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निम्नलिखित प्रक्रियाओं का वर्णन कीजिए - तंत्रिका तंतु की झिल्ली का विध्रुवीकरण - Biology (जीव विज्ञान)

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Question

निम्नलिखित प्रक्रियाओं का वर्णन कीजिए - 

तंत्रिका तंतु की झिल्ली का विध्रुवीकरण

Explain

Solution

  • जब एक तन्त्रिका तन्तु को श्रेशहोल्ड उद्दीपन दिया जाता है तो न्यूरीलेमा की पारगम्यता बदल जाती है। यह Na+ के लिए अधिक पारगम्य हो जाती है और K+ के लिए अपारगम्य हो जाती है।
  • इसके फलस्वरूप तन्त्रिका तन्तु विश्राम कला विभव की ऊर्जा का प्रेरणा संचरण के लिए उपयोग करने में सक्षम होते हैं। तन्त्रिका तन्तु को उद्दीपित करने पर इसके विश्राम कला विभव की ऊर्जा एक विद्युत प्रेरणा के रूप में, तन्तु के क्रियात्मक कला विभव में बदल जाती है। यह विद्युत प्रेरणा तन्त्रिकीय प्रेरणा होती है।
  • Na+ ऐक्सोप्लाज्म में तेजी से प्रवेश करने लगते हैं, इसके फलस्वरूप तन्त्रिका तन्तु का विध्रुवीकरण होने लगता है। विध्रुवीकरण के फलस्वरूप न्यूरीलेमा की भीतरी सतह पर धनात्मक और बाह्य सतह पर ऋणात्मक विद्युत आवेश स्थापित हो जाता है। यह स्थिति विश्राम अवस्था के विपरीत होती है।
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Chapter 18: तंत्रिकीय नियंत्रण एवं समन्वय - अभ्यास [Page 237]

APPEARS IN

NCERT Biology [Hindi] Class 11
Chapter 18 तंत्रिकीय नियंत्रण एवं समन्वय
अभ्यास | Q 3. (ब) | Page 237
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