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यदि चित्र की व्यवस्था में प्लग से कुंजी निकाल कर (परिपथ को खोल कर) क्षैतिज तल ABCD पर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ खींचें तो ये रेखाएँ होती हैं : - Science (विज्ञान)

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Question

यदि चित्र की व्यवस्था में प्लग से कुंजी निकाल कर (परिपथ को खोल कर) क्षैतिज तल ABCD पर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ खींचें तो ये रेखाएँ होती हैं :

Options

  • संकेंद्री वृत्त

  • दीर्घवृत्ताकार

  • एक दूसरे के समांतर सरल रेखाएँ

  • बिंदु O के निकट संकेंद्री वृत्त परंतु दूर जाने पर दीर्घवृत्ताकार

MCQ

Solution

एक दूसरे के समांतर सरल रेखाएँ

स्पष्टीकरण -

यदि कुंजी को बाहर निकाल दिया जाए तो धारा रुक जाएगी और चालक के कारण कोई चुंबकीय क्षेत्र मौजूद नहीं होगा। इसलिए, बिंदु O पर, पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र होगा और वे एक दूसरे के समानांतर सीधी रेखाएँ होंगी। 

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किसी विद्युत धारावाही चालक के कारण चुंबकीय क्षेत्र
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Chapter 13: विद्दुत धारा के चुंबकीय प्रभाव - Exemplar [Page 97]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Science [Hindi] Class 10
Chapter 13 विद्दुत धारा के चुंबकीय प्रभाव
Exemplar | Q 2. | Page 97

RELATED QUESTIONS

किसी लंबी सीधी परिनालिका में धारा प्रवाहित करने पर इसके दोनों सिरों पर N तथा S ध्रुव बन जाते हैनिम्न में से कौन-सा असत्य प्रकथन है?


चित्र में दर्शाए अनुसार कागज़ के तल में बाएं से दायीं ओर संकेत करते हुए कोई एक समान चुंबकीय क्षेत्र है। चित्र में दर्शाए अनुसार एक इलेक्ट्रॉन तथा एक प्रोटॉन इस चुंबकीय क्षेत्र में गति करते हैं। इलेक्ट्रॉन तथा प्रोटॉन द्वारा अनुभव बलों की दिशाएँ क्या हैं?


चित्र में दर्शायी गयी व्यवस्था में दो कुंडलियाँ किसी अचालक बेलनाकार छड़ पर लिपटी हैं। आरंभ में प्लग में कुंजी नहीं लगी है।इसके पश्चात् प्लग में कुंजी लगाकर फिर हटा ली जाती है। तब ______ 


कोई चुंबकीय दिक्सूची चित्र में दर्शाए अनुसार कागज़ के तल में बिंदु A के समीप रखी है। किसी सीधे धारावाही चालक को बिंदु A से गुजरते हुए किस तल में रखें ताकि दिक्सूची के विक्षेप में कोई परिवर्तन न हो ? किस स्थिति में विक्षेप अधि कतम होगा और क्यों?


धारावाही परिनालिका के उपयोग द्वारा किन अवस्थाओं में स्थायी विद्युत चुंबक प्राप्त किया जाता है? परिपथ आरेख खींचकर उत्तर की पुष्टि कीजिए।


चित्र में दर्शाए अनुसार कागज़ के तल में कोई धारावाही चालक AB स्थित है। इसके द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र के बिंदुओं P तथा 9 पर दिशाएँ क्या हैं? दिया हुआ है कि r1 > r2 है, तब चुंबकीय क्षेत्र की प्रबलता कहाँ पर अधिक होगी?


किसी धारावाही तार के निकट चुंबकीय दिक्सूची रखने पर यह विक्षेप दर्शाती है। यदि तार में प्रवाहित धारा में वृद्धि कर दी जाए, तो दिक्सूची के विक्षेप पर क्या प्रभाव पड़ेगा? कारण सहित उत्तर की पुष्टि कीजिए।


यह स्थापित हो चुका है कि किसी धातु के चालक में विद्युत धारा प्रवाहित होने पर इसके चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न हो जाता है। क्या

  1. एल्फा कणों तथा 
  2. न्यूट्रॉनों 

के पतले पुंजों के गति करने पर भी इन पुंजों के चारों ओर इसी प्रकार के चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होंगे। अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए। 


दिष्ट धारा तथा प्रत्यावती धारा में क्या अंतर है? भारत में उपयोग होने वाली प्रत्यावर्ती धारा की दिशा एक सेकंड में कितनी बार परिवर्तित होती है?


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