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पाठ में आए उन प्रसंगों का उल्लेख कीजिए जिनसे फ़ादर बुल्के का हिंदी प्रेम प्रकट होता है? - Hindi Course - A

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Question

पाठ में आए उन प्रसंगों का उल्लेख कीजिए जिनसे फ़ादर बुल्के का हिंदी प्रेम प्रकट होता है?

Short Note

Solution

फ़ादर बुल्के का हिंदी भाषा संस्कृति के प्रति विशेष झुकाव था —

  1. भारत आकर उन्होंने कलकत्ता से हिंदी में बी.ए. तथा इलाहाबाद से एम.ए. किया।
  2. उन्होंने "रामकथा  : उत्पत्ति और विकास।" पर शोध कर पी.एच.डी की उपाधि प्राप्त की।
  3. उन्होंने अपना अंग्रेज़ी-हिंदी शब्दकोश भी तैयार किया।
  4. ब्लूबर्ड का अनुवाद 'नील पंछी' के नाम से तथा बाइबिल का हिंदी अनुवाद किया।
  5. हिंदी को राष्ट्रभाषा के रुप में प्रतिष्ठित करने के लिए उन्होंने अनेक प्रयास किए तथा लोगों को हिंदी भाषा के महत्व को समझाने के लिए विभिन्न तर्क दिए।
  6. हिंदी भाषा की उपेक्षा करने वालों पर उन्हें दु:ख होता था।
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मानवीय करुणा की दिव्य चमक
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Chapter 13: सर्वेश्वर दयाल सक्सेना - मानवीय करुणा की दिव्या चमक - प्रश्न-अभ्यास [Page 88]

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NCERT Hindi - Kshitij Part 2 Class 10
Chapter 13 सर्वेश्वर दयाल सक्सेना - मानवीय करुणा की दिव्या चमक
प्रश्न-अभ्यास | Q 3 | Page 88

RELATED QUESTIONS

लेखक ने फ़ादर बुल्के को 'मानवीय करुणा की दिव्य चमक' क्यों कहा है?


आशय स्पष्ट कीजिए -

नम आँखों को गिनना स्याही फैलाना है।


आशय स्पष्ट कीजिए -

फ़ादर को याद करना एक उदास शांत संगीत को सुनने जैसा है।


'बहुत सुंदर है मेरी जन्मभूमि - रेम्सचैपल।'- इस पंक्ति में फ़ादर बुल्के की अपनी जन्मभूमि के प्रति कौन-सी भावनाएँ अभिव्यक्त होती हैं? आप अपनी जन्मभूमि के बारे में क्या सोचते हैं?


फ़ादर बुल्के की मृत्यु से लेखक आहत क्यों था?


‘परिमल’ क्या है? लेखक को परिमल के दिन क्यों याद आते हैं?


फ़ादर का सान्निध्य पाकर लेखक को ऐसा क्यों लगन्ना कि वह किसी देवदारु वृक्ष की छाया में खड़ा हो?


संन्यासी बनने से पूर्व फ़ादर ने धर्म गुरु के सामने क्या शर्त रखी और क्यों?


फ़ादर बुल्के ने भारत में बसने के लिए क्या आवश्यक समझा? उन्हें किस तरह हासिल किया?
अथवा
भारत आने पर फ़ादर द्वारा शिक्षा-दीक्षा प्राप्ति के सोपानों का क्रमिक वर्णन कीजिए।


‘संन्यासी होने के बाद भी फ़ादर का अपनी माँ से स्नेह एवं प्रेम कम न हुआ’–स्पष्ट कीजिए।


फ़ादर पास्कल ने ऐसा क्यों कहा कि इस धरती से ऐसे और रत्न पैदा हों?


फ़ादर कामिल बुल्के द्वारा भारत को ही अपनी कर्मभूमि चुनने का कारण ‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार परस्पष्ट कीजिए।


‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर लिखिए कि फ़ादर कामिल बुल्के की मृत्यु से बहुत बड़ी संख्या में लोग शोक-संतप्त क्यों हुए?


“फ़ादर कामिल बुल्के का सान्निध्य लेखक के लिए सुखद अनुभूति थी।” कथन का आशय ‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ से क्या संदेश मिलता है? अपने शब्दों में समझाइए।


‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर फ़ादर कामिल बुल्के के व्यक्तित्व के किन्हीं दो पहलुओं का उल्लेख कीजिए, जिनसे आप प्रभावित हैं। इस प्रभाव के उपयुक्त कारण भी स्पष्ट कीजिए।


‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के लेखक और फ़ादर बुल्के के संबंध, आपकी दृष्टि में कैसे थे? इससे फ़ादर के स्वभाव के विषय में क्या कहा जा सकता है?


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