Advertisements
Advertisements
Question
आबंध लंबाई की परिभाषा दीजिए।
Solution
किसी अणु में आबंधित परमाणुओं के नाभिकों के बीच साम्यावस्था दूरी आबंध लंबाई कहलाती है। आबंध लंबाई के मान सामान्यत: पिकोमीटर (1 pm = 10−12 m) में व्यक्त किए जाते है।
आयनिक यौगिकों में दो आबंधित परमाणुओं के मध्य आबंध लंबाई उनकी आयनिक त्रिज्याओं को जोड़कर प्राप्त की जाती है। इसी प्रकार सहसंयोजी यौगिकों में दो आबंधित परमाणुओं के मध्य आबंध लंबाई उनकी सहसंयोजी (परमाणु) त्रिज्या जोड़कर प्राप्त की जाती है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
आबंध प्रबलता को आबंध कोटि के रूप में आप किस प्रकार व्यक्त करेंगे?
\[\ce{CO^{2-}_3}\] आयन के संदर्भ में अनुनाद के विभिन्न पहलुओं को स्पष्ट कीजिए।
नीचे दी गई संरचनाओं (1 तथा 2) द्वारा H3PO3 को प्रदर्शित किया जा सकता है। क्या ये दो संरचनाएँ H3PO3 के अनुनाद संकर के विहित (केनॉनीकल) रूप माने जा सकते हैं? यदि नहीं, तो उसका कारण बताइए।
![]() |
![]() |
(1) | (2) |
SO3 की अनुनाद संरचनाएँ लिखिए।
यद्यपि Be–H आबंध ध्रुवीय है, तथापि BeH2 अणु का द्विध्रुव आघूर्ण शून्य है। स्पष्ट कीजिए।
NH3 तथा NF3 में किस अणु का द्विध्रुव-आघूर्ण अधिक है और क्यों?
'आबंध कोटि' से आप क्या समझते हैं?
निम्नलिखित में आबंध कोटि का परिकलन कीजिए-
N2, O2, \[\ce{O^+_2}\] तथा \[\ce{O^-_2}\]
NO2 की अनुनाद संरचनाएँ लिखिए।
\[\ce{NO^-_3}\] की अनुनाद संरचनाएँ लिखिए।