Advertisements
Advertisements
Question
चाँदी का क्रिस्टलीकरण fcc जालक में होता है। यदि इसकी कोष्ठिका के कोरों की लम्बाई 4.07 x 10-8 cm तथा घनत्व 10.5 g cm-3 हो तो चाँदी का परमाण्विक द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।
Solution
fcc जालक के लिए Z = 4
कोर की लम्बाई, a = 4.077 x 10-8 cm, घनत्व ρ = 10.5 g cm-3
घनत्व, `rho = "ZM"/("N"_"A" xx "a"^3)/"Z"`
या M = `(rho xx "N"_"A" xx "a"^3)/"Z"`
या M = `(10.5 " g cm"^-3 xx 6.02 xx 10^23 " mol"^-1 xx (4.077 xx 10^-8 " cm"))/4`
=107.14 g mol-1
अतः चाँदी का परमाण्विक द्रव्यमान = 107.14 g mol-1 होगा।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
निम्नलिखित में से किस जालक में उच्चतम संकुलन क्षमता है?
- सरल घनीय,
- अन्तः केन्द्रित घन और
- षट्कोणीय निविड संकुलित जालक।
निम्नलिखित में परमाणुओं की उपसहसंयोजन संख्या क्या है?
(क) एक घनीय निविड संकुलित संरचना
(ख) एक अन्त:केन्द्रित घनीय संरचना।
निम्नलिखित के लिए धातु के क्रिस्टल में संकुलन क्षमता की गणना कीजिए।
सरल घनीय
(यह मानते हुए कि परमाणु एक-दूसरे के सम्पर्क में हैं।)
निम्नलिखित के लिए धातु के क्रिस्टल में संकुलन क्षमता की गणना कीजिए।
अन्त:केन्द्रित घनीय
(यह मानते हुए कि परमाणु एक-दूसरे के सम्पर्क में हैं।)
निम्नलिखित के लिए धातु के क्रिस्टल में संकुलन क्षमता की गणना कीजिए।
फलक-केन्द्रित घनीय
(यह मानते हुए कि परमाणु एक-दूसरे के सम्पर्क में हैं।)
यदि अष्टफलकीय रिक्ति की त्रिज्या हो तथा निविड संकुलन में परमाणुओं की त्रिज्या हो तो r एवं R में सम्बन्ध स्थापित कीजिए।
किस युगल में सर्वाधिक संकुलन क्षमता है?
अभिकथन - fcc की संकुलन क्षमता अधिकतम होती है।
तर्क - fcc संरचना में उपसहसंयोजन संख्या 12 होती है।