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‘नियम और उपनियमों के ये बंधन टूक-टूक हो जाएँ’ इस पंक्‍ति द्वारा कवि सूचित करना चाहते हैं... - Hindi [हिंदी]

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Question

‘नियम और उपनियमों के ये बंधन टूक-टूक हो जाएँ’ इस पंक्‍ति द्वारा कवि सूचित करना चाहते हैं...

Answer in Brief

Solution

"नियम और उपनियमों के ये बंधन टूक-टूक हो जाएँ" इस पंक्ति के माध्यम से कवि यह भावना व्यक्त कर रहे हैं कि वे सोचते हैं कि नियमों और उपनियमों के कठिन और सख्त बंधन हो गए हैं, जिन्होंने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अवसरों को प्रतिबंधित कर दिया है। "टूक-टूक हो जाएँ" शब्द इसका सुझाव देते हैं कि ये बंधन बहुत प्रतिबंधक हैं और इन्हें तोड़ने का समय आ गया है। यह कवि की ओर से व्यक्तिगत स्वतंत्रता, सोचने की स्वतंत्रता, और नये दिशाओं की ओर बढ़ने की इच्छा को दर्शाता है। वे नियमों और उपनियमों को सख्ती से मानने का समय पर सवाल उठाते हैं, ताकि वे अपने आप को स्वतंत्रता और स्वाधीनता की ओर बढ़ा सकें।

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विप्लव गान
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Chapter 2.13: विप्लव गान - स्वाध्याय [Page 114]

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Balbharati Hindi - Kumarbharati 9 Standard Maharashtra State Board
Chapter 2.13 विप्लव गान
स्वाध्याय | Q (१) (ख) | Page 114
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