English

NCERT Exemplar solutions for Science [Hindi] Class 10 chapter 13 - विद्दुत धारा के चुंबकीय प्रभाव [Latest edition]

Advertisements

Chapters

NCERT Exemplar solutions for Science [Hindi] Class 10 chapter 13 - विद्दुत धारा के चुंबकीय प्रभाव - Shaalaa.com
Advertisements

Solutions for Chapter 13: विद्दुत धारा के चुंबकीय प्रभाव

Below listed, you can find solutions for Chapter 13 of CBSE NCERT Exemplar for Science [Hindi] Class 10.


Exemplar
Exemplar [Pages 97 - 101]

NCERT Exemplar solutions for Science [Hindi] Class 10 13 विद्दुत धारा के चुंबकीय प्रभाव Exemplar [Pages 97 - 101]

Exemplar | Q 1. | Page 97

चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं के संबंध में निम्न में से असत्य प्रकथन का चयन कीजिए :

  • किसी बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा वह होती है जिस ओर किसी चुंबकीय दिक्सूची का उत्तर ध्रुव संकेत करता है

  • चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ बंद वक्र की होती हैं

  • यदि चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ समांतर तथा समदूरस्थ हैं, तो वे शून्य क्षेत्र तीव्रता निरूपित करती हैं

  • चुंबकीय क्षेत्र की आपेक्षिक प्रबलता क्षेत्र रेखाओं की निकटता की कोटि द्वारा दर्शायी जाती है

Exemplar | Q 2. | Page 97

यदि चित्र की व्यवस्था में प्लग से कुंजी निकाल कर (परिपथ को खोल कर) क्षैतिज तल ABCD पर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ खींचें तो ये रेखाएँ होती हैं :

  • संकेंद्री वृत्त

  • दीर्घवृत्ताकार

  • एक दूसरे के समांतर सरल रेखाएँ

  • बिंदु O के निकट संकेंद्री वृत्त परंतु दूर जाने पर दीर्घवृत्ताकार

Exemplar | Q 3. | Page 97

कागज के तल के लंबवत् तल में रखे वृत्ताकार पाश में कुंजी को बंद करने पर धारा प्रवाहित होती है। बिंदु A तथा B (जो कागज़ के तल में तथा पाश के अक्ष पर हैं) से देखने पर पाश में प्रवाहित धारा क्रमशः वामावर्त तथा दक्षिणावर्त है। चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ B से A की ओर संकेत करती हैं। परिणामी चुंबक का उत्तर ध्रुव उस फलक पर होगा जो निकट है 

  • बिंदु A के

  • बिंदु B के

  • बिंदु A के यदि धारा कम है, तथा बिंदु B के यदि धारा अधिक है

  • बिंदु B के यदि धारा कम है, तथा बिंदु A के यदि धारा अधिक है।

Exemplar | Q 4. | Page 97

किसी लंबी सीधी परिनालिका में धारा प्रवाहित करने पर इसके दोनों सिरों पर N तथा S ध्रुव बन जाते हैनिम्न में से कौन-सा असत्य प्रकथन है?

  • परिनालिका के भीतर क्षेत्र रेखाएँ, सरल रेखाओं के रूप में होती हैं जो यह निर्दिष्ट करता हैं कि परिनालिका के भीतर सभी बिंदुओं पर चुंबकीय क्षेत्र समान होता है

  • परिनालिका के भीतर उत्पन्न प्रबल चुंबकीय क्षेत्र का उपयोग चुंबकीय पदार्थ जैसे नर्म लोहे के टुकड़ों को, परिनालिका के भीतर रखकर, चुंबकित करने में किया जा सकता है

  • परिनालिका से संबद्ध चुंबकीय क्षेत्र का पैटर्न छड़ चुंबक के चारों ओर के चुंबकीय क्षेत्र के पैटर्न से भिन्न होता है

  • परिनालिका में प्रवाहित धारा की दिशा उत्क्रमित करने पर N तथा S ध्रुवों की अदला-बदली हो जाती है

Exemplar | Q 5. | Page 98

चित्र में दर्शाए अनुसार कागज़ के तल में बाएं से दायीं ओर संकेत करते हुए कोई एक समान चुंबकीय क्षेत्र है। चित्र में दर्शाए अनुसार एक इलेक्ट्रॉन तथा एक प्रोटॉन इस चुंबकीय क्षेत्र में गति करते हैं। इलेक्ट्रॉन तथा प्रोटॉन द्वारा अनुभव बलों की दिशाएँ क्या हैं?

