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कबीर ने ईश्वर को 'सब स्वाँसों की स्वाँस में' क्यों कहा है? - Hindi Course - A

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Question

कबीर ने ईश्वर को 'सब स्वाँसों की स्वाँस में' क्यों कहा है?

One Line Answer

Solution

'सब स्वाँसों की स्वाँस में' से कवि का तात्पर्य यह है कि ईश्वर कण-कण में व्याप्त हैं, सभी मनुष्यों के अंदर हैं। जब तक मनुष्य की साँस (जीवन) है तब तक ईश्वर उनकी आत्मा में हैं।

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पद्य (Poetry) (Class 9 A)
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Chapter 9: साखियाँ एवं सबद - प्रश्न अभ्यास [Page 93]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
Chapter 9 साखियाँ एवं सबद
प्रश्न अभ्यास | Q 10 | Page 93

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