English

लौह छीलन तथा सल्फर को आपस में मिश्रित कर 'A' तथा 'B' दो भागों में बाँटा गया। भाग 'A' को तेज गरम किया गया जबकि भाग B को गरम नहीं किया गया। दोनों भागों में हाइड्रोक्लोरिक - Science (विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

लौह छीलन तथा सल्फर को आपस में मिश्रित कर 'A' तथा 'B' दो भागों में बाँटा गया। भाग 'A' को तेज गरम किया गया जबकि भाग B को गरम नहीं किया गया। दोनों भागों में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल मिलाया तथा दोनों स्थितियों में गैस निकली। इन उत्सर्जित गैसों को आप कैसे पहचानेंगे?

Answer in Brief

Solution

भाग ‘A’ को तीव्र गर्म करने पर आयरन सल्फाइड बनता है जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से क्रिया करके रंगहीन सड़े हुए अंडों की गंध वाली हाइड्रोजन सल्फाइड गैस निकालता है जबकि ‘B’ में लोह छीलन होती है जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से क्रिया करके रंगहीन, गंधहीन हाइड्रोजन गैस निकालती है।
इस प्रकार गंध के आधार पर दोनों गैसों की पहचान करेंगे।

shaalaa.com
पृथक्करण की विधियाँ - प्रभाजी आसवन
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 2: क्या हमारे आस-पास के पदार्थ शुद्ध हैं? - प्रश्नावली [Page 17]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Science [Hindi] Class 9
Chapter 2 क्या हमारे आस-पास के पदार्थ शुद्ध हैं?
प्रश्नावली | Q 35. | Page 17

RELATED QUESTIONS

निम्नलिखित अभिलक्षणों वाले प्रत्येक मिश्रण का एक उदाहरण दीजिए। इन मिश्रणों के अवयवों को पृथक करने की एक उपयुक्त विधि सुझाइए। 

अवयवों में से एक जो ठोस से सीधे गैसीय अवस्था में परिवर्तित हो


निम्नलिखित अभिलक्षणों वाले प्रत्येक मिश्रण का एक उदाहरण दीजिए। इन मिश्रणों के अवयवों को पृथक करने की एक उपयुक्त विधि सुझाइए। 

किसी विलायक में घुले दो या दो से अधिक रंगीन अवयव


क्वथनांक में 25K अथवा उससे कम अंतर वाले मिश्रणीय द्रवों को पृथक करने के लिए प्रयुक्त विधि प्रभाजी आसवन है। प्रभाजी आसवन के उपकरण का कौन-सा भाग इसे दक्ष बनाता है तथा सामान्य आसवन से अधिक प्रभावकारी है। चित्र बनाकर समझाइए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×