  • दोनों पर कागज़ के तल की ओर संकेत करते हुए

  • दोनों कागज़ के तल से बाहर की ओर संकेत करते हुए

  • इलेक्ट्रॉन पर कागज़ के तल की ओर तथा प्रोटॉन पर कागज़ के तल से बाहर की ओर संकेत करते हुए

  • इलेक्ट्रॉन पर एक समान चुंबकीय क्षेत्र की दिशा के विपरीत तथा प्रोटॉन पर क्षेत्र की दिशा के अनुदिश संकेत करते हुए

Exemplar | Q 6. | Page 98

व्यापारिक विद्युत मोटरों में निम्नलिखित में से किसका उपयोग नहीं किया जाता है?

  • आर्मेचर को घूर्णित करने के लिए विद्युत चुंबक

  • विद्युतवाही कुंडली में चालक तार के फेरों की प्रभावी अधिक संख्या

  • आर्मेचर को घूर्णित करने के लिए स्थायी चुंबक

  • कुंडली को लपेटने के लिए नर्म लोह या कोड

Exemplar | Q 7. | Page 98

चित्र में दर्शायी गयी व्यवस्था में दो कुंडलियाँ किसी अचालक बेलनाकार छड़ पर लिपटी हैं। आरंभ में प्लग में कुंजी नहीं लगी है।इसके पश्चात् प्लग में कुंजी लगाकर फिर हटा ली जाती है। तब ______ 

  • गैल्वेनोमीटर में सदैव विक्षेप शून्य रहता है।

  • गैल्वेनोमीटर में क्षणिक विक्षेप होता है परंतु यह शीघ्र ही समाप्त हो जाता है तथा प्लग को हटाने पर इस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता

  • गैल्वेनोमीटर में क्षणिक विक्षेप होते हैं जो शीघ्र ही समाप्त हो जाते हैं। ये विक्षेप समान दिशा में होते हैं

  • गैल्वेनोमीटर में क्षणिक विक्षेप होते हैं जो शीघ्र ही समाप्त हो जाते हैंये विक्षेप विपरीत दिशाओं में होते हैं

Exemplar | Q 8. | Page 99

निम्नलिखित में असत्य प्रकथन का चयन कीजिए :

  • प्रेरित धारा की दिशा जानने के लिए फ्लेमिंग दक्षिण हस्त नियम एक सरल नियम है

  • धारावाही चालक के चुंबकीय क्षेत्र की दिशा जानने के लिए दक्षिण हस्त अंगुष्ठ नियम उपयोग किया जाता है

  • दिष्ट तथा प्रत्यावर्ती धाराओं में यह अंतर है कि दिष्ट धारा सदैव एक ही दिशा में प्रवाहित होती है, जबकि प्रत्यावर्ती धारा की दिशा आवर्ती रूप से उत्क्रमित होती है

  • भारत में प्रत्यावर्ती धारा में प्रत्येक `1/50` सेकंड के पश्चात दिशा परिवर्तन होता है

Exemplar | Q 9. | Page 99

चित्र में दर्शाए अनुसार कागज़ के तल में स्थित किसी क्षैतिज तार में पूर्व से पश्चिम की ओर कोई नियत धारा प्रवाहित हो रही है। चुंबकीय क्षेत्र की दिशा उत्तर से दक्षिण की ओर उस बिंदु पर होगी जो ______ 

  • तार के ठीक ऊपर है

  • तार के ठीक नीचे है

  • कागज के तल में तार के उत्तर में स्थित है

  • कागज़ के तल में तार के दक्षिण में स्थित है

Exemplar | Q 10. | Page 99

किसी लंबी सीधी धारावाही परिनालिका के भीतर चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता ______ 

  • केंद्र की अपेक्षा सिरों पर अधिक होती है

  • मध्य में सबसे कम होती है

  • सभी बिंदुओं पर समान होती है

  • एक सिरे से दूसरे सिरे की ओर बढ़ती जाती है

Exemplar | Q 11. | Page 99

AC जनित्र को DC जनित्र में परिवर्तित करने के लिए ______ 

  • विभक्त वलय दिक्परिवर्तक का उपयोग किया जाता है

  • सर्पी वलयों एवं ब्रुशों का उपयोग किया जाता है

  • अधिक प्रबल चुंबकीय क्षेत्र का उपयोग किया जाता है

  • तार के आयताकार पाश का उपयोग किया जाता है

Exemplar | Q 12. | Page 99

घरेलू साधित्रों को लघुपथन अथवा अतिभारण से बचाने के लिए उपयोग किया जाने वाला सर्वाधिक महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय क्या है?

