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किसी लंबी सीधी परिनालिका में धारा प्रवाहित करने पर इसके दोनों सिरों पर N तथा S ध्रुव बन जाते हैनिम्न में से कौन-सा असत्य प्रकथन है? - Science (विज्ञान)

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Question

किसी लंबी सीधी परिनालिका में धारा प्रवाहित करने पर इसके दोनों सिरों पर N तथा S ध्रुव बन जाते हैनिम्न में से कौन-सा असत्य प्रकथन है?

Options

  • परिनालिका के भीतर क्षेत्र रेखाएँ, सरल रेखाओं के रूप में होती हैं जो यह निर्दिष्ट करता हैं कि परिनालिका के भीतर सभी बिंदुओं पर चुंबकीय क्षेत्र समान होता है

  • परिनालिका के भीतर उत्पन्न प्रबल चुंबकीय क्षेत्र का उपयोग चुंबकीय पदार्थ जैसे नर्म लोहे के टुकड़ों को, परिनालिका के भीतर रखकर, चुंबकित करने में किया जा सकता है

  • परिनालिका से संबद्ध चुंबकीय क्षेत्र का पैटर्न छड़ चुंबक के चारों ओर के चुंबकीय क्षेत्र के पैटर्न से भिन्न होता है

  • परिनालिका में प्रवाहित धारा की दिशा उत्क्रमित करने पर N तथा S ध्रुवों की अदला-बदली हो जाती है

MCQ

Solution

परिनालिका से संबद्ध चुंबकीय क्षेत्र का पैटर्न छड़ चुंबक के चारों ओर के चुंबकीय क्षेत्र के पैटर्न से भिन्न होता है

स्पष्टीकरण -

विकल्प (a), (b) और (d) सही हैं। केवल विकल्प (c) गलत है क्योंकि परिनालिका और दंड चुंबक के कारण चुंबकीय क्षेत्र का पैटर्न लगभग समान है।

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किसी विद्युत धारावाही चालक के कारण चुंबकीय क्षेत्र
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Chapter 13: विद्दुत धारा के चुंबकीय प्रभाव - Exemplar [Page 97]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Science [Hindi] Class 10
Chapter 13 विद्दुत धारा के चुंबकीय प्रभाव
Exemplar | Q 4. | Page 97

RELATED QUESTIONS

यदि चित्र की व्यवस्था में प्लग से कुंजी निकाल कर (परिपथ को खोल कर) क्षैतिज तल ABCD पर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ खींचें तो ये रेखाएँ होती हैं :


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  1. एल्फा कणों तथा 
  2. न्यूट्रॉनों 

के पतले पुंजों के गति करने पर भी इन पुंजों के चारों ओर इसी प्रकार के चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होंगे। अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए। 


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