Advertisements
Advertisements
प्रश्न
पाठ में आए उन प्रसंगों का उल्लेख कीजिए जिनसे फ़ादर बुल्के का हिंदी प्रेम प्रकट होता है?
उत्तर
फ़ादर बुल्के का हिंदी भाषा संस्कृति के प्रति विशेष झुकाव था —
- भारत आकर उन्होंने कलकत्ता से हिंदी में बी.ए. तथा इलाहाबाद से एम.ए. किया।
- उन्होंने "रामकथा : उत्पत्ति और विकास।" पर शोध कर पी.एच.डी की उपाधि प्राप्त की।
- उन्होंने अपना अंग्रेज़ी-हिंदी शब्दकोश भी तैयार किया।
- ब्लूबर्ड का अनुवाद 'नील पंछी' के नाम से तथा बाइबिल का हिंदी अनुवाद किया।
- हिंदी को राष्ट्रभाषा के रुप में प्रतिष्ठित करने के लिए उन्होंने अनेक प्रयास किए तथा लोगों को हिंदी भाषा के महत्व को समझाने के लिए विभिन्न तर्क दिए।
- हिंदी भाषा की उपेक्षा करने वालों पर उन्हें दु:ख होता था।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
लेखक ने फ़ादर बुल्के को 'मानवीय करुणा की दिव्य चमक' क्यों कहा है?
आशय स्पष्ट कीजिए -
फ़ादर को याद करना एक उदास शांत संगीत को सुनने जैसा है।
आपके विचार से बुल्के ने भारत आने का मन क्यों बनाया होगा?
'बहुत सुंदर है मेरी जन्मभूमि - रेम्सचैपल।'- इस पंक्ति में फ़ादर बुल्के की अपनी जन्मभूमि के प्रति कौन-सी भावनाएँ अभिव्यक्त होती हैं? आप अपनी जन्मभूमि के बारे में क्या सोचते हैं?
फ़ादर का सान्निध्य पाकर लेखक को ऐसा क्यों लगन्ना कि वह किसी देवदारु वृक्ष की छाया में खड़ा हो?
संन्यासी बनने से पूर्व फ़ादर ने धर्म गुरु के सामने क्या शर्त रखी और क्यों?
भारत आने के लिए पूछने पर फ़ादर क्या जवाब देते थे?
फ़ादर बुल्के ने भारत में बसने के लिए क्या आवश्यक समझा? उन्हें किस तरह हासिल किया?
अथवा
भारत आने पर फ़ादर द्वारा शिक्षा-दीक्षा प्राप्ति के सोपानों का क्रमिक वर्णन कीजिए।
'फ़ादर कामिल बुल्के संकल्प से संन्यासी थे, मन से नहीं।' लेखक के इस कथन के आधार पर सिद्ध कीजिए कि फ़ादर का जीवन परंपरागत संन्यासियों से किस प्रकार अलग था ?
फ़ादर की उपस्थिति लेखक को देवदार की छाया के समान क्यों लगती थी? पाठ के आधार पर सिद्ध कीजिए।
फ़ादर कामिल बुल्के द्वारा भारत को ही अपनी कर्मभूमि चुनने का कारण ‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार परस्पष्ट कीजिए।
‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर लिखिए कि फ़ादर कामिल बुल्के की मृत्यु से बहुत बड़ी संख्या में लोग शोक-संतप्त क्यों हुए?
‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर फ़ादर कामिल बुल्के का अपने शब्दों में रेखाचित्र प्रस्तुत कीजिए।
“फ़ादर कामिल बुल्के को ज़हरबाद से नहीं मरना चाहिए था”- लेखक ने ऐसा क्यों कहा?
‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के लेखक और फ़ादर बुल्के के संबंध, आपकी दृष्टि में कैसे थे? इससे फ़ादर के स्वभाव के विषय में क्या कहा जा सकता है?