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निम्नलिखित पंक्तियों की व्याख्या कीजिए-रकत ढरा माँसू गरा, हाड़ भए सब संख।धिन सारस होई ररि मुई, आइ समेटहु पंख। - Hindi (Elective)

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Question

निम्नलिखित पंक्तियों की व्याख्या कीजिए-
रकत ढरा माँसू गरा, हाड़ भए सब संख।धिन सारस होई ररि मुई, आइ समेटहु पंख।

Short Note

Solution

प्रस्तुत पंक्तियों में नागमती अपने प्रियतम को अपनी विरह रूपी दशा का वर्णन कर रही है। वह कहती है कि हे प्रियतम! तुमसे अलग होने पर मेरी दशा बहुत ही खराब हो गई है। मैं तुम्हारे वियोग में इतना रोई हूँ कि मेरी आँखों से आँसू रूप में सारा रक्त बाहर निकल गया है। इसी तरह तड़पते हुए मेरा सारा माँस भी गल गया है और मेरी हड्डियाँ शंख के जैसे श्वेत दिखाई दे रही है। वह आगे कहती है कि तुम्हारा नाम लेते-लेते में सारसों की जोड़ी के समान तड़प-तड़पकर मर गई हूँ। इस समय मैं मृत्यु के समीप हूँ। अतः तुम शीघ्र आकर मेरे पंखों को समेट लो।

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बारहमासा
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Chapter 1.08: मलिक मुहम्मद जायसी (बरहमासा) - प्रश्न-अभ्यास [Page 52]

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NCERT Hindi - Antara Class 12
Chapter 1.08 मलिक मुहम्मद जायसी (बरहमासा)
प्रश्न-अभ्यास | Q 5. (ख) | Page 52

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