Advertisements
Advertisements
Question
NH3 तथा NF3 में किस अणु का द्विध्रुव-आघूर्ण अधिक है और क्यों?
Solution
NH3 तथा NF3, दोनों अणुओं की पिरामिडी आकृति होती है तथा दोनों NH3 (3.0 − 2.1 = 0.9) तथा NF3 (4.0 − 3.0 = 1.0) अणुओं में विद्युत-ऋणात्मकता अंतर भी लगभग समान होता है, परंतु NH3 का द्विध्रुव आघूर्ण (1.46 D), NF3 (0.24 D) की तुलना में अधिक होता है।
इसकी व्याख्या द्विध्रुव आघूर्णो की दिशा में अंतर के आधार पर की जा सकती है। NH3 में नाइट्रोजन परमाणु पर उपस्थित एकाकी इलेक्ट्रॉन-युग्म का कक्षक द्विध्रुव आघूर्ण तीन N–F आबंधों के द्विध्रुव आघूर्णों के परिणामी द्विध्रुव आघूर्ण की विपरीत दिशा में होता है। कक्षक द्विध्रुव आघूर्ण एकाकी इलेक्ट्रॉन-युग्म के कारण N–F आबंध-आघूर्णों के परिणामी द्विध्रुव आघूर्ण के प्रभाव को कम करता है। इसके फलस्वरूप NF3 के अणु का द्विध्रुव आघूर्ण कम होता है।
NH3 में परिणामी द्विध्रुव आघूर्ण = 1.46 D
NF3 में परिणामी द्विध्रुव आघूर्ण = 0.24 D
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
आबंध प्रबलता को आबंध कोटि के रूप में आप किस प्रकार व्यक्त करेंगे?
आबंध लंबाई की परिभाषा दीजिए।
\[\ce{CO^{2-}_3}\] आयन के संदर्भ में अनुनाद के विभिन्न पहलुओं को स्पष्ट कीजिए।
नीचे दी गई संरचनाओं (1 तथा 2) द्वारा H3PO3 को प्रदर्शित किया जा सकता है। क्या ये दो संरचनाएँ H3PO3 के अनुनाद संकर के विहित (केनॉनीकल) रूप माने जा सकते हैं? यदि नहीं, तो उसका कारण बताइए।
![]() |
![]() |
(1) | (2) |
SO3 की अनुनाद संरचनाएँ लिखिए।
यद्यपि Be–H आबंध ध्रुवीय है, तथापि BeH2 अणु का द्विध्रुव आघूर्ण शून्य है। स्पष्ट कीजिए।
'आबंध कोटि' से आप क्या समझते हैं?
निम्नलिखित में आबंध कोटि का परिकलन कीजिए-
N2, O2, \[\ce{O^+_2}\] तथा \[\ce{O^-_2}\]
NO2 की अनुनाद संरचनाएँ लिखिए।
\[\ce{NO^-_3}\] की अनुनाद संरचनाएँ लिखिए।