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Question
निम्नलिखित प्रक्रियाओं का वर्णन कीजिए -
रासायनिक सिनेप्स द्वारा तंत्रिका आवेगों का संवहन
Answer in Brief
Solution
अक्षतन्तु के अन्तिम छोर पर स्थित अन्त्य बटन तथा अन्य तन्त्रिका कोशिका के डेन्ड्राइट के मध्य एक युग्मानुबन्ध होता है। अत: इस स्थान पर आवेग का संचरण विशेष रासायनिक पदार्थ ऐसीटिलकोलीन नामक न्यूरोहॉर्मोन के द्वारा होता है।
आवेग के प्राप्त होने पर अन्त्य बटन में उपस्थित स्रावी पुटिकाएँ ऐसीटिलकोलीन स्रावित करती हैं। यही पदार्थ दूसरी तन्त्रिका कोशिका के डेण्ड्राईट में कार्यात्मक विभव को स्थापित कर देता है।
अब यही विभव, आवेग के रूप में अगले तन्त्रिका तन्तु की सम्पूर्ण लम्बाई में आगे बढ़ता जाता है। इस प्रकार, ऐसीटिलकोलीन एक रासायनिक दूत की तरह कार्य करता है।
बाद में, ऐसीटिलकोलीन कोएन्जाइम ऐसीटिलकोलीनेस्टेरेज द्वारा विघटित कर दिया जाता है।
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तंत्रिकोशिका (न्यूरॉन) तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई - तंत्रिका आवेगों की उत्पत्ति व संचरण
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