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Question
निम्नलिखित के लिए धातु के क्रिस्टल में संकुलन क्षमता की गणना कीजिए।
सरल घनीय
(यह मानते हुए कि परमाणु एक-दूसरे के सम्पर्क में हैं।)
Solution
सरल घनीय जालक में परमाणु केवल घन के कोनों पर उपस्थित होते हैं। घन के किनारों (कोरों) पर कण एक-दूसरे के सम्पर्क में होते हैं। इसलिए घन के कोर अथवा भुजा की लम्बाई ‘a’ और प्रत्येक कण का अर्द्धव्यास r निम्नलिखित प्रकार से सम्बन्धित होता है –
सरल घनीय एकक कोष्टिका। घन के कोर की दिशा में गोले एक- दूसरे के संपर्क में हैं।
a = 2r
घनीय एकक कोष्ठिका का आयतन = a3 = (2r)3 = 8r3
चूँकि सरल घनीय एकक कोष्ठिका में केवल 1 परमाणु होता है।
अतः अध्यासित दिक्स्थान का आयतन = 4/3 πr3
∴ संकुलन क्षमता
= `"एक परमाणु का आयतन"/"घनीय एकक कोष्टिका का आयतन" xx 100`
`= (4/3 pi "r"^3)/(8"r"^3) xx 100`
`= pi/6 xx 100 = 22/(7 xx 6) xx 100`
= 52.38 % = 52.4 %
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