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पठित पद के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि रैदास की उनके प्रभु के साथ अटूट संबंध हैं। - Hindi Course - B

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Question

पठित पद के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि रैदास की उनके प्रभु के साथ अटूट संबंध हैं।

Short Answer

Solution

पठित पद से ज्ञात होता है कि रैदास को अपने प्रभु के नाम की रट लग गई है जो अब छुट नहीं सकती है। इसके अलावा कवि ने अपने प्रभु को चंदन, बादल, चाँद, मोती और सोने के समान बताते हुए स्वयं को पानी, मोर, चकोर धाग और सुहागे के समान बताया है। इन रूपों में वह अपने प्रभु के साथ एकाकार हो गया है। इसके साथ कवि रैदास अपने प्रभु को स्वामी मानकर उनकी भक्ति करते हैं। इस तरह उनका अपने प्रभु के साथ अटूट संबंध है।

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पद्य (Poetry) (Class 9 B)
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Chapter 7: रैदास - अब कैसे छूटे राम नाम … ऐसी लाल तुझ बिनु … - अतिरिक्त प्रश्न

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NCERT Hindi - Sparsh Part 1 Class 9
Chapter 7 रैदास - अब कैसे छूटे राम नाम … ऐसी लाल तुझ बिनु …
अतिरिक्त प्रश्न | Q 9

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