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एक धातु कार्बोनेट X, एक अम्ल से अभिक्रया कर एक गैस देता है जो एक विलयन Y से गुजारने पर पुनः धातु कार्बोनेट देती है। वहीं दूसरी और एक गैस G जो की ब्राइन के विदयुत - Science (विज्ञान)

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Question

एक धातु कार्बोनेट X, एक अम्ल से अभिक्रिया कर एक गैस देता है जो एक विलयन Y से गुजारने पर पुनः धातु कार्बोनेट देती है। वहीं दूसरी और एक गैस G जो की ब्राइन के विदयुत अपघटन पर ऐनोड पर प्राप्त होती है। शुष्क Y में से प्रवाहित करने पर एक यौगिक Z देती है जिसका उपयोग पेयजल को रोगाणुनाशी करने के लिए होता है। X, Y, G तथा Z को पहचानिए।

Answer in Brief

Solution

ब्राइन के विद्युत् अपघटन के दौरान ऐनोड पर प्राप्त होने वाली गैस G क्लोरीन है। पीने के पानी को कीटाणुरहित करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला यौगिक Z ब्लीचिंग पाउडर है। यह शुष्क बुझे हुए चूने अर्थात Ca(OH)2 के साथ क्लोरीन की अभिक्रिया से बनता है। इसे Y द्वारा निरूपित किया जाता है। इसका अर्थ है कि धातु कार्बोनेट X कैल्शियम कार्बोनेट है। गर्म करने पर, यह CO2 गैस उत्पन्न करता है जो कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड के साथ अभिक्रिया करके X देता है। इसमें शामिल रासायनिक अभिक्रियाएँ सूचीबद्ध हैं: 

`underset(("X"))("CaCO"_3) + underset("(अम्ल)")(2"HCl") -> "CaCl"_2 + "H"_2"O" + "CO"_2`

`underset("(Y)")("Ca"("OH")_2) + "CO"_2 -> underset ((x))("CaCO"_3) + "H"_2"O"`

`"Ca"("OH")_2 + underset("(ब्राइन से)")underset("(G)") -> underset("ब्लीचिंग पाउडर")underset("(Z)")("CaOCl"_2) + "H"_2"O"`

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अम्ल एवं क्षारक के रासायनिक गुणधर्म समझना
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Chapter 2: अम्ल, क्षारक एवं लवण - Exemplar [Page 17]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Science [Hindi] Class 10
Chapter 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण
Exemplar | Q 45. | Page 17

RELATED QUESTIONS

कोई धातु यौगिक ‘A’ तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है तो बुदबुदाहट उत्पन्न होती है। इससे उत्पन्न गैस जलती मोमबत्ती को बुझा देती है। यदि उत्पन्न यौगिकों में एक से कैल्सियम क्लोराइड हैं, तो इस अभिक्रिया के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।


कोई विलयन अंडे के पिसे हुए कवच से अभिक्रिया कर एक गैस उत्पन्न करता है जो चूने के पानी को दुधिया कर देती है। इस विलयन में क्या होगा?


NaOH का 10 mL विलयन, HCl के 8 mL विलयन से पूर्णतः उदासीन हो जाता है। यदि हम NaOH के उसी विलयन का 20 mL लें तो इसे उदासीन करने के लिए HCl के उसी विलयन की कितनी मात्रा की आवश्यकता होगी?


उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है?


क्या होता है जब एक परखनली में एक अम्ल का विलयन, एक क्षार के विलयन के साथ मिलाया जाता है?

  1. विलयन का ताप बढ़ता है
  2. विलयन का ताप घटता है
  3. विलयन का ताप समान रहता है
  4. लवण का निर्माण होता है

एक अम्ल तथा एक क्षारक के जलीय विलयन के लिए कौन-से कथन सत्य हैं?

  1. pH जितनी उच्च होगी, अम्ल उतना ही प्रबल होगा
  2. pH जितनी उच्च होगी, अम्ल उतना ही दुर्बल होगा
  3. pH जितनी कम होगी, अम्ल उतना ही प्रबल होगा
  4. pH जितनी कम होगी, अम्ल उतना ही दुर्बल होगा

दॄष्टि दोष युक्त विद्यार्थी के लिए निम्नलिखित में से किसको अम्ल-क्षारक सूचक के रूप में प्रयुक्त कर सकते हैं?


विद्युत्-अपघट्य के विद्युत चालकता के प्रदर्शन के प्रयास के लिए निम्नलिखित उपकरण लगाया गया।

निम्नलिखित में से कौन-सा (कौन-से) कथन सत्य है (हैं)?

  1. बल्ब नहीं चमकेगा क्योंकि विद्युत अपघट्य अम्ल नहीं है।
  2. बल्ब चमकेगा क्योंकि NaOH एक प्रबल क्षार है तथा चालन के लिए आयन उपलब्ध कराएगा।
  3. बल्ब नहीं चमकेगा क्योंकि परिपथ अपूर्ण है।
  4. बल्ब नहीं चमकेगा क्योंकि यह विद्युत-अपघट्य के विलयन के प्रकार पर निर्भर करता है।

क्लोर-क्षारक प्रक्रम में अभिक्रिया के सही प्रदर्शन को पहचनिए।


उदासीनीकरण अभिक्रिया के दो उदाहरण दीजिए।


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