  • भूसंपर्कण

  • फ्यूज़ का उपयोग

  • स्टैबिलाइजर (Stabilizer) का उपयोग

  • विद्युत मीटरों का उपयोग

Exemplar | Q 13. | Page 99

कोई चुंबकीय दिक्सूची चित्र में दर्शाए अनुसार कागज़ के तल में बिंदु A के समीप रखी है। किसी सीधे धारावाही चालक को बिंदु A से गुजरते हुए किस तल में रखें ताकि दिक्सूची के विक्षेप में कोई परिवर्तन न हो ? किस स्थिति में विक्षेप अधि कतम होगा और क्यों?

Exemplar | Q 14. | Page 100

धारावाही परिनालिका के उपयोग द्वारा किन अवस्थाओं में स्थायी विद्युत चुंबक प्राप्त किया जाता है? परिपथ आरेख खींचकर उत्तर की पुष्टि कीजिए।

Exemplar | Q 15. | Page 100

चित्र में दर्शाए अनुसार कागज़ के तल में कोई धारावाही चालक AB स्थित है। इसके द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र के बिंदुओं P तथा 9 पर दिशाएँ क्या हैं? दिया हुआ है कि r1 > r2 है, तब चुंबकीय क्षेत्र की प्रबलता कहाँ पर अधिक होगी?

Exemplar | Q 16. | Page 100

किसी धारावाही तार के निकट चुंबकीय दिक्सूची रखने पर यह विक्षेप दर्शाती है। यदि तार में प्रवाहित धारा में वृद्धि कर दी जाए, तो दिक्सूची के विक्षेप पर क्या प्रभाव पड़ेगा? कारण सहित उत्तर की पुष्टि कीजिए।

Exemplar | Q 17. | Page 100

यह स्थापित हो चुका है कि किसी धातु के चालक में विद्युत धारा प्रवाहित होने पर इसके चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न हो जाता है। क्या

  1. एल्फा कणों तथा 
  2. न्यूट्रॉनों 

के पतले पुंजों के गति करने पर भी इन पुंजों के चारों ओर इसी प्रकार के चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होंगे। अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए। 

Exemplar | Q 18. | Page 100

दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम में अंगूठे की दिशा क्या निर्दिष्ट करती है? यह नियम किस प्रकार फ्लेमिंग वामहस्त नियम से भिन्न है?

Exemplar | Q 19. | Page 100

मीना किसी धारावाही वृत्ताकार पाश के अक्ष के निकट चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ खींचती है। वृत्ताकार पाश के केंद्र से दूर जाने पर वह यह प्रेक्षण करती है कि चुंबकीय रेखाएँ अपसरित हो रही हैं। आप उसके प्रेक्षण का स्पष्टीकरण कैसे करेंगे?

Exemplar | Q 20. | Page 100

किसी सीधी धारावाही परिनालिका के सिरों के निकट चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं का अपसरण क्या निर्दिष्ट करता है?

Exemplar | Q 21. | Page 100

ऐसे चार साधित्रों के नाम लिखिए जिनमें विद्युत मोटर, विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में रुपांतरित करने वाली घूर्णीयुक्ति का उपयोग एक महत्वपूर्ण अवयव के रूप में किया जाता है। विद्युत मोटर किस प्रकार जनित्र से भिन्न होती हैं?

Exemplar | Q 22. | Page 100

सरल विद्युत मीटर में दो स्थिर चालक ब्रुशों की क्या भूमिका होती है?

Exemplar | Q 23. | Page 100

दिष्ट धारा तथा प्रत्यावती धारा में क्या अंतर है? भारत में उपयोग होने वाली प्रत्यावर्ती धारा की दिशा एक सेकंड में कितनी बार परिवर्तित होती है?

Exemplar | Q 24. | Page 100

किसी भी विद्युत साधित्र के साथ श्रेणी क्रम में उपयोग किए जाने वाले फ्यूज़ की क्या भूमिका होती है? किसी निर्धारित अनुमतांक के फ्यूज़ को अधिक अनुमतांक के फ्यूज़ द्वारा प्रतिस्थापित क्यों नहीं करना चाहिए?

Exemplar | Q 25. | Page 100

उत्तर दक्षिण की ओर संकेत करने वाली चुंबकीय दिक्सूची, जिसके समीप कोई चुंबक नहीं हैके निकट कोई छड़ चुंबक अथवा धारावाही पाश लाने पर, विक्षेपित क्यों हो जाती है? चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की परिकल्पना के कुछ प्रमुख लक्षणों का वर्णन कीजिए।

Exemplar | Q 26. | Page 100

नामांकित परिपथ आरेख की सहायता से किसी सीधे लंबे धारावाही चालक तार के चारों ओर की चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के पैटर्न की व्याख्या कीजिए। किसी धारावाही चालक से संबद्ध चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने में दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम किस प्रकार उपयोगी है?

