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Question
किसी आदर्श गैस का एक मोल (ग्राम अणुक) मानक ताप व दाब पर 22.4 L आयतन (ग्राम अणुक आयतन) घेरता है। हाइड्रोजन के ग्राम अणुक आयतन तथा उसके एक मोल के परमाण्विक आयतन का अनुपात क्या है? (हाइड्रोजन के अणु की आमाप लगभग `1dot"A" "मानिए"`)। यह अनुपात इतना अधिक क्यों है?
Numerical
Solution
एक मोल हाइड्रोजन गैस का आयतन = 22.4
L =22.4 x 10-3 m3
जबकि 1 मोल हाइड्रोजन गैस का परमाण्विक आयतन =3.15 x 10-7 m3
∴ `"1 मोल हाइड्रोजन का आयतन" / "1 मोल हाइड्रोजन गैस का परमाण्विक आयतन"`
= `(22.4 xx 10^-3 "m"^3)/(3.15 xx 10^-7 "m"^3)`
= `7.11 xx 10^4`
अतः अभीष्ट अनुपात 7.11 × 104 : 1 है।
इसे अनुपात का मान इतना अधिक होने का अर्थ है कि गैस का आयतन उसमें उपस्थित अणुओं के वास्तविक आयतन की तुलना में बहुत अधिक होता है। इसका अन्य अर्थ यह है कि गैस के अणुओं के बीच बहुत अधिक खाली स्थान होता है।
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विमीय सूत्र एवं विमीय समीकरणें
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