⇌ CO(g) + Cl2(g)}\]
  2. \[\ce{CH4(g) + 2S2(g) ⇌ CS2(g) + 2H2S(g)}\]
  3. \[\ce{CO2(g) + C(s) ⇌ 2CO(g)}\]
  4. \[\ce{2H2(g) + CO(g) ⇌ CH3OH(g)}\]
  5. \[\ce{CaCO3(s) ⇌ CaO(s) + CO2(g)}\]
  6. \[\ce{4NH3(g) + 5O2(g) ⇌ 4NO(g) + 6H2O(g)}\]

\[\ce{CO(g) +3H2(g)⇌CH4(g) + H2O(g)}\] अभिक्रिया एक लीटर फ्लास्क में 1300 K पर साम्यावस्था में है। इसमें CO के 0.3 मोल, H2 के 0.01 मोल, H2O के 0.02 मोल एवं CH4 की अज्ञात मात्रा है। दिए गए ताप पर अभिक्रिया के लिए Kc का मान 3.90 है। मिश्रण में CH4 की मात्रा ज्ञात कीजिए।


संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म का क्या अर्थ है? निम्नलिखित स्पीशीज़ के लिए संयुग्मी अम्ल/क्षार बताइए-

HNO2, CN, HClO4, F, OH, \[\ce{CO^{2-}_3}\] एवं S2-


स्पीशीज़ H2O, \[\ce{HCO^-_3}\], \[\ce{HSO^-_4}\] तथा NH3 ब्रन्स्टेद अम्ल तथा क्षारक-दोनों की भाँति व्यवहार करते हैं। प्रत्येक के संयुग्मी अम्ल तथा क्षारक बताइए।


फीनॉल का आयनन स्थिरांक 1.0 × 10-10 है। 0.05 M फीनॉल के विलयन में फीनॉलेट आयन की सांद्रता तथा 0.01 M सोडियम फीनेट विलयन में उसके आयनन की मात्रा ज्ञात कीजिए।


एसिटिक अम्ल का आयनन स्थिरांक 1.74 × 10-5 है। इसके 0.05 M विलयन में वियोजन की मात्रा, ऐसीटेट आयन सांद्रता तथा pH का परिकलन कीजिए।


निम्नलिखित ऊष्माशोषी अभिक्रिया के अनुसार ऑक्सीकरण द्वारा डाइहाइड्रोजन गैस प्राकृतिक गैस से प्राप्त की जाती है-

\[\ce{CH4(g) + H2O(g) ⇌ CO(g) + 3H2(g)}\]

उपर्युक्त अभिक्रिया के लिए Kp का व्यंजक लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×