Exemplar | Q 27. | Page 101

किसी वृत्ताकार पाश में प्रवाहित धारा के कारण चुंबकीय क्षेत्र का आरेख खींचिए। ऐसा क्यों है कि n फेरों की किसी वृत्ताकार कुंडली से किसी बिंदु पर उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र एक फेरे द्वारा उसी बिंदु पर उत्पन्न क्षेत्र का n गुना होता है।

Exemplar | Q 28. | Page 101

उस क्रियाकलाप का वर्णन कीजिए जो यह दर्शाता है कि किसी चुंबकीय क्षेत्र में स्थित कोई धारावाही चालक एक बल अनुभव करता है जो उसकी लंबाई तथा बाह्य चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत् होता है। फ्लेमिंग का वामहस्त नियम किसी धारावाही चालक पर लगने वाले बल की दिशा ज्ञात करने में हमारी सहायता किस प्रकार करता है? स्पष्ट कीजिए।

Exemplar | Q 29. | Page 101

किसी सरल विद्युत मोटर का नामांकित परिपथ आरेख खींचकर इसकी कार्यविधि स्पष्ट कीजिए। सरल विद्युत मोटर व्यापारिक मोटरों से किस प्रकार भिन्न होते हैं?

Exemplar | Q 30. | Page 101

वैद्युत चुंबकीय प्रेरण की परिघटना स्पष्ट कीजिए। यह दर्शाने के लिए किसी प्रयोग का वर्णन कीजिए कि जब किसी बंद पाश से गुजरने वाले बाह्य चुंबकीय क्षेत्र में कमी अथवा वृद्धि होती है, तो उस पाश में विद्युतधारा प्रवाहित होती है।

Exemplar | Q 31. | Page 101

नामांकित परिपथ आरेख की सहायता से किसी AC जनित्र की कार्यविधि का वर्णन कीजिए। इसे DC जनित्र में परिवर्तित करने के लिए इस व्यवस्था में क्या परिवर्तन किए जाने चाहिए? 

Solutions for 13: विद्दुत धारा के चुंबकीय प्रभाव

Exemplar
NCERT Exemplar solutions for Science [Hindi] Class 10 chapter 13 - विद्दुत धारा के चुंबकीय प्रभाव - Shaalaa.com

NCERT Exemplar solutions for Science [Hindi] Class 10 chapter 13 - विद्दुत धारा के चुंबकीय प्रभाव

Shaalaa.com has the CBSE Mathematics Science [Hindi] Class 10 CBSE solutions in a manner that help students grasp basic concepts better and faster. The detailed, step-by-step solutions will help you understand the concepts better and clarify any confusion. NCERT Exemplar solutions for Mathematics Science [Hindi] Class 10 CBSE 13 (विद्दुत धारा के चुंबकीय प्रभाव) include all questions with answers and detailed explanations. This will clear students' doubts about questions and improve their application skills while preparing for board exams.

Further, we at Shaalaa.com provide such solutions so students can prepare for written exams. NCERT Exemplar textbook solutions can be a core help for self-study and provide excellent self-help guidance for students.

Concepts covered in Science [Hindi] Class 10 chapter 13 विद्दुत धारा के चुंबकीय प्रभाव are चुंबकीय क्षेत्र, क्षेत्र रेखाएँ, किसी विद्युत धारावाही चालक के कारण चुंबकीय क्षेत्र, सीधे चालक से विद्युत धारा प्रवाहित होने के कारण चुंबकीय क्षेत्र, दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम, विद्युत धारावाही वृत्ताकार पाश के कारण चुंबकीय क्षेत्र, परिनालिका में प्रवाहित विद्युत धारा के कारण चुंबकीय क्षेत्र, चुंबकीय क्षेत्र में किसी विद्युत धारावाही चालक पर बल, विद्युत मोटर, घरेलू विद्युत परिपथ, वैद्युतचुंबकिय प्रेरण, विद्युत जनित्र.

Using NCERT Exemplar Science [Hindi] Class 10 solutions विद्दुत धारा के चुंबकीय प्रभाव exercise by students is an easy way to prepare for the exams, as they involve solutions arranged chapter-wise and also page-wise. The questions involved in NCERT Exemplar Solutions are essential questions that can be asked in the final exam. Maximum CBSE Science [Hindi] Class 10 students prefer NCERT Exemplar Textbook Solutions to score more in exams.

Get the free view of Chapter 13, विद्दुत धारा के चुंबकीय प्रभाव Science [Hindi] Class 10 additional questions for Mathematics Science [Hindi] Class 10 CBSE, and you can use Shaalaa.com to keep it handy for your exam preparation.

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×