English

किसी पनडुब्बी से आबद्ध कोई ‘सोनार निकाय 40.0 kHz आवृत्ति पर प्रचालन करता है। कोई शत्रु-पनडुब्बी 360 kmh-1 चाल से इस सोनार की ओर गति करती है। - Physics (भौतिक विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

किसी पनडुब्बी से आबद्ध कोई ‘सोनार निकाय 40.0 kHz आवृत्ति पर प्रचालन करता है। कोई शत्रु-पनडुब्बी 360 kmh-1 चाल से इस सोनार की ओर गति करती है। पनडुब्बी से परावर्तित ध्वनि की आवृत्ति क्या है? जल में ध्वनि की चाल 1450 ms-1 लीजिए।

Numerical

Solution

सोनार द्वारा प्रेषित तरंगे की आवृत्ति ν = 40.0 kHz

जल में ध्वनि की चाल υ = 1450 m s-1

शत्रु-पनडुब्बी की चाल `v_1 = 360 "km h"^-1 = 360 xx 5/18 "m s"^-1 = 100 "m s"^-1`

माना शत्रु-पनडुब्बी द्वारा ग्रहण की गई आवृत्ति v1 है।

स्पष्ट है कि श्रोता `v_"o" = 100 "m s"^-1` के वेग से स्थिर स्त्रोत की ओर गतिमान है।

तब `"v"_1 = "v"((v + v_0)/v) = 40.0 ((1450 + 100)/1450)`kHz = 42.75 Hz

अब शत्रु-पनडुब्बी इस आवृत्ति की तरंगों को प्रवर्तित करती है। माना सोनार द्वारा ग्रहण की गई आवृत्ति v2 है।

इस बात स्त्रोत, स्थिर श्रोता (सोनार) की ओर `v_s = 100 "ms"^-1` के वेग से गतिशील है।

`therefore "v"_2 = "v"_1 (v/(v - v_"s"))`

`= 42.65 (1450/(1450 - 100))` kHz

= 45.91 kHz

अतः सोनार द्वारा ग्रहण की गई तरंग की आवृत्ति 45.9 kHz है।

shaalaa.com
प्रगामी तरंगों में विस्थापन संबंध
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 15: तरंगें - अभ्यास [Page 408]

APPEARS IN

NCERT Physics [Hindi] Class 11
Chapter 15 तरंगें
अभ्यास | Q 15.25 | Page 408

RELATED QUESTIONS

300 m ऊँची मीनार के शीर्ष से गिराया गया पत्थर मीनार के आधार पर बने तालाब के पानी से टकराता है। यदि वायु में ध्वनि की चाल 340 ms-1 है तो पत्थर के टकराने की ध्वनि मीनार के शीर्ष पर पत्थर गिराने के कितनी देर बाद सुनाई देगी?(g = 9. 8 ms-2)


दो दृढ़ टेकों के बीच तानित तार अपनी मूल विधा में 45 Hz आवृत्ति से कंपन करता है। इस तार का द्रव्यमान 3.5 × 10-2 kg तथा रैखिक द्रव्यमान घनत्व 40 × 10-2 kg m-1 है।

  1. तार पर अनुप्रस्थ तरंग की चाल क्या है?
  2. तार में तनाव कितना है?

एक सिरे एर खुली तथा दूसरे सिरे पर चलायमान पिस्टन लगी 1 m लंबी नलिका, किसी नियत आवृत्ति के स्रोत (340 Hz आवृत्ति का स्वरित्र द्विभुज) के साथ, जब नलिका में वायु कॉलम 25.5 cm अथवा 79.3 cm होता है तब अनुनाद दर्शाती है। प्रयोगशाला के ताप पर वायु में ध्वनि की चाल का आकलन कीजिए। कोर - प्रभाव को नगण्य मान सकते हैं।


स्पष्ट कीजिए क्यों (अथवा कैसे) :

आँख न होने पर भी चमगादड़ अवरोधकों की दूरी, दिशा, प्रकृति तथा आकार सुनिश्चित कर लेते हैं।


किसी डोरी पर कोई प्रगामी गुणावृत्ति तरंग इस प्रकार व्यक्त की गई है।

y(x, t) = 7.5 sin `(0.0050 x + 12"t" + pi/4)`

  1. x = 1 cm तथा t = 1 s पर किसी बिन्दु का विस्थापन तथा दोलन की चाल ज्ञात कीजिए। क्या यह चाल तरंग संचरण की चाल के बराबर है?
  2. डोरी के उन बिन्दुओं की अवस्थिति ज्ञात कीजिए जिनका अनुप्रस्थ विस्थापन तथा चाल उतनी ही है जितनी x = 1 cm पर स्थित बिन्दु की समय t = 2 s, 5 s तथा 11 s पर है।

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×