English

किसी वस्तु का चद्रंमा पर भार पृथ्वी पर इसके भार का 16 गुणा क्यों होता है? - Science (विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

किसी वस्तु का चद्रंमा पर भार पृथ्वी पर इसके भार का `1/6` गुणा क्यों होता है?

Answer in Brief

Solution

  • पृथ्वी पर किसी वस्तु का भार वो बल है जिससे पृथ्वी उस वस्तु को अपनी ओर आकर्षित करता है।
  • इसी प्रकार, चंद्रमा पर किसी वस्तु का भर वो बल है जिससे चंद्रमा उस वस्तु को आकर्षित करता है। चंद्रमा का द्रव्यमान पृथ्वी से कम होता है, जिसके कारण चंद्रमा वस्तुओं पर कम आकर्षित बल लगता है।
  • चंद्रमा पर गुरुत्वीय त्वरण का मन पृथ्वी पर गुरुत्वीय त्वरण के मन का `1/6` गुणा होता है। इसलिए चंद्रमा पर वस्तु का भार, पृथ्वी के भार का `1/6` गुणा होता है।

हमारे पास है, `g = (GM)/R^2` तथा W = mg

पृथ्वी पर द्रव्यमान m वाले पिंड का भार है,

We = mge

= `m(GM_e)/R_e^2`

चंद्रमा पर द्रव्यमान m वाले पिंड का भार है,

`W_m = mg_m = (mGM_m)/R_m^2`

या `W_m/W_e = M_m/R_m^2 xx R_e^2/M_e`

चूँकि चंद्रमा Mm का द्रव्यमान पृथ्वी Me के द्रव्यमान का `1/100` गुणा है, और चंद्रमा Rm की त्रिज्या `1/4` गुना है।

पृथ्वी की त्रिज्या Re

∴ `W_m/W_e = M_m/M_e (R_e/R_m)^2`

= `1/100 xx (4)^2 ≅ 1/6`

shaalaa.com
द्रव्यमान और भार
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 10: गुरुत्वाकर्षण - प्रश्न 3 [Page 153]

APPEARS IN

NCERT Science [Hindi] Class 9
Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण
प्रश्न 3 | Q 2. | Page 153

RELATED QUESTIONS

किसी वस्तु के द्रव्यमान तथा भार में क्या अंतर है?


पृथ्वी तथा उसकी सतह पर रखी किसी 1 kg की वस्तु के बीच गुरुत्वीय बल का परिणाम क्या होगा? (पृथ्वी का द्रव्यमान 6 ×1024 kg है तथा पृथ्वी की त्रिज्या 6.4 × 106 m है)।


दो वस्तुओं के बीच लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल क्या होगा, यदि दोनों वस्तुओं के द्रव्यमान दोगुने कर दिये जाएँ?


एक कागज की शीट, उसी प्रकार की शीट को मरोड़ कर बनाई गई गेंद से धीमी क्यों गिरती है?


50g के किसी पदार्थ का आयतन 20 cm3 है। यदि पानी का घनत्व 1 gcm−3 हो, तो पदार्थ तैरेगा या डूबेगा?


500g के एक मोहरबंद पैकेट का आयतन 350 cm3 है। पैकेट 1 g cm−3 घनत्व वाले पानी में तैरेगा या डूबेगा? इस पैकेट द्वारा विस्थापित पानी का द्रव्यमान कितना होगा?


एकांक दूरी पर स्थित दो एकांक द्रव्यमानों के बीच आकर्षण बल कहलाता है -


किसी पिंड के भार में उसके द्रव्यमान तथा त्रिज्या के सापेक्ष किस प्रकार परिवर्तन होता है? किसी परिकल्पित प्रकरण में यदि पृथ्वी का व्यास अपने वर्तमान मान का आधा तथा इसका द्रव्यमान अपने वर्तमान मान का चार गुना हो जाए, तो पृथ्वी के पृष्ठ पर रखे किसी पिंड के भार पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?


समान साइज तथा m1 एवं m2 द्रव्यमान के दो पिंड h1 एव h2 ऊँचाइयों से एक ही क्षण गिराए जाते हैं। उनके द्वारा पृथ्वी तक पहुँचने में लिए गए समयों का अनुपात ज्ञात कीजिए। क्या यह अनुपात यही रहेगा यदि एक पिंड खोखला तथा दूसरा ठोस हो, तथा (ii) दोनों पिण्ड खोखले हों तथा प्रत्येक प्रकरण में इनके साइज समान रहें। कारण लिखिए।  कारण लिखिए। 


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×