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माघ महीने में विरहिणी को क्या अनुभूति होती है? - Hindi (Elective)

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Question

माघ महीने में विरहिणी को क्या अनुभूति होती है?

Answer in Brief

Solution

माघ के महीने में ठंड अपने विकराल रूप में विद्यमान होती है। चारों और पाला अर्थात कोहरा छाने लगता है। विरहिणी के लिए यह स्थिति भी कम कष्टप्रद नहीं है। इसमें विरह की पीड़ा मौत के समान होती है। यदि पति की अनुपस्थिति इसी तरह रही, तो माघ मास की ठंड उसे अपने साथ ही ले जाकर मानेगी। यह मास उसके मन में काम की भावना को जागृत करता है। वह प्रियतम से मिलने को व्याकुल हो उठती है। इसी बीच इस मास में होने वाली वर्षा उसकी व्याकुलता को और भी बड़ा देती है। वर्षा में भीगी हुई नागमती को गीले वस्त्र तथा आभूषण तक तीर के समान चुभ रहे हैं। उसे बनाव-श्रृंगार तक भाता नहीं है। प्रियतम के विरह में तड़पते हुए वह सूख कर कांटा हो रही है। उससे ऐसा लगता है इस विरह में वह इस प्रकार जल रही है कि उसका शरीर राख के समान उड़ ही जाएगा।

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बारहमासा
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Chapter 1.08: मलिक मुहम्मद जायसी (बरहमासा) - प्रश्न-अभ्यास [Page 51]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Antara Class 12
Chapter 1.08 मलिक मुहम्मद जायसी (बरहमासा)
प्रश्न-अभ्यास | Q 3. | Page 51

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