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क्या आप इस तर्क से सहमत है कि वैश्वीकरण से सांस्कृतिक विभिन्नता बढ़ रही है? - Political Science (राजनीति विज्ञान)

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Question

क्या आप इस तर्क से सहमत है कि वैश्वीकरण से सांस्कृतिक विभिन्नता बढ़ रही है?

Long Answer

Solution

  1. हम इस कथन से सहमत नहीं हैं कि वैश्वीकरण से सांस्कृतिक विभिन्नता बढ़ रही हैं। वस्तुत: इससे दुनिया के विभिन्न भाग सांस्कृतिक दृष्टि से एक दूसरे से नजदीक आ रहे हैं। हम अपने देश का ही उदाहरण लेते हैं हम जो कुछ खाते पीते पहनते हैं अथवा सोचते हैं सब पर इसका असर नजर आता है हम जिन बातों को अपनी पसंद कहते हैं वह बातें भी वैश्वीकरण के असर में तय होती है।
  2. वैश्वीकरण के सांस्कृतिक प्रभाव को देखते हुए इस भय को बल मिला है कि यह प्रक्रिया विश्व की संस्कृतियों को खतरा पहुंचाएगी वैश्वीकरण से यह होता है क्योंकि वैश्वीकरण सांस्कृतिक समरूपता ले आता है सांस्कृतिक समरूपता का यह अर्थ नहीं है कि किसी विश्व संस्कृति का उदय हो रहा है विश्व संस्कृति के नाम पर दरअसल इस विषय पर पश्चिमी संस्कृति लादी जा रहे हैं।
  3. कुछ लोगों का तर्क है कि बर्गर अथवा नीली जींस की लोकप्रियता का नजदीकी रिश्ता अमेरिकी जीवन शैली के गहरे प्रभाव से हैं क्योंकि राजनीतिक और आर्थिक रूप से प्रभावशाली संस्कृति कम ताकतवर समाज पर अपनी छाप छोड़ते हैं और संसार वैसा ही दिखता है वैसा ताकतवर सांस्कृतिक इसे बनाना चाहती है जो यह तर्क देते हैं कि वे अक्सर दुनिया के 'मैक्डोनॉल्डीकरण' की तरफ इशारा करते हैं ऐसा मानना है कि विभिन्न संस्कृतियों और अपने को प्रभुत्वशाली अमेरिकी ढ़रें पर ढलने लगी हैं। चूँकि इससे पूरे विश्व के समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर धीरे-धीरे खत्म होती है इसीलिए यह केवल गरीब देशों के लिए ही नहीं बल्कि समूची मानवता के लिए खतरनाक है।
  4. इसके साथ साथ है यह मान लेना एक भूल है कि वैश्वीकरण के सांस्कृतिक प्रभाव सिर्फ नकारात्मक है। सांस्कृतिक कोई जोड़ वस्तु नहीं होती और संस्कृति और समय बाहरी प्रभाव को स्वीकार करती रहती है कुछ बाहरी प्रभाव नकारात्मक होते हैं क्योंकि इससे हमारी पसंद में कमी आती हैं। कभी-कभी बाहरी प्रभावों से हमारी पसंद ना पसंद का दायरा बढ़ता है तो कभी इनसे परंपरागत सांस्कृतिक मूल्यों को छोड़े बिना सांस्कृतिक का कोई कारण होता है बर्गर मसाला डोसा का विकल्प नहीं है इसीलिए बर्गर से वस्तुत: कोई खतरा नहीं है इससे कुछ मात्रा इतना है कि हमारे भोजन की पसंद में एक चीज और शामिल हो गई है।
  5. दूसरी तरफ, नीली जींस भी हथकरधा पर बुने खादी के कुर्ते के साथ खूब चलती है। यहां हम बाहरी प्रभाव से एक अनूठी बात देखते हैं कि नीली जींस के ऊपर खादी का कुर्ता पहना जा रहा है मजेदार बात तो यह है कि इस अनूठे पहनावे को उसी देशों को निर्यात किया जा रहा है जिसने हमें नीली जींस दी है जींस के ऊपर कुर्ता पहन ने अमेरिकियों को देखा ना अब संभव है।
  6. सांस्कृतिक समरूपता वैश्वीकरण का अगर एक पक्ष है तो उसी प्रक्रिया से ठीक इसका उल्टा प्रभाव भी पैदा हुआ है वैश्वीकरण से हर संस्कृति कहीं ज्यादा अलग और विशिष्ट होती जा रही है इसी प्रक्रिया को सांस्कृतिक वैश्वीकरण कहते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि संस्कृतियों के मेलजोल में उनकी ताकत का सवाल गैण है परंतु इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए कि सांस्कृतिक प्रभाव एक तरफा नहीं होता।
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सांस्कृतिक प्रभाव
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Chapter 9: वैश्वीकरण - प्रश्नावली [Page 148]

APPEARS IN

NCERT Political Science [Hindi] Class 12
Chapter 9 वैश्वीकरण
प्रश्नावली | Q 10. | Page 148
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