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Question
दिक्स्थान के किसी क्षेत्र में, विद्युत-क्षेत्र सभी जगह z-दिशा के अनुदिश है। परन्तु विद्युत क्षेत्र का परिमाण नियत नहीं है, इसमें एकसमान रूप से z-दिशा के अनुदिश 105 NC-1 प्रति मीटर की दर से वृद्धि होती है। वह निकाय जिसका ऋणात्मक z-दिशा में कुल द्विध्रुव आघूर्ण 10-7 cm के बराबर है, कितना बल तथा बल-आघूर्ण अनुभव करता है?
Numerical
Solution
द्विध्रुव z-अक्ष के अनुदिश संरेखित है; अतः
px = 0, py = 0, pz = - 10-7 cm
तथा `(∂"E")/(∂x) = 0, (∂"E")/(∂"y") = 0, (∂"E")/(∂"z") = 10^5 " NC"^-1 " m"^-1`
∴ द्विध्रुव पर बल F = `"p"_x (∂"E")/(∂x) + "p"_"y" (∂"E")/(∂"y") + "p"_"z" (∂"E")/(∂"z")`
= 0 + 0 + (- 10-7) × 105
⇒ F = - 0.01 N ....(ऋण z-अक्ष की दिशा में)
∵ विद्युत क्षेत्र अक्ष के अनुदिश है तथा `vec"p"`, - z - अक्ष के अनुदिश है; अतः θ = 180°
∴ बल आघूर्ण τ = pE sin 180° = 0
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वैद्युत द्विध्रुव
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Chapter 1: वैद्यत आवेश तथा क्षेत्र - अभ्यास [Page 49]